जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरसंभव प्रयास पर ज़ोर

22 अप्रैल 2019

अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया में सभी के लिए टिकाऊ और न्योयचित भविष्य के निर्माण का सर्वश्रेष्ठ रास्ता तलाशने पर चर्चा हुई. इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए शिक्षा और जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने अहम माना गया है. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए इस साल सितंबर में न्यूय़ॉर्क में अंतरराष्ट्रीय शिखर वार्ता होनी है.

अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस को प्रकृति के साथ समरसता कायम करने के मुद्दे पर संवाद के रूप में जाना जाता है. सोमवार को यूएन महासभा में सदस्य देशों और वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रकृति को बचाने और वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई पर विमर्श किया. 2015 में हुए पेरिस समझौते के अंतर्गत ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भारी कमी लाने और जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए अनुकूलन प्रयास किए जाने पर ज़ोर दिया गया है.

पृथ्वी दिवस के अवसर पर महासचिव गुटेरेश ने एक ट्वीट कर कहा कि ये बेहद अहम है कि हर दिन “हमारे ग्रह का बेहतर ढंग से ख़्याल रखने का संकल्प लिया जाए. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आपसे जो कुछ भी हो सके, कीजिए – यह हमारे समय का निर्धारक मुद्दा है.”

यूएन महासभा की बैठक के लिए तैयार एक नोट में जलवायु परिवर्तन को टिकाऊ विकास के रास्ते में सबसे बड़े वैश्विक ख़तरों में गिना गया है. जलवायु परिवर्तन को एक ऐसा अंसतुलन करार दिया गया है जो मानव जाति के क्रिया कलापों से उपजा है और जिसके नतीजे भावी पीढ़ियों को भुगतने होंगे.

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा ने कहा कि प्रकृति की देखभाल करने का अर्थ वास्तव में लोगों की देखभाल करना है. प्रकृति के स्वाभाविक जीवन चक्र का सम्मान करने की अहमियत बताते हुए उन्होंने कहा कि विश्व को और समृद्ध बनाने के लिए जैव विविधिता में योगदान देना होगा.

“हम वो आख़िरी पीढ़ी है जो पृथ्वी और उसके निवासियों को होने वाली अपूरणीय क्षति से बचा सकते हैं. हम इस समय दोराहे पर खड़े हैं; यह वो समय है जब हम तय करना है कि हम किस मार्ग पर चलेंगे ताकि वैश्विक तापमान में वृद्धि के मामले में हम ऐसे स्थान पर न पहुंच जाएं जहां से लौटना असंभव हो. कोई भी कार्रवाई न करने के नतीजे हम पहले ही जानते हैं.”

जलवायु परिवर्तन के मसले पर महत्वाकांक्षी कार्रवाई के प्रयासों को ऊर्जा देने और पेरिस समझौते के प्रभावी और त्वरित अमलीकरण के लिए यूएन महासचिव ने 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में जलवायु कार्रवाई सम्मेलन का आयोजन किया है. इस बैठक से पहले महासचिव गुटेरेश ने कहा है कि नेताओं को भाषण के साथ नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए ठोस कार्रवाई की योजनाओं के साथ आना चाहिए.  

 

♦ समाचार अपडेट रोज़ाना सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिए यहाँ किसी विषय को सब्सक्राइब करें
♦ अपनी मोबाइल डिवाइस में यूएन समाचार का ऐप डाउनलोड करें – आईफ़ोन iOS या एंड्रॉयड