पश्चिम अफ़्रीका और साहेल में आतंकवादी हमलों में भारी बढ़ोत्तरी

8 जनवरी 2020

पश्चिम अफ़्रीका और साहेल क्षेत्र में जुलाई 2019 से आम नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर आतंकवादी हमलों में तेज़ी आई है जिनके मानवीय नतीजे भयावह और बेहद चिंतित करने वाले हैं. पश्चिम अफ़्रीका और साहेल क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के प्रमुख और यूएन महासचिव के विशेष प्रतिनिधि मोहम्मद इब्न चाम्बस ने बुधवार को सुरक्षा परिषद में एक नई रिपोर्ट पेश करते हुए यह जानकारी दी है.

विशेष प्रतिनिधि चाम्बस ने सुरक्षा परिषद में अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए बताया, “बुर्किना फ़ासो, माली और निजेर में आतंकवादी हमलों में हताहत होने वाले लोगों की संख्या वर्ष 2016 की तुलना में पांच गुना बढ़ गई है – वर्ष 2019 में ही चार हज़ार लोगों की मौत हुई जबकि 2016 में यह संख्या 770 थी.”

“आतंकवादी हमलों के भौगोलिक केंद्र में भी तब्दीली आई है और यह पूर्व की ओर खिसक गया है. माली से बुर्किना फ़ासो की दिशा में और अब पश्चिमी अफ़्रीका के तटीय देशों के लिए ख़तरा पैदा हो रहा है.”

रिपोर्ट के अनुसार बुर्किना फ़ासो में वर्ष 2016 में 80 लोगों की मौत हुई थी लेकिन 2019 में यह संख्या बढ़कर एक हजार 800 हो गई है. साथ ही विस्थापितों की संख्या में दस गुना बढ़ोत्तरी हुई है और अब क़रीब पांच लाख लोग विस्थापित बताए गए हैं. 25 हज़ार लोगों ने पहले से ही अन्य देशों में शरण ले रखी है.

अपराध और आतंकवाद

विशेष प्रतिनिधि ने आगाह किया कि आतंकवाद, संगठित अपराध और अंतर-सामुदायिक हिंसा आपस में एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और ऐसे हालात विशेष रूप में उन इलाक़ों में है जहां राज्यसत्ता कमज़ोर है.

“ऐसे स्थानों में चरमपंथी स्थानीय लोगों को सुरक्षा और संरक्षण उपलब्ध कराते हैं और वफ़ादारी के बदले सामाजिक सुविधाएं देते हैं. इसी तथ्य को ध्यान में रखकर आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ की रोकथाम के लिए जुलाई 2019 में हुए सम्मेलन में यूएन प्रमुख ने स्थानीय जनसंख्या के भरोसे और समर्थन को जीतने की अहमियत रेखांकित की थी.”

यूएन कार्यालय ने 21 दिसंबर 2019 को राष्ट्राध्यक्षों और सरकारी प्रतिनिधियों की एक बैठक में 2020-2024 कार्य योजना पारित की जिसके मूल में क्षेत्र से आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना है.

इससे पहले सितंबर 2019 में एक शिखर वार्ता में इस काम के लिए एक अरब डॉलर जुटाने का संकल्प लिया गया था.

विशेष प्रतिनिधि चाम्बस ने किसानों और गडरियों के बीच झड़पों को क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर होने वाला सबसे हिंसक संघर्ष क़रार दिया.

पश्चिम अफ़्रीका में 70 फ़ीसदी जनसंख्या कृषि और पशुपालन पर निर्भर है और इसलिए शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को बढ़ावा मिलना बेहद ज़रूरी है.

प्रभावी कार्रवाई की दरकार 

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस साल सुरक्षा और राजनैतिक घटनाक्रम के नज़रिए से क्षेत्र में बहुत कुछ दांव पर लगा है और यह ठोस कार्रवाई करने का समय है.

क्षेत्रीय और उपक्षेत्रीय नेताओं को अपने संकल्पो को ध्यान में रखते हुए क़दम बढ़ाने चाहिए और इस कार्य के लिए मौजूदा तंत्र को लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से उन्हें समर्थन मिलना चाहिए.

उन्होंने उम्मीद जताई कि ख़राब सुरक्षा हालात के बावजूद सकारात्मक राजनैतिक रूझानों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए.

गाम्बिया की जनता ने एक नए संविधान के लिए दूसरे दौर के राजनैतिक विचार-विमर्श को पूरा कर लिया है जबकि सिएरा लियोन, मॉरितानिया और सेनेगल में राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए संवाद को प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

आने वाले महीनों में छह पश्चिम अफ़्रीकी देशों में मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपने नेताओं का चुनाव करेंगे. 

उन्होंने इस विषय में गिनी-बिसाओ और निर्वाचन आयोग को पिछले वर्ष सफलतापूर्वक राष्ट्रपति चुनाव संपन्न कराने की प्रशंसा की है.

साल 2020 में बुर्किना फ़ासो, आइवरी कोस्ट, घाना, गिनी और निजेर चुनावों के लिए तैयार हो रहे हैं.

 

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