सड़क सुरक्षा: विशालकाय मगर अदृश्य बन चुके संकट से निबटने की पुकार

17 नवंबर 2019

सड़कों पर यातायात सुरक्षा में बेहतरी करके लोगों की ज़िंदगियाँ बचाना भी 2030 के टिकाऊ विकास एजेंडा में एक लक्ष्य के रूप में शामिल है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों की याद में मनाए जाने वाले दिवस के मौक़े पर जारी अपने संदेश मे ये बात कही है. ये दिवस नवंबर के तीसरे रविवार को मनाया जाता है और 2019 में ये 17 नवंबर को मनाया गया.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने अपने संदेश में कहा है कि दुनिया भर में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 13 लाख से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो जाती है. साथ ही 15 से 29 साल की उम्र के जितने युवाओं की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है.

उतनी संख्या में एचआईवी/एड्स, मलेरिया, टीबी और मानवहत्याओं के मामलों की कुल संख्या मिलाकर भी नहीं होती.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों की याद में मनाए जाने वाला दिवस ये सोचने-समझने का एक अच्छा मौक़ा है कि हर साल लाखों लोगों की ज़िंदगी बचाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं.

वर्ष 2015 से महासचिव के सड़क सुरक्षा के लिए विशेष दूत ज्याँ टौच ने संयुक्त राष्ट्र की सड़क सुरक्षा संधियों के बारे में राजनैतिक प्रतिबद्धताएँ व जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सक्रिय प्रयास किए हैं.

साथ ही सड़क यातायात के लिए अच्छे मानक स्थापित करने के लिए चर्चा को बढ़ावा देने और इन प्रयासों के लिए धन जुटाने व साझेदारियाँ शुरू करने क्षेत्र में भी काम किया है. 

यूएन प्रमुख का कहना था, “ये एक विशालकाय चुनौती है, मगर सामूहिक प्रयासों के ज़रिए सड़क दुर्घटनाओं की इस त्रासदी को रोकने के लिए काफ़ी कुछ किया जा सकता है.”

वर्ष 2018 में निम्न और मध्य आमदनी वाले देशों में सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों के वास्ते धन जुटाने के मक़सद से संयुक्त राष्ट्र सड़क सुरक्षा कोष स्थापित किया गया था.

ध्यान रहे कि सड़क दुर्घटनाओं में दुनिया भर में जितनी मौतें होती हैं, उनकी 90 फ़ीसदी संख्या इन्हीं देशों में होती है.

फ़रवरी 2020 में सड़क सुरक्षा पर एक वैश्विक मंत्री स्तरीय सम्मेलन स्वीडन में आयोजित किया जाएगा.

इसका मक़सद सड़क सुरक्षा के लिए की जाने वाली कार्रवाई में तेज़ी लाने के लिए साझेदारियाँ मज़बूत करना होगा.

महासचिव ने अपने संदेश में कहा कि तुरंत कार्रवाई की जानी बहुत ज़रूरी है. “इस विश्व दिवस के मौक़ पर मैं सभी का आहवान करता हूँ कि वैश्विक सड़क सुरक्षा के संकट का सामना करने के लिए एकजुट हो जाएँ.”

विशालकाय मगर अदृश्य

संयुक्त राष्ट्र के सड़क सुरक्षा व संरक्षा विभाग ने सड़क यातायात में होने वाली दुर्घटनाओं को एक ‘अदृश्य महामारी’ क़रार दिया है. 

विभाग का कहना है कि सड़क यातायात संबधी दुर्घटनाओं का लोगों की ज़िदगियों पर नाटकीय बदलाव लाने वाला प्रभाव पड़ता है क्योंकि ज़्यादातर दुर्घटनाओं और उनमें लोगों की मौत आमतौर पर व्यापक समाज को नज़र नहीं आती है. 

फ़रवरी 2019 में संयुक्त राष्ट्र ने न्यूयॉर्क और जिनीवा में सड़क सुरक्षा रणनीति शुरू की थी जिसमें यूएन सचिवालय से बड़े नेताओं, यूएनडीपी, संयुक्त राष्ट्र विकास कोष, सड़क सुरक्षा दूत व अन्य पदाधिकारियों की शिरकत की थी.

इससे पूरी संयुक्त राष्ट्र मशीनरी में सड़क सुरक्षा के लिए एकजुटता नज़र आती है.

दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं में हताहत होने वाले लोगों की संख्या कम करने के प्रयासों में ये दिवस एक प्रमुख मौक़ा बन चुका है.

सड़क दुर्घटनाओं में हताहत होने वाले लोगों और उनके परिवारों और संबंधियों पर कितना भारी भावनात्मक व आर्थिक प्रभाव पड़ता है उसका अंदाज़ा लगाने के लिए ये दिवस एक अच्छा अवसर महैया कराता है.

साथ ही ये दिन बचाव सेवाओं के कामकाज के महत्व को पहचानने का भी अच्छा मौक़ा देता है.

सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोकना 2030 के टिकाऊ विकास एजेंडा के लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों में शामिल है, विशेष रूप से टिकाऊ विकास लक्ष्य संख्या – 3 के दायरे में जिसमें लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के हालात मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है. 

साथ ही टिकाऊ विकास लक्ष्य संख्या-11 के तहत टिकाऊ शहर और समुदाय विकसित करने की बात कही गई है.

हर दिन सड़कों पर एहतियाती व सुरक्षित व्यवहार दिखाने और ठोस समाधानों की तलाश करने के प्रयासों में मिलजुलकर काम करने में अच्छा और प्रभावशाली नेतृत्व की ज़रूरत है. 
 

 

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