हेती: भूकंप के प्रभावितों की याद, भविष्य संवारने में मदद का वादा भी

17 जनवरी 2020

हेती में जनवरी 2010 में आए विनाशकारी भूकंप में लगभग दो लाख 20 लोगों की मौत हो गई थी और तीन लाख से ज़्यादा घायल हुए थे. मृतकों में संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारी भी थे.  केवल 35 सेकंड तक चले 7.0 की तीव्रता वाले उस भूकंप के बाद लगभग 15 लाख लोग बेघर भी हो गए थे. भूकंप के दस वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रभावितों को यूएन मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मान के साथ याद किया गया.

संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में किसी एक घटना में इस विश्व संगठन का ये सबसे बड़ा नुक़सान था. 

12 जनवरी 2010 को आए उस भूकंप में हेती में संयुक्त राष्ट्र मिशन के मुख्यालय वाली इमारत - क्रिस्टोफ़र होटल भी ध्वस्त हो गया था जिसमें संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारियों की मौत हो गई थी. 

उस भूकंप में हताहत लोगों को श्रद्धांजलि देने व परिजनों और प्रभावितों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शुक्रवार, 17 जनवरी को यूएन मुख्यालय में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत करके हताहतों की याद में स्थापित एक स्मरण चिन्ह का अनावरण किया.

इस मौक़े पर महासचिव ने कहा कि हेती के लोग नया वर्ष एक नई उम्मीद के साथ शुरू कर रहे थे लेकिन कुछ ही लम्हों के भूकंप ने उनकी उम्मीदों को धूमिल कर दिया.

उन्होंने कहा कि भूकंप से हुई तबाही ख़बरें जैसे-जैसे यूएन मुख्यालय में पहुँची और जो सदमे व ग़म का माहौल बना, उसे वो कभी नहीं भूल सकते. 

"हम उस भूकंप के शिकार हुए लोगों, उनके परिवार, दोस्तों और उन सभी के प्रति आज गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं, जो आज भी अपना जीवन उस भूकंप के प्रभावों में जी रहे हैं. हम उस भूकंप में जान गँवाने वालों की विरासत के साथ प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए भी अपना संकल्प व्यक्त करते हैं."

महासचिव ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि 12 जनवरी 2010 का दिन हेती के इतिहास में एक काला दिन बनकर रह गया है, मगर हेती ने अपने लोगों के साहस, पक्के इरादे और दोस्तों की मदद के बल पर नई शुरुआत की बुनियाद रखी. रास्ते साफ़ किए गए, घर फिर से बनाए गए, स्कूल फिर शुरू किए गए और कारोबारों को फिर से पटरी पर लाया गया.

यूएन प्रमुख ने अपने भाषण में हेती में संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों की समीक्षा करने पर भी कुछ लम्हे ख़र्च किए.

उन्होंने कहा कि हेती में मदद करने के यूएन के प्रयासों ने उस देश के लोगों के लिए बहुत सी परेशानियाँ भी पैदा की हैं.

उन्होंने 2010 में फैली हैज़ा महामारी की तरफ़ भी ध्यान दिलाया, जिसके बारे में कहा जाता है कि वो वहाँ तैनात किए गए शांतिरक्षकों के कारण फैली.

महासचिव ने कहा, "अनेक चुनौतियों के बीच, संयुक्त राष्ट्र उस हैज़ा महामारी में हुए जानमाल के नुक़सान पर गहरा खेद व्यक्त करता है. मैं उस बीमारी का ख़ात्मा करने के प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करता हूँ.  हम यौन शोषण और दुराचार के लंबित मामलों को सुलझाने के लिए भी संकल्पबद्ध हैं."

उन्होंने कहा कि हेती में हाल के समय में नेतृत्व के मुद्दे पर चले संकट के कारण आर्थिक, राजनैतिक व सामाजिक मोर्चों पर प्रगति बाधित हुई है जिससे देश उथल-पुथल का सामना कर रहा है, आज के दौर में हेती में असुरक्षा व धीमी आर्थिक प्रगति के कारण सामाजिक तनाव बढ़ रहा है जिससे मानवीय स्थिति भी ख़राब हो रही है.

उन्होंने हेती के लोगों से अनुरोध किया कि वो बातचीत के ज़रिए अपने मतभेद भुलाएँ और ऐसे किन्हीं भी हालात से बचें जिससे पिछले दशक के दौरान हासिल की गई प्रगति को नुक़सान पहुँच सकता हो.

