ज़िंदगियां बचाने के लिए वायु प्रदूषण से मुक्ति ज़रूरी

4 जून 2019

बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जारी अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने वायु प्रदूषण के लगातार बिगड़ते स्तर और जलवायु संकट में संबंध को रेखांकित करते हुए तत्काल कार्रवाई की अपील की है.  इस वर्ष पर्यावरण दिवस पर वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने और उसकी रोकथाम के प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है.  

ज़हरीली हवा हर साल 70 लाख लोगों की मौत और बच्चों के विकास में अवरोध का कारण बनती है. यूएन प्रमुख ने कहा कि "हम जो पानी पीते हैं, भोजन करते हैं और सांस लेते समय हवा खींचते हैं, उनकी गुणवत्ता पर्यावरण के संरक्षण पर निर्भर करती है."

उन्होंने आगाह किया कि हवा में घुले वायु प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार कण वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी का भी कारण बन रहे हैं जो अस्तित्व के लिए ख़तरा हैं.

"लेकिन पर्यावरण के सामने अभूतपूर्व जोखिम हैं जो मानवीय गतिविधियों के चलते पैदा हुए हैं. दस लाख से ज़्यादा प्रजातियां विलुप्त होने का ख़तरा झेल रही हैं. महासागरों पर दबाव बढ़ रहा है."

अपने वीडियो संदेश में महासचिव गुटेरेश ने अपनी हालिया पैसिफ़िक देशों की यात्रा का ज़िक्र किया जहां वे जलवायु परिवर्तन से जूझते लघु द्वीपीय देशों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन करने के इरादे से गए थे.

“दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के देशों की यात्रा के दौरान मैंने वैश्विक जलवायु आपात स्थिति के गंभीर और बिगड़ते प्रभावों का प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया. खोने के लिए हमारे पास समय नहीं है. यह हमारे जीवन की लड़ाई है.”

UNICEF/Mungunkhishig Batbaatar
मंगोलिया में प्रदूषण का स्तर बहुत ज़्यादा है. स्कूल बस का इंतज़ार करता एक बच्चा.

इस चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने तीन उपायों पर ज़ोर दिया: लोगों की बजाए प्रदूषण पर टैक्स, जीवाश्म ईंधनों के लिए सब्सिडी ख़त्म, और कोयला आधारित ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण बंद.

विश्व पर्यावरण दिवस को 100 से भी ज़्यादा देशों में मनाया जाता है जिसके ज़रिए अंरराष्ट्रीय जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्रवाई को प्रोत्साहन मिलता है.

2019 में इस दिवस पर थीम के केंद्र में वायु प्रदूषण की समस्या है जिसके निपटारे के लिए सरकारों, उद्योगों, समुदायों और लोगों से नवीकरणीय ऊर्जा और हरित तकनीक को बढ़ावा देने और शहरों और क्षेत्रों में हवा साफ़ बनाने की अपील की जा रही है.

हर वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की मेज़बानी एक अलग देश करता है: इस साल यह ज़िम्मेदारी चीन के पास है जहां आधिकारिक कार्यक्रम हान्गजाओ शहर में आयोजित किए जाएंगे.

चीन में औद्योगिकीकरण और तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के चलते वायु की गुणवत्ता ख़ासी प्रभावित हुई है लेकिन इस समस्या से निपटने के प्रयास भी व्यापक पैमाने पर हो रहे हैं.

इन्ही प्रयासों के क्रम में हान्गजाओ शहर में कारों की बजाए साइकिल के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया है जिससे काफ़ी हद तक वायु प्रदूषण में नियंत्रण पाने में सफलता मिली है.

 

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