वायु प्रदूषण है 'मानवाधिकारों का हनन'

3 जून 2019

बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस से पहले एक स्वतंत्र संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ ने सचेत किया है कि अगर सरकारें स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने में विफल रहती हैं तो यह  मानव कल्याण, जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का हनन होगा. इस वर्ष पर्यावरण दिवस पर वायु प्रदूषण के दुष्रप्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने और उसकी रोकथाम के प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है.  

मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत डेविड बॉयड ने सभी देशों से वायु की गुणवत्ता बेहतर बनाकर अपने मानवाधिकार दायित्वों को निभाने की अपील की है.

वायु प्रदूषण एक घातक, मानव-निर्मित समस्या है जो हर साल 70 लाख से ज़्यादा मौतों के लिए ज़िम्मेदार है. इनमें छह लाख बच्चे भी शामिल हैं. कुछ अनुमानों के मुताबिक़ दुनिया भर में 90 फ़ीसदी लोग प्रदूषित हवा में सांस लेने के लिए मजबूर हैं. हर पांच सेकेंड में उम्र से पहले ही एक व्यक्ति की मौत हो रही है.

अपने एक बयान में विशेष दूत बॉयड ने कहा कि साफ़ पानी और उचित साफ़-सफ़ाई, टिकाऊ ढंग से उपजाए गई फ़सलों के साथ-साथ स्वच्छ हवा भी स्वस्थ पर्यावरण का एक अहम अंग है.

“स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार मानव कल्याण के लिए एक बुनियादी ज़रूरत है और इसे राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तरों पर 150 से ज़्यादा देशों ने मान्यता दी है.”

उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां वायु प्रदूषण से निपटने में सफलता मिली है. हाल के दशकों में चीन की राजधानी बीजिंग प्रदूषित हवा से झेलता रहा है लेकिन स्थानीय प्रशासन के प्रयासों के परिणामस्वरूप वहां वायु की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है. बीजिंग की हवा में प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार छोटे कणों में एक तिहाई की कमी आई है.

नाइजीरिया के लागोस लगून में वाहनों से निकलने वाले धुंए और कूड़े के ढेर में आग लगाने से हवा प्रदूषित हो रही है.
UNICEF/Bindra
नाइजीरिया के लागोस लगून में वाहनों से निकलने वाले धुंए और कूड़े के ढेर में आग लगाने से हवा प्रदूषित हो रही है.

 

यूएन के विशेष दूत ने इस साल मार्च महीने में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें वायु प्रदूषण घटाने के लिए उपायों की अनुशंसा की गई थी. इसमें वायु की गुणवत्ता की निगरानी करने, वायु की गुणवत्ता संबंधी क़ानून बनाने और ज़रूरी कार्रवाई का खाका तैयार करने का ज़िक्र था.

“विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, मैं सदस्य देशों से निडर कदम उठाने का आग्रह करता हं ताकि वायु प्रदूषण को हराया जा सके, स्वास्थ्य में बेहतरी हो, जलवायु परिवर्तन से निपटा जा सके और मानवाधिकार दायित्वों को पूरा किया जा सके.”

विश्व पर्यावरण दिवस को 1974 से मनाया जाता रहा है जिसके ज़रिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति विश्व भर में जागरूकता फैलाने और कार्रवाई को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है. हर साल इसके केंद्र में एक थीम होती है जिसका उद्देश्य पर्यावरण पर मंडराते ख़तरों के प्रति आगाह करना होता है. इस साल के लिए थीम 'बीट एयर पोल्यूशन' या 'वायु प्रदूषण को हराइए' रखी गई है.

विश्व पर्यावरण दिवस से पहले जारी अपने वीडियो संदेश में यूएन महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने ध्यान दिलाया है कि लाखों की जान लेने और बच्चों के सही विकास पर प्रभाव डालने के अलावा, वायु प्रदूषण के कारक वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी का भी कारण बन रहे हैं.

यूएन प्रमुख ने जलवायु परिवर्तन को अस्तित्व पर ख़तरा बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ज़ोर देकर कहा है कि लोगों के वेतन के बजाए प्रदूषण पर टैक्स लगाया जाना चाहिए और कोयला आधारित संयंत्रों के निर्माण पर रोक लगनी चाहिए.

 

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