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि हेती में संयुक्त राष्ट्र का नया एकीकृत कार्यालय (BINUH), जो 15 वर्ष तक चले शांतिरक्षा मिशन के स्थान पर वजूद में आया है, 19 अन्य एजेंसियों और कार्यक्रमों के साथ मिलकर हेती के लोगों की बेहतरी और ख़ुशहाली के लिए काम करता रहेगा.

30 देशों के नागरिक

यूएन महासचिव ने श्रद्धांजलि सभा में शिरकत करने से पहले मुख्यालय के उत्तरी बाग़ीचे में स्थापित एक नए स्मरण चिन्ह को भी देखा.

इसका नाम ए ब्रैथ (A Breath) है जिसे हेती की राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस से यहाँ लाया गया है.

इस प्रतीक चिन्ह को उसी क्रिस्टोफ़र होटल के मलबे से बनाया गया है जहाँ संयुक्त राष्ट्र का हेती मुख्यालय स्थित था और उस भूकंप में वो होटल ध्वस्त हो गया था जिसमें संयुक्त राष्ट्र के 102 कर्मचारियों की मौत हो गई थी.

UN Photo/Mark Garten
हेती में 2010 में आए विनाशकारी भूकंप की दसवीं वर्षगाँठ के मौक़े पर महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मुख्यालय में एक स्मृति चिन्ह का अनावरण किया, जिसे राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस के उस क्रिस्टोफ़र होटल के मलबे से बनाया जा रहा हैं जहाँ यूएन का हेती मुख्यालय स्थित था.

इस स्मरण चिन्ह को वास्तुकार डेविड डोरमिनो ने बनाया है. ंमहासचिव ने वास्तुकार के साथ उन सभी को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने इसे पोर्ट ओ प्रिंस से न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय तक पहुँचाने में मदद की.

महासचिव ने कहा कि यूएन के कर्मचारी हेती के पुनर्निर्माण, स्थिरताऔर ख़ुशहाली लाने के साथ-साथ शांति व सुरक्षा स्थापित करने में मदद करने के लिए वहाँ मौजूद थे.

साथ ही अन्य अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय साझीदार भी इसी काम में लगे थे. उनमें बहुत से नीति सलाहकार, राजनैतिक अधिकारी, मानवीय सहायताकर्मी, विकास विशेषज्ञ, सुरक्षा अधिकारी, सैनिक, वकील, ड्राइवर्लस और डॉक्टर वग़ैरा शामिल थे.

जब भूकंप आया तो संयुक्त राष्ट्र के बहुत से कर्मचारियों ने राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय हिस्सा लिया और घायलों को संयुक्त राष्ट्र परिसर में पहुँचाया. कुछ को तो अपने सहकर्मियों के शवों को ही उनके प्रियजनों व संबंधियों तक पहुँचाने की निर्मम ज़िम्मेदारी भी निभानी पड़ी.

उस प्राकृतिक आपदा ने हेती और संयुक्त राष्ट्र के एक ही मंच पर ला दिया, "और हम उस हादसे को कभी नहीं भूलेंगे".

मृतकों को सम्मानजनक तरीक़े से याद रखने और उन्हें श्रद्धांजलि देने का सबसे अच्छा तरीक़ा ये है कि हेती के लोगों और वहाँ की सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया जाए, साथ ही हेती के दोस्तों, समर्थकों और तमाम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ भी सहयोग किया जाए.

एकजुट होकर हम हेती के भविष्य को संवार सकते हैं और हेती के तमाम लोगों के लिए शांति, समृद्धि और सम्मान भरी ज़िन्दगी मुहैया करा सकते हैं.

संयुक्त राष्ट्र में हेती के स्थाई प्रतिनिधि पैट्रिक सेंट हिलायर ने हेती सरकार की तरफ़ से इस मौक़े पर शिरकत करते हुए कहा कि दस वर्ष पूरे होने के बाद भी उस भूकंप के चिन्ह हर जगह महसूस किए जा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि हेती के साहसिक लोग उस भूकंप से हुई तबाही की भारी क़ीमत अब भी चुका रहे हैं जिसने हेती को दहलाकर रख दिया था.

यूएन स्टाफ़ यूनियन की अध्यक्ष पैट्रीशिया नामेथ ने भी इस मौक़े पर श्रद्धांजलि अर्पीत की, साथ ही उस भूकंप में मारे गए यूएन कर्मचारियों के परिवारों को भी आमंत्रित किया गया था.

जिन 30 देशों के नागरिक (यूएन कर्मचारी) उस भूकंप में मारे गए थे,उन देशों के राजदूतों को भी इस श्रद्धांजलि सभा में झंडे के सामने पुष्प अर्पित करने के लिए आमंत्रित किया गया था.

 

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