प्राण न्यौछावर करने वाले संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों को सम्मान

6 मई 2019

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में सोमवार को एक स्मारक समारोह का आयोजन हुआ जिसमें यूएन की सेवा करते हुए और शांति स्थापना प्रयासों के दौरान जान गंवाने वाले साथियों को सम्मान दिया गया. पिछले साल की शुरुआत से इस साल मार्च महीने तक 115 यूएन कर्मचारियों ने अपनी जान की कुर्बानी दी है. 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि उनके साथियों का बलिदान याद दिलाता है कि यूएन के लिए ज़िम्मेदारियां निभाते समय अक्सर कितने जोखिमों का सामना करना पड़ता है. “लेकिन यह दुनिया भर में हज़ारों पुरुषों और महिलाओं के समर्पण का भी द्योतक है जो शांति के प्रसार के लिए और दुनिया में विकट हालात में रह रहे ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए सब कुछ दांव पर लगा देने के लिए तैयार हैं.” 

यूएन महासभा अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा और इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहे इंडोनेशिया के राजदूत दियान त्रियानस्याह ड्जनी के साथ महासचिव गुटेरेश ने एक मोमबत्ती जलाकर 43 देशों के 115 साथियों को सम्मान दिया. 

महासभा अध्यक्ष ने सेवा की राह में जान देने वाले यूएन कर्मचारियों के प्रति गहरा सम्मान प्रकट करते हुए उनके समर्पण, जज़्बे और मानवता के लिए संकल्प की प्रशंसा की. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसे कर्मचारियों के योगदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा.   

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बताया कि जान गंवाने वाले अधिकांश साथी संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा समुदाय से आते हैं जिसे लगातार घातक और जटिल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इनमें से भी अधिकतर अफ़्रीकी देशों से थे जिन्होंने विकटतम परिस्थितियों में सेवा के लिए यूएन के नीले हेलमेट को पहना.

इस समारोह में अफ़्रीकी संघ चेयरपर्सन मूसा फ़ाकी महामत की मौजूदगी के लिए यूएन महासचिव गुटेरेश ने उनका आभार जताया. 

महासचिव गुटेरेश ने इस अवसर पर इथियोपियन एयरलाइन के विमान हादसे में मारे गए 21 साथियों को भी याद किया और उसे एक बड़ी क्षति बताया. “हमारी गहरी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों और प्रियजनों के साथ हैं जिनमें बहुत से लोग हमारे साथ मौजूद हैं.”

कुछ देर के मौन के बाद, उन्होंने स्पष्ट किया कि यूएन कर्मचारी जिन जोखिमों को झेलते हैं उन्हें कम करने का प्रयास किया जा रहा है और संकट के लिए लोगों को तैयार करने पर भी काम हो रहा है. इसके तहत उन्हें चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक सहारा देना भी सुनिश्चित किया जाएगा. 

“लेकिन हम जानते हैं कि हम बहुत कुछ और भी कर सकते हैं. और मेरा संकल्प है कि यूएन स्टाफ़ के बचाव और सुरक्षा के लिए जो कदम उठाए जाते हैं उनकी समीक्षा की जाए और उसमें बेहतरी लाए जाए.”

यूएन प्रमुख ने कहा कि उन्हें तब क्षोभ होता है जब मानवीय और शांतिरक्षा कर्मचारियों को सीधे निशाना बनाया जाता है. कई मामले युद्धापराध के तहत आते हैं और ऐसी घटनाओं के ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. 

संयुक्त राष्ट्र में सभी से उन्होंने जान गंवाने वाले लोगों को सम्मान देने की अपील की. “शांति, समृद्धि और हर महिला, पुरुष और बच्चे के लिए अवसरों को सुनिश्चित करने के उत्तम कार्य के लिए संकल्पित होकर” ऐसा किया जा सकता है. 

 

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