टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने के लिए 'तेज़ प्रयासों की ज़रूरत'

24 सितम्बर 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने न्यूयॉर्क में टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर शिखर वार्ता का उद्घाटन करते हुए कहा है कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों के 2030 एजेंडा में जीवन का संचार हो रहा है. ये लक्ष्य एक बेहतर और स्वस्थ विश्व के निर्माण पर केंद्रित हैं. लेकिन यूएन प्रमुख का कहना है कि उत्साहजनक प्रगति के बावजूद अभी बहुत कुछ हासिल किया जाना बाक़ी है और प्रयास तेज़ करने होंगे.

यह शिखर वार्ता दो दिनों तक चलेगी और उन पांच उच्च स्तरीय बैठकों में शामिल है जो यूएन महासभा के 74वें सत्र के शुरुआती सप्ताह में हो रही हैं. इस बैठक के ज़रिए सरकारें, व्यवसाय और अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि वर्ष 2030 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कार्रवाई के ख़ाके पर विचार-विमर्श कर रहे हैं.

2030 एजेंडा के मुख्य उद्देश्यों में चरम ग़रीबी और भुखमरी के अंत, कम कार्बन उत्सर्जन पर आधारित अर्थव्यवस्था, शांतिपूर्ण और न्यायोचित समाजों और सभी के लिए मानवाधिकारों को गिना गया है.

यूएन प्रमुख ने इन लक्ष्यों को पूरा करने की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकारें अब अपनी राष्ट्रीय योजनाओं और रणनीतियों में टिकाऊ विकास लक्ष्यों को शामिल कर रही हैं जो स्वागत योग्य है.

लेकिन उन्होंने आगाह किया कि अब तक जिस रफ़्तार से काम हुआ है उसे देखते हुए 2030 तक इन लक्ष्यों को पूरा नहीं किया जा सकेगा. घातक संघर्ष, जलवायु संकट, लिंग आधारित हिंसा और निरंतर असमानता से यह काम और कठिन हो रहा है.

“विश्व की आधी संपत्ति उन लोगों के पास है जो सम्मेलन की एक मेज़ के चारों ओर बैठ सकते हैं. और मौजूदा गति से काम होने पर वर्ष 2030 तक 50 करोड़ लोग चरम ग़रीबी में रहेंगे.”

अगले दो दिनों तक होने वाली चर्चाओं का संकेत देते हुए उन्हें हिंसक संघर्ष की रोकथाम, विकास के लिए वित्तीय पोषण, जलवायु संकट पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने की बात कही है.

स्थानीय स्तर पर कार्रवाई और साझेदारियों के ज़रिए लोगों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा.

UNICEF/UNI10236/Estey
विएतनाम में आदिवासियों के एक समुदाय के बच्चे पढ़ाई करते हुए.

कार्रवाई के दशक के लिए तैयारी

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बांडे ने प्रतिनिधियों को बताया कि वह टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर विमर्श से उत्साहित हैं.

बैठक के दौरान एक राजनैतिक घोषणापत्र पारित किया गया है जिसका उन्होंने स्वागत किया.

इस घोषणापत्र में लक्ष्य हासिल करने के लिए कार्रवाई का दायरा और व्यापक बनाने की अपील की गई है.

इसमें सदस्य देशों ने वित्तीय संसाधन जुटाने, राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें लागू करने और संस्थाओं को मज़बूत बनाने का संकल्प लिया है ताकि टिकाऊ विकास के उद्देश्य पूरे किए जाएँ और कोई भी पीछे ना छूटने पाए.

फ़िनलैंड ने वर्ष 2035 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने का संकल्प लिया है जबकि मालदीव कंपनियों के साथ साझेदारी के ज़रिए एक राष्ट्रव्यापी फ़्रेमवर्क तैयार कर रहा है ताकि टिकाऊ लक्ष्य हासिल किए जा सकें. वहीं मैक्सिको ने इंटरनेट को हर एक व्यक्ति के लिए सुलभ बनाने का संकल्प लिया है.

यूएन महासभा अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद बांडे ने कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्य पाने में कार्रवाई तेज़ करने के लिए नए रास्ते सोचने होंगे. देशों में और देशों के भीतर प्रगति असमान है इसलिए टिकाऊ लक्ष्यों के लिए ज़रूरी ट्रिलियन डॉलर का इंतज़ाम करने के लिए साझेदारियाँ मज़बूत बनानी होंगी.

 

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