शहरी जीवन की चुनौतियों के टिकाऊ समाधान की तलाश के लिए सम्मेलन

26 अगस्त 2019

बेहतर योजना और प्रबंधन के सहारे शहरों को समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है और वे विविध समुदायों के बीच समरसता के मॉडल के रूप में तैयार हो सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को अमेरिका की साल्ट लेक सिटी में 68वीं यूएन सिविल सोसाइटी सम्मेलन में एकत्रित प्रतिनिधियों को अपने वीडियो संदेश के दौरान यह बात कही.  

संयुक्त राष्ट्र ने इस सम्मेलन को नागरिक समाज के कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण आयोजन क़रार दिया है और यह सोमवार, 26 अगस्त, से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा. इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए वरिष्ठ यूएन अधिकारी और विश्व भर से नागरिक समाज के प्रतिनिधि एकत्रित हुए हैं जहां वे शहरी जीवन व आधुनिक दुनिया के सामने पेश आ रही चुनौतियों के समाधान तलाशने पर विचार विमर्श करेंगे.

वर्ष 2019 में होने वाली बैठक की थीम समावेशी और टिकाऊ शहरों का निर्माण रखी गई है. महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि वैश्विक जलवायु इमरजेंसी से मुक़ाबले में मदद के लिए शहर बेहतर स्थिति में हैं और वे टिकाऊ और कम कार्बन उत्सर्जन के साथ विकास की राह में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं.

हालांकि उन्होंने चिंता जताई कि यह एक ऐसा दौर है जब नागरिकों के लिए ज़मीन सिकुड़ रही है और असहिष्णुता बढ़ रही है लेकिन भरोसा भी जताया कि नागरिक समाज इन वैश्विक चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कम्युनिकेशन्स विभाग की प्रमुख एलीसन स्मैल ने कहा कि, “हम यहां एक दूसरे से सीखने, विचारों को साझा करने और शहरों व समुदायों को ज़्यादा समावेशी और टिकाऊ बनाकर उनकी कायापलट करने के लिए एक वैश्विक सहबंधन को मज़बूत बनाने के लिए आए हैं.”

उन्होंने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों को अगर तयशुदा समय पर पूरा करना है तो समावेशी, टिकाऊ, सुदृढ़ और सुरक्षित शहरों की अहमियत को समझना होगा.

वर्ष 2019 के सम्मेलन की अध्यक्षता Partnership for Sustainable, Low Carbon Transport (SLoCaT) की महासचिव मारूक्सा कार्डामो कर रही हैं. उन्होंने शहरों और समुदायों को जीती-जागती प्रयोगशालाएं बताया जहां टिकाऊ विकास लक्ष्यों के 2030 एजेंडा और पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते के उद्देश्यों को वास्तविक बनाया जा सकता है.

इस वर्ष सम्मेलन के आयोजन में युवा आवाज़ों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है – उदाहरण के तौर पर हर प्लानिंग सब-कमेटी में युवाओं को सहप्रमुख का पद दिया गया है.

ग्लोबल कम्युनिकेशन्स विभाग की प्रमुख एलीसन स्मैल ने बताया कि मौजूदा दौर की सबसे बड़ी चुनौतियों से सामना करने में युवा आगे खड़े हैं. साथ ही उम्मीद जताई कि सितंबर में न्यूयॉर्क में होने वाली जलवायु शिखर वार्ता से पहले जलवायु कार्रवाई को तेज़ करने में इस आयोजन से मदद मिलेगी.

साल्ट लेक सिटी में इस सम्मेलन के लिए एक साल से ज़्यादा समय से तैयारी हो रही है. शहर की मेयर जैकी बिस्कुप्सकी ने कहा कि शहरों और स्थानीय समुदायों ने विश्व स्वास्थ्य और कल्याण में इससे पहले कभी इतनी अहम भूमिका नहीं निभाई.

उन्होंने आगाह किया कि शहरों में आबादी का घनत्व बढ़ रहा है और जातीय समुदाय, धर्म, शारीरिक क्षमता, यौन पहचान और आर्थिक स्तर के नज़रिए से विविधता बढ़ रही है. इस प्रक्रिया में बड़ी चुनौतियों के साथ-साथ अप्रतिम अवसर भी छिपे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा समय की चुनौतियों के टिकाऊ समाधान ढूंढने के लिए साल्ट लेक सिटी नवप्रवर्तन (इनोवेशन) का सहारा ले रही है.

“हम अन्य स्थानीय समुदायों, एनजीओ और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के साथ गठबंधन बना रहे हैं ताकि प्रभाव को बढ़ा सकें. अमेरिका में हमारे साथी मेयरों ने नियमित तौर पर यह कहना शुरू कर दिया है कि दुनिया इंतज़ार नहीं कर सकती और हम भी नहीं करेंगे.”

 

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