सूडान: हिंसा के बाद सुरक्षा और शांति बहाल करने की अपील

सूडान के दारफुर में गश्त लगाते नेपाली पुलिस दस्ते के सदस्य.
UN Photo/Surendra Bahadur Ter
सूडान के दारफुर में गश्त लगाते नेपाली पुलिस दस्ते के सदस्य.

सूडान: हिंसा के बाद सुरक्षा और शांति बहाल करने की अपील

शांति और सुरक्षा

सूडान के पश्चिम दार्फ़ूर प्रांत में अंतरजातीय संघर्ष भड़कने के बाद स्थानीय प्रशासन से राज्य में शांति और व्यवस्था बहाल करने की अपील गई है. रविवार को शुरू हुई इस हिंसा में 65 लोगों की मौत हुई है, 54 लोग घायल हुए हैं और हजारों की संख्या में लोग विस्थापन का शिकार हुए हैं. 

दार्फ़ूर में अफ्रीकी संघ और संयुक्त राष्ट्र के साझा मिशन (UNAMID) ने शुक्रवार को जारी एक बयान में स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की. मानवीय राहतकर्मियों ने बताया कि हिंसा में गांवों को जला दिया गया और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के शिविरों पर भी हमला किया गया.

"अफ्रीकी संघ-संयुक्त राष्ट्र हाइब्रिड मिशन हिंसा की निंदा करता है और सभी विवादों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीक़े से हल करने के महत्व पर बल देता है. साथ ही, सभी दलों से महिलाओं और बच्चों समेत समस्त नागरिक आबादी के ख़िलाफ बल प्रयोग में संयम बरतने का आह्वान करता है."

'शांतिपूर्ण और टिकाऊ समाधान' की ज़रूरत

शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख, एंतोनियो गुटेरेश ने अल जेनिएना के चारों ओर "हिंसक सांप्रदायिक झड़पों" की निंदा की और दार्फ़ूर में हालात का समाधान तलाश करने के लिए एक शांतिपूर्ण और टिकाऊ समाधान खोजने के महत्व पर ज़ोर दिया.

बयान में कहा गया है कि इस संबंध में उन्होंने सूडान की शांति प्रक्रिया के अंतर्गत चल रही बातचीत को अपना मज़बूत समर्थन देने की पुष्टि की है.

"महासचिव ने अधिकारियों से इन घटनाओं की जांच करने और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने की अपील की. उन्होंने विशेष रूप से, दार्फ़ूर  के सबसे कमज़ोर लोगों के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के प्रयासों को दोगुना करने का आग्रह किया."

बुनियादी सेवाओं की सख्त ज़रूरत 

सरकार से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक़ लगभग 30,000 लोगों को अपने घरों से भागकर अल जेनिएना और उसके आस-पास के इलाक़ों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा.

यूएन एजेंसी के सहयोगी संगठन विस्थापितों की संख्या सत्यापित करने की कोशिशों में जुटे हैं, जिन्हें तुरंत आश्रय, भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं जैसी बुनियादी चीज़ों की ज़रूरत है. 

सुरक्षा चिंताओं के बीच यूएन मिशन को 32 सहायता कर्मचारियों को पड़ोसी राज्य केंद्रीय दार्फ़ूर की राजधानी ज़ालिंगेई स्थानांतरित करना पड़ा है. 

बयान में कहा गया है कि, "यूएन मिशन स्थिति नियंत्रित करने के सरकार के प्रयासों की सराहना करता है, लेकिन साथ ही सरकारी अधिकारियों से एक सुरक्षात्मक वातावरण स्थापित करने और अल जेनिएना समुदाय में शांति और व्यवस्था बहाल करने के प्रयासों को मज़बूती से आगे बढ़ाने का आह्वान करता है." 

घातक विमान दुर्घटना

इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार को अल जेनिएना हवाई अड्डे से एक सूडानी सैन्य विमान उड़ान के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई.

मरने वालों में विश्व खाद्य कार्यक्रम के एक कर्मचारी, उनकी पत्नी और दो बच्चे भी हैं.

महासचिव के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इन दुख़द मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है. 

यूएन महासचिव ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की है और सूडान के लोगों व सरकार के प्रति संवेदना जताई है.