काबुल आत्मघाती हमले में अनेक हताहत, तीखी भर्त्सना

काबुल में शिया समुदाय के एक विवाह समारोह में 17 अगस्त 2019 को हुए हमले के समय लगभग 1000 लोग एकत्र थे.
UNAMA/Fardin Waezi
काबुल में शिया समुदाय के एक विवाह समारोह में 17 अगस्त 2019 को हुए हमले के समय लगभग 1000 लोग एकत्र थे.

काबुल आत्मघाती हमले में अनेक हताहत, तीखी भर्त्सना

शांति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए एक बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है जिसमें अनेक लोग हताहत हुए हैं. 17 अगस्त की शाम को हुआ ये हमला एक आत्मघाती हमलावर ने किया और हताहतों में महिलाएं व बच्चे भी हैं. 

उस हमले में अंतिम समाचार मिलने तक 63 लोगों की मौत हो गई और 180 से ज़्यादा घायल हो गए.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस हमले की भर्त्सना करते हुए घायलों को जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़ान दुजारिक ने एक वक्तव्य जारी करके कहा कि महासचिव ने हताहत लोगों के परिवारों, अफ़ग़ान सरकार और देश के नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना भी की है.

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के सहायता मिशन ने कहा है कि हताहतों में ज़्यादातर आम लोग हैं. 

प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 अगस्त की शाम को काबुल के पश्चिमी इलाक़े शहर-ए-दुबई में एक विवाह कार्यक्रम चल रहा था.

शिया समुदाय के उस शादी समारोह में लगभग 1000 लोग एकत्र थे.

मिशन की एक मानवाधिकार टीम घटना के बारे में ज़्यादा जानकारी हासिल करने के तहत तथ्य एकत्र कर रही है.

काबुल में शिया समुदाय के एक विवाह समारोह में 17 अगस्त 2019 को हुए आत्मगाती हमले में हताहत लोगों में महिलाएं और बच्चे भी थे.
UNAMA/Fardin Waezi
काबुल में शिया समुदाय के एक विवाह समारोह में 17 अगस्त 2019 को हुए आत्मगाती हमले में हताहत लोगों में महिलाएं और बच्चे भी थे.

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि तादामीची यामामोतो ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा, “बेक़ुसूर नागरिकों को निशाना बनाकर किया जाने वाला ये हमला एक वीभत्स कृत्य है, और बहुत तकलीफ़ देने वाला है, इसे आतंकवाद का एक कायरतापूर्ण हमला ही क़रार दिया जा सकता है.”

“नागरिकों पर जानबूझकर किए जाने वाले इस तरह के हमलों की मैं निंदा करता हूँ, इस तरह के हमलों में आम आबादी में डर फैलाने के इरादे नज़र आते हैं, जबकि आम आबादी पहले ही बहुत तकलीफ़ें उठा चुकी है.”  

जिस विवाह इमारत में ये हमला हुआ वो काबुल के एक शिया मुसलमानों की घनी आबादी वाले इलाक़े में स्थित है. संयुक्त राष्ट्र के अफ़ग़ान मिशन ने पहले भी हुए ऐसे हमलों का लेखा-जोखा तैयार किया है जिनमें जानबूझकर शिया मुसलमानों को निशाना बनाया गया. 

संयुक्त राष्ट्र के अफ़ग़ान सहायता मिशन के मुखिया तादामीची यामामोतो ने कहा कि इन हमलों की भीषणता दिखाती है कि सुरक्षा के तरीक़ों और इंतज़ाम को और ज़्यादा मज़बूत करने की ज़रूरत है.

साथ ही जो लोग इस तरह के हमले करते हैं उन्हें न्याय के कटघरे में ज़रूर लाया जाए और उनके कृत्यों की जवाबदेही तय की जाए. 

उन्होंने ये भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र तमाम अफ़ग़ान नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और अफ़ग़ानिस्तान के नेतृत्व वाली एक ऐसी शांति प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे युद्ध ख़त्म होकर टिकाऊ शांति क़ायम हो सके.