क्राइस्टचर्च में यूएन प्रमुख ने सहिष्णुता और एकजुटता की अपील की

14 मई 2019

अपनी तीन-दिवसीय न्यूज़ीलैंड यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने क्राइस्टचर्च की मस्जिदों में हुए हमले के पीड़ितों को श्रृद्धांजलि दी है. 15 मार्च को शुक्रवार की नमाज़ के दौरान एक बंदूकधारी ने दो मस्जिदों पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें 51 लोग मारे गए. हमले का सीधा प्रसारण बंदूकधारी ने सोशल मीडिया पर किया था.

दुनिया में तेज़ी से उभरती नफ़रत से निपटने के लिए एकजुट प्रयासों की अपील करते हुए यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लिन्वुड और अल नूर मस्ज़िद का दौरा किया और पीड़ितों को पुष्पांजलि अर्पित की.

अल नूर मस्जिद में एकत्र लोगों से यूएन प्रमुख ने कहा कि उनके दुख और पीड़ा को कम करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं, लेकिन वह ख़ुद यहां आकर प्रेम, समर्थन, और प्रशंसा के संदेश को देना चाहते थे. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में कई अन्य लोगों की तरह वह भी क्राइस्टचर्च से मिली करूणा भरी कहानिय़ों से भावुक हो उठे.

“लेकिन मैं हैरान नहीं हूं. जिस भावना को इस समुदाय ने प्रदर्शित किया है वह इस्लाम में गहराई से निहित है – प्रेम, करूणा, क्षमा, और दयालुता का भाव.”

उन्होंने बताया कि यूएन शरणार्थी एजेंसी के उच्चायुक्त के तौर पर उनका अनुभव रहा है कि मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे लोगों के लिए एक ऐसे समय में मुस्लिम देशों ने अपनी सीमाओं को खोल दिया जब दुनिया में कई सीमाएं बंद हैं.

उन्होंने याद किया कि हाल ही में उन्होंने मिस्र की राजधानी काहिरा की यत्रा की जहां उन्होंने शाही इमाम शेख़ अहमद अल-तैयब से मुलाक़ात की. पंथों और धर्मों के बीच आपसी सामंजस्य बढ़ाने के लिए शाही इमाम और पोप फ़्रांसिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों के लिए उन्होंने आभार जताया. दोनों धार्मिक नेताओं ने एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमें धर्मावलंबियों से एक दूसरे का सम्मान करने और मानवता की भलाई के लिए मिलकर काम करने की अपील की गई है.

UN Photo/Mark Garten
क्राइस्टचर्च हमले के पीड़ितों को पुष्पांजलि अर्पित करते यूएन महासचिव.

“मुश्किल दौर में हम सब को एक साथ खड़ा होना चाहिए. नफ़रत भरे भाषण फैल रहे हैं और सार्वजनिक विमर्श में रुखापन आ रहा है. सोशल मीडिया का इस्तेमाल कट्टरता फैलाने के प्लेटफॉर्म में हो रहा है. नफ़रत के ख़तरनाक ढंग से उभरने का जवाब देने के लिए हम सभी को एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहिए.” 

नफ़रत का फैलना एक बड़ी चुनौती

पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए और नफ़रत भरे भाषणों पर लगाम कसने के इरादे से हाल ही में यूएन की ओर से दो पहल शुरू की गई हैं. यूएन एलायंस ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि मिगेल मोराटिनोस एक कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं जिसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों को सुरक्षा प्रदान करने में यूएन की भूमिका रेखांकित करने पर है.  

साथ ही महासचिव गुटेरेश ने जनसंहार की रोकथाम के मुद्दे पर विशेष सलाहकार अडामा डिएंग से नफ़रत भरी बातों और भाषणों से निपटने के प्रयासों में तेज़ी लाने के लिए कहा है जिसके तहत यूएन टीम एक वैश्विक कार्ययोजना को तैयार करेगी.

“नफ़रत भरे भाषण सोशल मीडिया पर जंगल में आग की तरह फैल रहे हैं. हमें इसे बुझाना होगा.” यूएन प्रमुख ने पुरज़ोर ढंग से कहा कि नफ़रत का ऑनलाइन या ऑफ़लाइन कहीं भी स्थान नहीं है.

क्राइस्टचर्च में मुस्लिम समुदाय का धन्यवाद अदा करते हुए कहा, “इस कठिन समय में, पूरे मन से मैं कहना चाहता हूं: आप अकेले नहीं हैं. दुनिया आपके साथ है. संयुक्त राष्ट्र आपके साथ है. मैं आपके साथ हूं.”

महासचिव गुटेरेश की न्यूज़ीलैंड यात्रा उनके पैसिफ़िक द्वीपीय देशों के दौरे का हिस्सा है जिसमें वह मज़बूती से जलवायु कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर बल दे रहे हैं. बुधवार को वह 'पैसिफ़िक आईलैंड्स फ़ॉरम' को संबोधित करेंगे जो इस साल फ़िजी में हो रही है. इसके बाद वह तुवालु और वानुआतु के लिए रवाना होंगे.

जलवायु कार्रवाई के प्रयासों में महत्वाकांक्षा लाने के इरादे से यूएन प्रमुख इस साल सितंबर में न्यूयॉर्क मुख्यालय में जलवायु शिखर वार्ता का भी आयोजन कर रहे हैं.

 

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