सीटीबीटी को लागू करना परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए ज़रूरी

29 अगस्त 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि परमाणु हथियारों के परीक्षणों ने दुनिया को तबाही के सिवाय और कुछ नहीं दिया है. आज की बढ़ते तनावों की दुनिया में हम सबकी सामूहिक सुरक्षा इस बात पर निर्भर है कि परमाणु विस्फोटों पर पाबंदी लगाने वाली एक वैश्विक संधि लागू की जाए. 

परमाणु परीक्षणों के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अपने संदेश में कहा, "मैं सभी देशों से अपनी पुकार फिर दोहराता हूँ कि जिन देशों ने अभी परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, वो हस्ताक्षर कर दें और इस संधि को मंज़ूरी भी दे दें, ख़ासतौर से वो देश जिनकी मंज़ूरी इस संधि के लागू होने के लिए ज़रूरी है."

अंतरराष्ट्रीय परमाणु परीक्षण निषिद्ध दिवस हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है. 

दुनिया भर में परमाणु निरस्त्रीकरण के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सीटीबीटी एक महत्वपूर्ण स्तंभ है.

सीटीबीटी को दुनिया भर में काफ़ी समर्थन मिला है, 184 देशों ने इस पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं और 168 देशों ने इसे औपचारिक रूप से मंज़ूरी भी दे दी है.

क़रीब दो दशक पहले वजूद में आने के बावजूद ये संधि अभी लागू नहीं हो सकी है.

महासचिव ने कहा कि परमाणु हथियारों के पीड़ितों और प्रभावितों की तकलीफ़ों को दूर करने के लिए ज़रूरी है कि परमाणु परीक्षणों पर स्थाई रूप में पाबंदी लगाई जाए.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए असरदार और क़ानूनी रूप से बाध्यकारी प्रतिबंधों का लागू होना अभी सपना ही बना हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि सीटीबीटी ये सुनिश्चित करने के लिए बहुत ज़रूरी है कि परमाणु परीक्षणों से अब और कोई इंसान प्रभावित ना हो; परमाणु निरस्त्रीकरण को आगे बढ़ाने के लिए भी सीटीबीटी बहुत ज़रूरी है.

परमाणु परीक्षणों के विरुद्ध आंतरराष्ट्रीय दिवस उस घटनाक्रम की याद में मनाया जाता है जब 1991 में कज़ाख़्स्तान में परमाणु परीक्षण स्थल को बंद कर दिया गया था.

सेमीपलातिंस्क नामक वो स्थान पूर्व सोवियत संघ में सबसे बड़ा ख़ाली स्थान था. वहाँ 450 से भी ज़्यादा परमाणु परीक्षण किए गए और उनके प्रभाव दशकों बाद तक भी महसूस किए जा सकते हैं. 

सीटीबीटी संगठन विएना स्थित एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो इस संधि के लागू होने के साथ ही वजूद में आएगा.

इस संधि के तहत परमाणु परीक्षण गतिविधियों पर प्रतिबंध को लागू करने की निगरानी की ज़िम्मेदारी होगी जिसके लिए ये संगटन वैश्विक स्तर पर एक निगरानी प्रणाली चलाएगा और स्थलों पर जाकर भी निरीक्षण करेगा.

सीटीबीटी संगठन की तैयारी के लिए 1997 में एक आयोग भी बनाया गया था जोकि संयुक्त राष्ट्र के एक साझीदार संगठन है. 

 

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