बेनग़ाज़ी में कार बम हमले में तीन यूएन कर्मचारियों की मौत

10 अगस्त 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लीबिया के बेनग़ाज़ी शहर में एक शॉपिंग मॉल के बाहर हुए कार बम हमले की निंदा की है. इस हमले में तीन संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं जिनमें तीन यूएन कर्मचारी भी हैं. सुरक्षा परिषद ने कड़े शब्दों में इस घातक हमले की निंदा करते हुए कहा है कि इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. 

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने युद्ध से जूझ रहे लीबिया में हालात पर विमर्श के लिए शनिवार को आपात सत्र बुलाया जिसमें ताज़ा घटनाक्रम पर चर्चा हुई.

लीबिया में यूएन के विशेष प्रतिनिधि ग़सन सलामे ने अपने एक वक्तव्य में बताया कि संयुक्त राष्ट्र के लीबिया में मिशन में कार्यरत तीन कर्मचारियों की इस हमले में मौत हुई है और तीन अन्य घायल हुए हैं.

अपने बयान में उन्होंने कहा, "यह कायराना हमला एक ऐसे समय में हुआ जब लोग ईद-अल-अज़हा के लिए ख़रीदारी कर रहे थे. यह एक बार फिर ध्यान दिलाता है कि लीबियाई नागरिकों को अपने मतभेद दरकिनार कर लड़ाई बंद करने की ज़रूरत है और हिंसा के बजाए संवाद के ज़रिए साथ मिलकर हिंसक संघर्ष ख़त्म करना होगा."

यूएन प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया है कि "यह हमला हमें डिगा नहीं पाएगा और ना ही लीबिया और वहां लोगों के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि लाने के अपने फ़र्ज़ को पूरा करने से उन्हें रोक पाएगा."

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए लीबियाई प्रशासन से हमले की तत्काल जांच कराए जाने और दोषियों को सज़ा दिलाने का आग्रह किया है. महासचिव गुटेरेश ने मृतकों और घायलों के प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. 

"महासचिव सभी पक्षों से अनुरोध करते हैं कि ईद-अल-अज़हा के समय मानवीय आधार पर हिंसा बंद की जाए और बातचीत की मेज़ पर लौटा जाए ताकि लीबियाई नागरिकों के लिए शांतिपूर्ण भविष्य की ओर बढ़ा जा सके."

यूएन सुरक्षा परिषद ने भी कड़े शब्दों में इस घातक हमले की निंदा करते हुए कहा है कि इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. अगस्त महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहे पोलैंड ने सभी 15 सदस्य देशों की ओर से पीड़ितों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है.

अप्रैल के शुरुआती दिनों में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के सुरक्षा बलों और देश के पूर्वी हिस्से पर नियंत्रण करने वाले लीबियन नेशनल आर्मी के कमांडर खलीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार सैनिकों में भारी लड़ाई शुरू हुई. पूर्व राष्ट्रपति मुआम्मर गद्दाफ़ी के बाद से ही लीबिया भारी राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा से जूझता रहा है.

लीबिया में हिंसा समाप्त कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों के बीच समझौते के लिए प्रयासों मे जुटा है.

अफ़्रीका के लिए यूएन में सहायक महासचिव बिन्टू कैटा ने शनिवार को सुरक्षा परिषद को लीबिया में हालात से अवगत कराते हुए बताया कि ताज़ा हमला देश में आतंकवाद के ख़तरे को रेखांकित करता है. उन्होंने कहा कि एक सरकार, एक सेना और पुलिस के बग़ैर प्रभावी ढंग से सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकती.

उन्होंने आगाह किया कि लंबे समय से चली आ रही हिंसा और अस्थिरता से एक निर्वात पैदा हो रहा है जिसका फ़ायदा चरमपंथी उठा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र लीबिया छोड़कर नहीं जाएगा और आने वाले समय में यूएन लीबियाई नागरिकों के साथ खड़ा रहेगा.

उन्होंने उम्मीद जताई है कि यूएन मिशन के प्रतिनिधि की ओर से ईद-अल-अज़हा के अवसर पर हिंसा रोकने की जो अपील की गई थी, दोनों पक्ष उसे मानेंगे और उसे आगे भी जारी रखेंगे.

 

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