पेंट में सीसे के इस्तेमाल पर पाबंदी का आह्वान

22 अक्टूबर 2019

सीसा (Lead) स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और इससे होने वाले स्वास्थ्य ख़तरों पर दुनिया भर में चिंता व्याप्त है. बच्चों पर इसका ज़हरीला असर विशेष रूप से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है – इससे बच्चों के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है और उनके सोचने-समझने की क्षमता भी. सीसा युक्त पेंट के ख़तरों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से  20 से 26 अक्टूबर तक कार्रवाई सप्ताह का आयोजन किया गया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सीसे का ज़हरीला असर वर्ष 2017 में दस लाख लोगों की मौत का कारण बना.

सीसे से स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभाव को रोकने के उद्देश्य से ही संयुक्त राष्ट्र एजेंसी और साझेदार संगठन देशों से सीसे के इस्तेमाल वाले पेंट पर पाबंदी लगाने का अनुरोध कर रहे हैं.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी 20 से 26 अक्टूबर तक “International Lead Poisoning Prevention Week of Action” मना रही है जिसका उद्देश्य ज़हरीले सीसे की रोकथाम के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई को बढ़ावा देना है.

इस सप्ताह के ज़रिए क़ानूनों, नियमों और मानकों को रेखांकित किया जा रहा है ताकि सीसे के इस्तेमाल वाले पेंट का उत्पादन, आयात और बिक्री को रोका जा सके.

विश्व स्वास्थ्य संगठन में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में निदेशक डॉक्टर मारिया नेयरा ने बताया कि, “सीसे से स्वास्थ्य और ख़ासतौर पर बच्चों के स्वास्थ्य पर हानिकारक असर पड़ता है, जिससे जीवनपर्यंत उनके सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ता है.”

डॉक्टर नेयरा का कहना है कि नवजात शिशुओं और बच्चों को सीसे से होने दुष्प्रभाव के लिए पेंट में सीसे का इस्तेमाल व्यापक रूप से ज़िम्मेदार है. इसके बावजूद घरों, स्कूलों और खिलौनों में सीसा पेंट का इस्तेमाल अब भी जारी है.

ख़राब होते पेंट से सीसे के कण मिट्टी और धूल में मिल जाते हैं और बच्चे ज़मीन पर खेलते समय उन्हें निगल सकते हैं.

समय बीतने के साथ सीसा दांतों और हड्डियों में एकत्र हो जाता है जिससे शारीरिक प्रणाली विभिन्न स्तरों पर प्रभावित होती है.

बचपन में बच्चों का नर्वस सिस्टम विकसित हो रहा होता है और वयस्कों की तुलना में वे पांच गुना ज़्यादा सीसा सोख सकते हैं.

डॉक्टर नेयरा ने बताया कि बचपन में सीसे के प्रभाव में आने के कारण मस्तिष्क का विकास अवरूद्ध होता है जिससे आईक्यू पर असर पड़ता है.

“इससे व्यवहारिक स्तर पर भी बदलाव आएंगे जैसे एकाग्रता के अंतराल का घटना, समाज-विरोधी व्यवहार का बढ़ना, या फिर पूर्ण रूप से शिक्षा हासिल ना कर पाना.” डॉक्टर नेयरा का कहन है कि इनमें से कुछ दुष्प्रभाव बालिग होने के बाद भी जारी रह सकते हैं.

कई देश अब पेंट में सीसे के इस्तेमाल को घटाने और उसका स्तर 90 पार्ट्स पर मिलियन से नीचे रखने के लिए क़ानूनों को लागू कर रहे हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से सीसे के इस्तेमाल को इस मात्रा तक सीमित रखना सही माना जाता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अब तक महज़ 73 देशों में ही सीसा पेंट के इस्तेमाल पर नियंत्रण क़ानूनी रूप से बाध्यकारी है.

 

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