लीबिया: यूएन शरणार्थी एजेंसी के सुविधा केंद्र के नज़दीक बमबारी से चिंता

3 जनवरी 2020

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी द्वारा संचालित एक सुविधा केंद्र के आस-पास इलाक़े में गुरुवार को बमबारी के बाद शरणार्थियों और शरण की तलाश कर रहे लोगों की सुरक्षा पर गहरी चिंता ज़ाहिर की गई है.

न्यूज़ रिपोर्टों के मुताबिक़ एक साल से संचालित इस केंद्र का इस्तेमाल हिरासत केंद्रों से आए  शरणार्थियों को एकत्र और उन्हें अन्य स्थानों के लिए रवाना करने के लिए किया जाता है. इसी इमारत के पास मोर्टार के तीन गोले आकर गिरे.

इसके बाद लीबिया में यूएन एजेंसी के मिशन प्रमुख ज्यां-पॉल कैवेलिएरी ने एक बयान जारी सभी पक्षों से सीरिया में बुनियादी ढांचों और आम नागरिकों की सुरक्षा की अपील की है.

“सौभाग्य से कोई भी हताहत नहीं हुआ है.”

वर्ष 2011 में मुआम्मर गद्दाफ़ी के पतन के बाद से ही लीबिया अपने विशाल तेल भंडारों के बावजूद हिंसा, अस्थिरता और आर्थिक बदहाली का शिकार रहा है.

पूर्वी क्षेत्र में में स्वयंभू लीबियाई नेशनल आर्मी के कमांडर ख़लीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार सैनिकों और पश्चिम में त्रिपोली में स्थित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लड़ाई में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं.

कुछ ही दिन पहले लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख ग़सन सलामे ने अपने बयान में पश्चिमी इलाक़ों में तीन स्थानों पर हवाई बमबारी की निंदा की थी. इस बमबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए.

लीबिया में यूएन शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख कैविलिएरी ने बताया कि प्रशासन ने दिसंबर 2018 में केंद्र के शुरू होने के बाद यूएन एजेंसी और उसके साझेदार संगठन ‘लिबएड’(LibAid) को वहां सेवाएं मुहैया कराने की अनुमति दी थी.

उनके मुताबिक़ इस केंद्र को उन शरणार्थियों की मेज़बानी के लिए स्थापित किया था जिनकी पहचान लीबिया से बाहर भेजे जाने के लिए हो गई है. इस केंद्र पर क़रीब एक हज़ार लोग रह रहे हैं और यहां ज़बरदस्त भीड़ है.

पूर्वी हिस्से में कार्यकर्ताओं के एक समूह ने नववर्ष के अवसर पर अपने संदेश में तनाव घटाने, दुश्मनी का अंत करने और देश में स्थाई शांति की बात कही है. यूएन मिशन ने शुक्रवार को अपने ट्वीट संदेशों में इस घोषणा का स्वागत किया है.

“इस पहल का और कई सांसदों, राजनैतिक, सामाजिक व नागरिक समाज संगठनों द्वारा जारी अपीलों का समर्थन किया जाना चाहिए और राजनैतिक समाधान की दिशा में लौटने के लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए.”

मिशन ने कहा कि ये पहल ख़ूनख़राबा रोकने, मानवाधिकारों को बढ़ावा देने, क़ानून का राज स्थापित करने और समावेशी व एकजुट लीबिया के निर्माण के प्रति लीबियाई जनता के संकल्प को दर्शाती है

इस बीच तुर्की की संसद ने गुरुवार को एक अधिकार-पत्र को पारित किया है जिसमें लीबिया में गृहयुद्ध में हस्तक्षेप के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की बात कही गई है. देश में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को तुर्की का भी समर्थन प्राप्त है.

 

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