जलवायु एमरजेंसी से विश्व शांति को ख़तरा

20 सितम्बर 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने टिकाऊ और शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण के लिए तत्काल जलवायु कार्रवाई की अहमियत को रेखांकित किया है ताकि पर्यावरण और मानव सुरक्षा व कल्याण को उपज रहे ख़तरों की रोकथाम हो सके. न्यूयॉर्क में शुक्रवार को एक शांति सभा संबोधित करते हुए महासचिव गुटेरेश ने आगाह किया है कि मौजूदा दौर में विश्व शांति के समक्ष नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं जिनसे तत्काल निपटा जाना ज़रूरी है.

अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस हर वर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता है और इसके ज़रिए सभी देशों और लोगों में शांति के आदर्शों को मज़बूती से स्थापित करने का प्रयास किया जाता है.

वर्ष 2019 की थीम ‘क्लाइमेट एक्शन फ़ॉर पीस’ यानि ‘शांति के लिए जलवायु कार्रवाई रखी गई है’ जो रेखांकित करती है कि विश्व में शांति की रक्षा करने और उसे बढ़ावा देने के जलवायु परिवर्तन से मुक़ाबला कितना महत्वपूर्ण है.

इस दिवस पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा, “आज शांति के समक्ष नया ख़तरा है: जलवायु इमरजेंसी जिससे हमारी सुरक्षा, आजीविका और जीवन को जोखिम पैदा हो गया है.”

यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को यूएन मुख्यालय में शांति की प्रतीक घंटियों को बजाते हुए कार्यक्रमों की शुरुआत की और यूएन मुख्यालय के ‘पीस गार्डन’ में एक मिनट के लिए मौन रखा.

उनके साथ यूएन शांति दूत यो-यो मा और मिदोरी गोटो के अलावा बड़ी संख्या में छात्र थे जो महत्वाकांक्षी जलवायु कार्रवाई के लिए ऊंची होती आवाज़ों का प्रतीक हैं.

कॉलेज और हाई स्कूल के 700 छात्र नेताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि  लोगों के बीच शांति के साथ-साथ लोगों और प्रकृति में शांति भी ज़रूरी है. 

जलवायु परिवर्तन से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को ख़तरे पैदा हुए हैं और हिंसक संघर्षों की तुलना में प्राकृतिक आपदाओं से तीन गुना ज़्यादा लोग विस्थापन का शिकार हो रहे हैं.

युवा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका नेतृत्व बेहद ज़रूरी है यह सुनिश्चित करने के लिए उनकी पीढ़ी ने सही काम किया है.

शांति दिवस पर संदेश

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर जारी अपने संदेश में कहा कि संयुक्त राष्ट्र में कामकाज की बुनियाद शांति ही है.

“हम जानते हैं कि शांति युद्ध की अनुपस्थिति वाली स्थिति भर से कहीं ज़्यादा है. इसका मतलब है – मज़बूती, स्थिर समाज, जहाँ हर एक व्यक्ति बुनियादी स्वतंत्रताओं का आनंद ले सके और उमंग व ख़ुशहाली के साथ जीवन जी सके, ना कि बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति के लिए भी संघर्ष करना पड़े.”

जलवायु कार्रवाई के तहत संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने 23 सितंबर को शिखर वार्ता बुलाई है और विश्व नेताओं से आह्वान किया है कि इस बैठक में भाषण के बजाए उन्हें ठोस कार्रवाई की योजना के साथ आना होगा.

उन्होंने ध्यान दिलाया कि मौजूदा समय में विश्व शांति के समक्ष नए ख़तरें पैदा हो रहे हैं. जलवायु संकट ने हमारी सुरक्षा, हमारी आजीविकाओं और ज़िंदगियों को ही ख़तरे में डाल दिया है.
यूएन प्रमुख का कहना है कि एकजुट होकर काम करने से ही विश्व को शांतिपूर्ण, ख़ुशहाल और सुरक्षित बना सकते हैं – अपने लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए.

“इस अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर, मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ: ठोस जलवायु कार्रवाई करें और ऐसी ही अपने नेताओं से माँग करें.”

जलवायु परिवर्तन को उन्होंने एक ऐसी दौड़ बताया है जो दुनिया जीत सकती है, और जिसे जीतना ही होगा.

 

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