नोट्रे डाम चर्च के पुनर्निर्माण में मदद के लिए तैयार यूनेस्को

16 अप्रैल 2019

फ्रांस की राजधानी पेरिस के ऐतिहासिक नोट्रे डाम कैथीड्रल में भीषण आग के बाद वहां हुए नुक़सान का जायज़ा लेने और आग से बच गए हिस्से को संरक्षित रखने के प्रयास शुरू हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने कहा है कि पुनर्निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए वो एक आपात मिशन भेजने के लिए तैयार हैं.

फ्रांस की राजधानी के मुख्य आकर्षणों में शामिल ऐतिहासिक  नोट्रे डाम कैथेड्रल में हर साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं और 1991 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया था.  

चर्च का निर्माण कार्य 1160 में शुरू हुआ जो लगभग 100 साल तक चला और फिर 1991 में इसे  विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया गया.  स्थानीय समयानुसार सोमवार शाम को लगी आग से चर्च की छत का दो तिहाई हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है.

यूनेस्को की विश्व धरोहर केंद्र की निदेशक मिशटेल्ड रोएसलर ने यूएन न्यूज़ को बताया कि संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के विशेषज्ञ पुनर्निर्माण कार्य में हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं. यूएन विशेषज्ञ कांच की खिड़कियों और पत्थरों के काम को हुए नुक़सान का आंकलन करेंगे. 

पेरिस और फ़्रांस की पहचान के प्रतीकों में शामिल इस गिरजाघर को धू-धू कर जलते हुए देखना लोगों के लिए एक बेहद कठिन क्षण रहा. “मैंने कई लोगों को देखा जो मेट्रो से नोट्रे डाम जा रहे थे और स्तब्ध थे, क्योंकि यह सिर्फ़ ईसाई समुदाय की नहीं बल्कि हम सब की इमारत है. यह एक सार्वभौमिक प्रतीक है और फ़्रांस का केंद्र है. यही बात लोगों को गहराई तक दुख पहुंचा रही है कि अपनी पहचान से जुड़ा कुछ उन्होंने खो दिया है.”

प्राचीन चर्च को आग की लपटों में घिरा देखने के बाद यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्री अज़ोले ने कहा कि “हम सभी के दिल टूट गए हैं.”

Katie Dallinger
नोट्रे डेम कैथेड्रल में मरम्मत का काम चल रहा था.

 

“ऐतिहासिक, वास्तुशिल्प और आध्यात्मिक दृष्टि से नोट्रे डाम एक उत्कृष्ट सार्वभौमिक धरोहर को प्रदर्शित करता है. यह साहित्यिक विरासत का भी स्मारक है – एक ऐसा स्थान जोकि हमारी सामूहिक कल्पना में अप्रतिम है. फ्रेंच लोगों की विरासत लेकिन उसके साथ पूरी मानवता की भी. जो कुछ हुआ वह हमें धरोहर की ताकत को दर्शाता है जो हमें एक दूसरे से जोड़ता है. हमें पूरी दुनिया से समर्थन के संदेश मिल रहे हैं.”

इस कैथीड्रल को गोथिक स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण माना जाता है जिसमें अभिनव तरीकों से सुंदर बनाया गया है.

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी यूनेस्को ने कहा कि ऐतिहासिक धरोहर को हुए नुक़सान को आंकने और आग से बच गए गिरजाघर के हिस्से को संरक्षित करने के लिए आपात मिशन भेजने को तैयार हैं.

यूनेस्को महानिदेशक अज़ोले ने जल्द से जल्द नुक़सान को आंकने का काम शुरू करने की बात कही है. “इस अमूल्य विरासत की रक्षा करने और पुनर्स्थापित करने में यूनेस्को, फ़्रांस के साथ खड़ा है. हम विशेषज्ञों के साथ संपर्क में हैं और नुक़सान का जायज़ा लेने, जो बच गया है उसे संरक्षित रखने और लघु और मध्यम काल की योजनाओं को तैयार करने के लिए आपात मिशन भेजने के लिए तैयार हैं.”

 

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