समावेशन है टिकाऊ विकास लक्ष्यों की कुंजी

16 जुलाई 2019

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उच्च-स्तरीय राजनैतिक मंच की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विकास प्रक्रिया में समावेशिता की ज़रूरत पर बल दिया है. उन्होंने कहा कि आधी आबादी के पास जितनी संपत्ति है, उतनी ही संपत्ति सिर्फ़ कुछ ही लोगों के पास होने पर सवाल उठना लाज़िमी है और कि तमाम प्रयासों के बावजूद टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने से अभी दुनिया पीछे है.

समावेशन की अहमियत को समझाते हुए यूएन प्रमुख ने कहा कि अगर विकास न्यायोचित और समावेशी नहीं है तो वह टिकाऊ नहीं हो सकता. असमानता के बढ़ने से दीर्घकालीन वृद्धि पर भी असर पड़ता है.

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोग सही कारणों से ही एक ऐसी दुनिया पर सवाल उठाते हैं जहां सिर्फ़ मुठ्ठी भर लोगों के पास इतनी संपत्ति  है जितनी कि पूरी दुनिया की आधी आबादी के पास है.

समावेशन, सशक्तिकरण और समानता जैसे मुद्दों को टिकाऊ विकास के 2030 एजेंडा के केंद्र में रखा गया है जिसमें बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए 17 लक्ष्यों को वर्ष 2030 तक हासिल किया जाना है.

इसके ज़रिए यह सुनिश्चित किए जाने का प्रयास हो रहा है कि विकास प्रक्रिया में कोई भी पीछे न छूटने पाए.

हालांकि महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने माना कि चार साल पहले 2030 एजेंडा की शुरुआत के बाद से वैश्विक स्थिति ठीक नज़र नहीं आती.

UN News/Elizabeth Scaffidi
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उच्च-स्तरीय राजनैतिक मंच की बैठक.

अत्यधिक ग़रीबी कम तो हो रही है लेकिन उसकी रफ़्तार पर्याप्त नहीं है. देशों के बीच और देशों के भीतर असमानता बढ़ रही है और इससे नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं.

विश्व भर में बेरोज़गारी की दर गिरी है लेकिन वेतन में बढ़ोत्तरी थम गई है. और कोई भी देश 2030 तक लैंगिक समानता के लक्ष्य को पूरा करने के रास्ते पर नहीं है.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों की राह में पर मिश्रित नतीजों के परिप्रेक्ष्य में यूएन प्रमुख ने और प्रयास किए जाने का आग्रह किया है.

साथ ही टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निवेश बढ़ाने, जलवायु कार्रवाई की रफ़्तार तेज़ करने और ग्लोबल कॉम्पैक्ट ऑफ़ माइग्रेशन को त्वरित ढंग से लागू करने की अपील की है.

यूएन प्रमुख ने सरकारों से अपील की है कि प्रगति की रफ़्तार को तेज़ करने के लिए ठोस योजनाओं, कार्रवाई और संकल्पों को गति देनी होगी.

लैंगिक समानता हासिल करने के लक्ष्य में सबसे बड़ी बाधाओं में भेदभाव पैदा करने वाले क़ानूनों, अवसरों और संरक्षण हासिल करने में समान पहुंच न होने, ज़्यादा हिंसा होने और हानिकारक रवैये और प्रथाएं हैं.

जलवायु परिवर्तन से निपटने कार्रवाई में ऊर्जा फूंकने के इरादे से सितंबर में महासचिव गुटेरेश एक जलवायु शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रहे हैं.

उन्होंने विश्व नेताओं से अपील की है कि न्यूयॉर्क में होने वाली इस बैठक में वे भाषण के बजाए ठोस कार्ययोजनाओं को अपने साथ लाएं.

 

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