लीबिया में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की कड़ी निंदा

9 मई 2019

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में एक एम्बुलेंस पर हमला हुआ है जिसमें आपात सेवाओं के प्रमुख सहित तीन स्वास्थ्यकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. परस्पर विरोधी गुटों के बीच लड़ाई में अब तक 400 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, दो हज़ार से ज़्यादा घायल हुए हैं और हज़ारों आम नागरिकों को विस्थापन के लिए मजबूर होना पड़ा है.

 

अप्रैल के शुरुआती दिनों में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के सुरक्षा बलों और देश के पूर्वी हिस्से पर नियंत्रण करने वाले कमांडर खलीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार सैनिकों में भारी लड़ाई शुरू हुई. पूर्व राष्ट्रपति मुआम्मर गद्दाफ़ी के बाद से ही लीबिया भारी राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा से जूझता रहा है.

लीबिया में मानवीय समन्वयक मारिया रिबेरो ने हमले पर क्षोभ जताते हुए कहा कि एम्बुलेंस पर सीधे हमले में तीन स्वास्थ्यकर्मियों का घायल होना घिनौना है और इससे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. “इस हमले का आदेश देने वालों और इसमें शामिल लोगों को इस जघन्य कृत्य के लिए क़ानूनी और नैतिक ज़िम्मेदारी लेनी होगी.

उनसे सहमति दर्ज कराते हुए, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूएन ‘लोगो’ वाली एम्बुलेंस पर हमले को स्तब्धकारी और अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों का असहनीय उल्लंघन बताया है.

लीबिया में यूएन एजेंसी के प्रतिनिधि डॉ सैयद जफ़र हुसैन ने बताया कि “इस हमले में न सिर्फ़ हमारे प्रमुख स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए बल्कि एम्बुलेंस को भी छीन लिया गया, जिससे आगे मरीजों को राहत पहुंचाने में मुश्किल होगी.”

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार प्रचुर तेल संपद्दा वाले देश में पिछले महीने लड़ाई फिर शुरू होने के बाद से अब तक 11 एम्बुलेंस गाड़ियों को नुक़सान पहुंचा है.

इस साल अप्रैल महीने में तीन चिकित्साकर्मियों की त्रिपोली में मौत हुई है. स्वास्थ्य संगठन ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसी घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंच कर स्वास्थ्य संबंधी सहायता मुहैया कराने वाले कई स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी बिना घायल हुए मदद पहुंचाना मुश्किल होता जा रहा है.

“युद्ध के बुनियादी नियमों के खुले उल्लंघन से अस्पतालों, एम्बुलेंस टीमों का सहायता अभियान ख़तरे में पड़ सकता है जिससे जीवन बचा रहे संकल्पवान स्वास्थ्यकर्मियों को अपनी ज़िम्मेदारियां निभाने में डर लगेगा.”

क्षेत्रीय निदेशक डॉ अहमद अल-मंधारी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ऐसी किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं कर सकता जिससे स्वास्थ्यकर्मियों की जान को ख़तरा पैदा होता हो. “लीबिया में स्वास्थ्यकर्मी लोगों की जान बचाने के काम में जुटे हैं और उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए उन्हें बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के काम करने की अनुमति मिलनी चाहिए.”

त्रिपोली में लड़ाई शुरू होने के बाद, यूएन स्वास्थ्य एजेंसी फ़ील्ड अस्पताओं और एम्बुलेंस टीमों को मदद दे रही है और ज़रूरी मेडिकल राहत सहायता सामग्री उपलब्ध करा रही है. इसमें लड़ाई में घायल होने वाले लोगों के लिए दवाईयां, मेडिकल किट और अन्य सामग्री है.

साध ही त्रिपोली और आसपास के इलाक़ों में आपात मेडिकल टीमों को चुनिंदा अस्पतालों में तैनात किया गया है ताकि ज़रूरत पड़ने पर सर्जरी सहित अन्य कामों में मदद मिल सके.

 

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