यूगांडा में ईबोला वायरस से दूसरी मौत के बाद यूएन एजेंसियां सतर्क

13 जून 2019

यूगांडा में ईबोला वायरस से दो लोगों की मौत होने के बाद संयुक्त राष्ट्र की मानवीय राहत एजेंसियां स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं.  पड़ोसी देश काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में पहले से ही बड़े पैमाने पर ईबोला फैला हुआ है और अब यूगांडा में भी इसके मामले सामने आए हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रवक्ता तारिक यासारेविच ने जिनीवा में बताया कि “जिन तीन लोगों को ईबोला होने की पुष्टि हुई थी उनमें से दूसरे व्यक्ति की मौत हो गई है. स्पष्ट है कि स्वास्थ्य मंत्रालय को विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ जल्दी से उन इलाक़ों में जाना चाहिए जहां इन मामलों का पता चला था ताकि उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा सके.”

यूगांडा में प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पांच साल के एक लड़के और उसकी 50 वर्षीया दादी की मौत हुई है.

पीड़ित बच्चा काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में अपने दादा के अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौटा था जिसके बाद से ही उसकी तबीयत ख़राब हो गई थी.

उसके दादा को भी ईबोला संक्रमण रहा था और उनकी मौत 1 जून को हुई थी.

ईबोला का शिकार बच्चा अपने परिजनों के साथ यूगांडा लौट आया जहां उल्टी, दस्त और अन्य लक्षणों की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.

स्वास्थ्यकर्मियों ने बीमारी का संभावित कारण ईबोला से हुआ संक्रमण बताया जिसके बाद उसे ईबोला इलाज केंद्र भेज दिया गया.

लेकिन मंगलवार शाम को उसकी मौत हो गई. अब दादी की भी मौत होने के बाद बच्चे के तीन वर्षीय भाई की ईबोला परीक्षण की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई है.

WHO/Matt Taylor
काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य और यूगांडा की सीमा पर ईबोला वायरस की निगरानी.

एक अन्य मामले में ईबोला से एक 23 वर्षीय युवक के पीड़ित होने की भी आशंका जताई जा रही है और अगर इसकी पुष्टि होती है तो यह ऐसा चौथा मामला होगा.

फ़िलहाल पुष्टि के लिए परीक्षण किया जा रहा है. पीड़ित के संपर्क में आने वाले 27 लोगों की पहचान की गई है.

यूगांडा सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि और अन्य साझेदारों ने एक बैठक की है जिसमें कार्ययोजना तैयार किए जाने पर विचार विमर्श हुआ है.

एहतियात के लिए उठाए जाने वाले क़दमों के तहत सामूहिक रूप से एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है.

मरीज़ के संपर्क में आने वाले लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को रोकथाम के लिए टीके लगाए जा रहे हैं.

साथ ही इस संबंध में चिंता दूर करने और अफ़वाह न फैलने देने के लिए रेडियो पर ज़रूरी सूचना प्रसारित की जा रही है.

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने भी कहा है कि नए मामले सामने आने के बाद ईबोला से निपटने के लिए यूगांडा में इमरजेंसी योजना शुरू की गई है. 

काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में ईबोला के मामले लगातार सामने आए हैं और पिछले साल अगस्त महीने में बीमारी फैलने के बाद से अब तक 1,400 लोगों की मौत हो चुकी है.

हाल के महीनों में यूनीसेफ़ ने यूगांडा सरकार को कार्यक्रमों को अमल में लाने के लिए समर्थन दिया है ताकि पश्चिमी यूगांडा में काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य के सीमावर्ती इलाक़ों में रह रहे बीमारी फैलने की स्थिति में निपटने के लिए तैयार रहें.

इसके तहत साढ़े तीन लाख से ज़्यादा घरों में जाकर बीमारी से संबंधित जानकारी बाँटी है और जल्द मेडिकल सहायता की अहमियत को समझाया गया है.

स्कूलों, चर्चों, मस्जिदों, बाज़ारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बैठकों का आयोजन किया गया जिससे 24 लाख लोगों तक संदेश पहुंचाने में मदद मिली है.

साथ ही संक्रमण की रोकथाम के लिए क्षमता विकसित करने और 1,500 से ज़्यादा लोगों को प्रशिक्षित किया गया है.

 

 

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