11 करोड़ से ज़्यादा लोगों को नहीं मिला पर्याप्त भोजन

2 अप्रैल 2019

दुनिया के 53 देशों में पिछले साल 11 करोड़ से ज़्यादा लोगों को ज़रूरत के अनुसार पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाया जिससे उनकी जान पर ख़तरा मंडराता रहा. 2017 में ऐसे लोगों की संख्या लगभग 12 करोड़ थी. खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और यूरोपीय संघ की ओर से जारी एक नई रिपोर्ट में ये तथ्य उभरकर सामने आए हैं.

पिछले तीन सालों में खाद्य संकट का सामना कर रहे लोगों का आकंड़ा दस करोड़ से ज़्यादा ही रहा है लेकिन इस बार प्रभावित देशों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है. रिपोर्ट दर्शाती है कि इन संकटों की वजह हिंसक संघर्ष और जलवायु जनित और प्राकृतिक आपदाएं हैं.  

ब्रसेल्स में रिपोर्ट पर विचार के लिए बुलाई गई दो दिवसीय बैठक में खाद्य एवं कृषि संगठन के महानिदेशक होसे ग्राज़ियानो दा सिल्वा ने कहा, "इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि 2018 में खाद्य असुरक्षा के शिकार लोगों की संख्या में मामूली कमी आई है लेकिन यह अभी बहुत ज़्यादा है."

"हमें बड़े पैमाने पर मानवीय-विकास-शांति की धुरी पर प्रयास करने होंगे ताकि प्रभावित और नाज़ुक परिस्थितियों में रहने को मजबूर समुदायों को सुदृढ़ बनाया जा सके. जीवन बचाने के लिए हमें आजीविका बचाना भी ज़रूरी है."

रिपोर्ट दर्शाती है कि भूख की गंभीर समस्या से पीड़ित दो तिहाई से ज़्यादा लोग सिर्फ़ आठ देशों में रहते हैं: अफ़ग़ानिस्तान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया, नाईजीरिया, दक्षिण सूडान, सूडान, सीरिया और यमन. इसके अलावा 42 देश ऐसे हैं जहां 14 करोड़ से ज़्यादा लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. 

WFP/Wissam Nassar
ग़ाज़ा में खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है.

 

पिछले साल जलवायु और प्राकृतिक आपदाओं ने 2.9 करोड़ लोगों को खाद्य असुरक्षा की दिशा में धकेल दिया.

विश्व खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डेविड बीज़ली ने कहा कि जीवन बचाना और मानवीय पीड़ा पर मरहम लगाना ज़रूरी है लेकिन इससे खाद्य संकट के मूल कारणों को दूर नहीं किया जा सकता है. "भुखमरी को वास्तविक रूप में समाप्त करने के लिए हमें मूल कारणों पर चोट करनी होगी: संघर्ष, अस्थिरता, जलवायु के दुष्प्रभाव."

"लड़के और लड़कियों को अच्छा सेहतमंद आहार उपलब्ध कराने और शिक्षित बनाने की ज़रूरत है. महिलाओं को सशक्त बनाया जाना होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मज़बूत बनाना होगा ताकि शून्य भुखमरी के लक्ष्य को हासिल किया जा सके."

इसके अलावा रिपोर्ट में संघर्षों की रोकथाम और शांति को टिकाऊ बनाए जाने में निवेश की अहमियत को समझाया गया है जिससे जीवन और आजीविका बचाने, संरचनात्मक कमज़ोरियों को घटाने और भुखमरी के मूल कारणों को दूर करने में मदद मिले.

2014 से 2020 तक यूरोपीय संघ ने खाद्य और पोषण सुरक्षा को बेहतर बनाने और टिकाऊ कृषि पर कार्य के लिए 60 से ज़्यादा देशों में 9 अरब यूरो की सहायता प्रदान की है 

अंतरराष्ट्रीय मानवीय राहत और विकास से जुड़े साझेदार संगठनों के नेटवर्क द्वारा 'ग्लोबल नेटवर्क अगेंस्ट फ़ूड क्राइसिस' या खाद्य संकटों के विरूद्ध वैश्विक नेटवर्क द्वारा यह रिपोर्ट हर साल तैयार की जाती है. 

 

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