हर मिनट एक ट्रक प्लास्टिक समुद्र में फेंक दिया जाता है

इंडोनेशिया के बाली में समुद्र किनारे पड़ा कचरा. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने वहाँ समुद्र को साफ़ करने का अभियान चलाया था.
UNEP/Shawn Heinrichs
इंडोनेशिया के बाली में समुद्र किनारे पड़ा कचरा. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने वहाँ समुद्र को साफ़ करने का अभियान चलाया था.

हर मिनट एक ट्रक प्लास्टिक समुद्र में फेंक दिया जाता है

जलवायु और पर्यावरण

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने कहा है कि हर साल लगभग 80 लाख टन प्लास्टिक कूड़ा-कचरा समुद्रों में फेंका जाता है - इसका मतलब इस तरह भी समझा जा सकता है कि एक बड़े ट्रक में समाने वाले कूड़े-कचरे के बराबर ये हर मिनट समुद्र में फेंका जाता है.

समुद्री किनारों, उनकी सतहों और ज़मीन पर जो कूड़ा-कचरा इकट्ठा होता है उसमें से 60 से 90- फ़ीसदी हिस्सा प्लास्टिक से बना हुआ होता है. इस कूड़े-कचरे में सबसे आम चीज़ें होती हैं - सिगरेट के अधजले हिस्से, बैग, और खाने-पीने की चाज़ों के इस्तेमाल होने वाले डिब्बे. 

इसके परिणामस्वरूप समुद्री कूड़ा-कचरा वहाँ जीवित रहने वाली 800 से भी ज़्यादा प्रजातियों के लिए ख़तरा पैदा करता है. इनमें से 15 प्रजातियाँ विलुप्ति के कगार पर हैं. 

ध्यान रखने की बात है कि जब जल में रहने वाली प्रजातियों के भीतर प्लास्टिक पहुँचता है तो वो अंततः मछलियों के सेवन से इंसानों  के शरीर में भी पहुँच जाता है.

पिछले 20 वर्षों के दौरान तो प्लास्टिक के बारीक कणों और सिर्फ़ एक बार ही इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक को फेंके जाने से ये समस्या और भी ज़्यादा गंभीर हो गई है.

ज़्यादातर लोग समुद्रों में प्लास्टिक से पैदा होने वाले प्रदूषण को इससे जोड़ते हैं कि समुद्रों के तटों पर किस तरह का कू़ड़ा-कचरा डाला जाता है और समुद्री सतहों पर क्या तैरता है. 

लेकिन ये तो स्पष्ट है कि प्लास्टिक के बारीक कण बहुत बड़ा ख़तरा पैदा करते हैं क्योंकि वो नज़र नहीं आते हैं, इसलिए उनकी तरफ़ किसी का ध्यान भी नहीं जाता है.

स्वच्छ समुद्र अभियान

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने प्लास्टिक से होने वाले नुक़सान के बारे में सोमवार को एक जागरूकता अभियान शुरू किया है जिसका नाम है - "What's in Your Bathroom?" "आपके बाथरूम में क्या है?"

इसमें कहा गया है कि रोज़मर्रा इस्तेमाल होने वाली चीज़ों में अक्सर प्लास्टिक का बहुत बड़ा हिस्सा होता है और ये चीज़ें लोगों के स्वास्थ्य के लिए ख़ासा नुक़सान कर सकती हैं.

साथ ही लोगों से ये भी कहा जा रहा है कि किस तरह उनके प्रयासों से प्लास्टिक की मौजूदगी और स्वास्थ्य व पर्यावरण पर उसके नुक़सान को कम करने में किस तरह से दिशा बदली जा सकती है.

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने वर्ष 2017 में स्वच्छ समुद्र अभियान शुरू किया था जिसके तहत सिर्फ़ एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक और उसके बारीक कणों से निपटने के लिए विश्व स्तर पर मुहिम शुरू करने का आहवान किया गया था.

ये अब उस अभियान का दूसरा चरण है, इसके तहत समुद्री कूड़े-कचरे के विभिन्न पहलुओं और उसके नुक़सान पर प्रकाश डाला जा रहा है, मसलन कॉस्मेटिक उद्योग यानी श्रृंगार व प्रसाधन वस्तुओं से पैदा होने वाला प्लास्टिक प्रदूषण.

बहुत से लोगों को तो ये जानकारी ही नहीं होती है कि रोज़ाना इस्तेमाल होने वाली चीज़ों में कितनी प्लास्टिक होती है जो वो अपने चेहरे और शरीर की देखभाल के लिए प्रयोग करते हैं.

चीज़ों की पैकेजिंग से लेकर उनकी सुंदरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बारीक कण, जो अक्सर पानी के साथ बह जाने के लिए बनाए जाते हैं, ये सफ़र तय करके अंत में नदियों में और सबसे आख़िर में समुद्रों में पहुँचते हैं.

माइक्रोप्लास्टिक यानी प्लास्टिक के बारीक कण इतने छोटे होते हैं कि उन्हें कूड़े-कचरे के प्रबंधन में शामिल ही नहीं किया जा सकता. इतना ही नहीं, वो बारीक कण जल आधारित कई ज़हरीले पदार्थों और बैक्टीरिया को आकर्षित करते हैं.

चूँकि वो खाद्य पदार्थों जैसे नज़र आते हैं, उन्हें मछलियाँ, अन्य कीड़े-मकौड़े व अन्य समुद्री जीव खा लेते हैं. इससे उनकी पाचन प्रक्रिया और तंत्र प्रभावित होते हैं  जिससे उन्हें कई तरह की जटिलताएँ पैदा हो जाती हैं.

समुद्री जीवन को ख़तरा पैदा करने के अलावा माइक्रोप्लास्टिक का इंसानी स्वास्थ्य पर कितना असर होता है, अभी इस बारे में ठोस जानकारी नहीं है. लेकिन चूँकि ये माइक्रोप्लास्टिक कपड़ों, खाद्य-पदार्थों, पानी और कॉस्मेटिक्स यानी प्रसाधन चीज़ों में इस्तेमाल होती हैं तो इनके हानिकारक प्रभाव भी काफ़ी ज़्यादा होने की संभावनाएं हैं.

संयुक्त राष्ट्र परियावरण कार्यक्रम ने अगले सप्ताह से दुनिया भर में उपभोक्ताओं को अपने बाथरूम में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों का मूल्यांकन करने और माइक्रोप्लास्टिक के इस्तेमाल के बजाय बेहतर व स्वस्थ वैकल्पिक पदार्थों का प्रयोग करने का निमंत्रण दिया है.