संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों को और मज़बूती प्रदान करने की अपील

29 मार्च 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन शांतिरक्षा मिशनों की सराहना करते हुए उन्हें और मज़बूत और सुरक्षित बनाए जाने की बात कही है. न्यूयॉर्क में मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि यूएन शांति मिशन जिन कमियों का सामना कर रहे हैं उन्हें पूरा किया जाना चाहिए ताकि उन लोगों की सेवा में अच्छे परिणाम दिए जा सकें जिनके लिए वे काम कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों और मिशनों के प्रति समर्पण को मज़बूत करने और शांति अभियानों पर चर्चा के लिए मंत्रिस्तरीय यह तीसरी वार्ता थी जो न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय में हुई.

शांतिरक्षा अभियानों की अहम भूमिका को ध्यान दिलाते हुए यूएन प्रमुख ने कहा, “दशकों से हमारे शांति अभियानों ने लाइबेरिया से सिएरा लिओन तक और तिमोर लेस्ते से कंबोडिया तक देशों की मदद की है और वहां संघर्ष के दौर से आगे बढ़ कर शांति कायम की है.”

उन्होंने कहा कि संघर्ष अब जटिल और जोखिम भरे होते जा रहे हैं और इस नज़रिए से यूएन अभियानों को भी बदलना होगा.

2018 में शांतिरक्षा के कार्य में जुटे 27 शांतिरक्षकों की मौत हुई. उनके और अन्य शांतिरक्षकों को सम्मान देते हुए एक मिनट के लिए मौन रखा गया.

शांति मिशनों को मज़बूत और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से 'एक्शन फॉर पीसकीपिंग' की पहल हो रही है. उसके समानांतर, राजनीतिक समाधानों के लिए समर्थन बढ़ाने और शांतिरक्षा अभियानों के लिए अपेक्षाओं को वास्तविक रखने पर भी ज़ोर दिया जाएगा.

साझा संकल्पों के वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने के लिए यूएन प्रमुख ने 150 से ज़्यादा देशों की सरकारों का धन्यवाद अदा किया है. इस वक्तव्य में राजनीतिक समाधानों को आगे बढ़ाने और शांतिरक्षकों के बचाव और उनकी सुरक्षा को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है.

UN Photo/Cia Pak
न्यूयॉर्क मुख्यालय में शांतिरक्षा पर मंत्रिस्तरीय बैठक.

महासचिव गुटेरेश ने कहा कि "हमें परिणाम दिखाई देने शुरू हो गए हैं." कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में मिशन पहले से चुस्त और स्फूर्तिवान हैं और पिछले साल की तुलना में वहां हताहत होने वाले शांतिरक्षकों की संख्या में कमी आई है. साथ ही यह पहली बार हुआ है कि अतिरिक्त सैन्य दलों को तैयार रखा गया है जिन्हें ज़रूरत पड़ने पर 60 दिनों में तैनात किया जा सकता है. 

कमियों को दूर किया जाना आवश्यक

महासचिव ने कहा कि यूएन शांति मिशनों में कुछ कमियां हैं जिन्हें दूर करने का ज़रूरी है. उदाहरण के तौर पर उ्होंने माली में यूएन मिशन का नाम लिया जहां बख़्तरबंद गाड़ियों की आवश्यकता है. वहीं मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में हैलीकॉप्टर चाहिए जो दूर दराज के इलाक़ों में भी इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं.

यूएन शांतिरक्षा अभियानों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए जारी प्रयासों की भी उन्होंने जानकारी दी. “महिला शांतिरक्षक और असैनिक कर्मचारी ज़रूरी हैं.”

उन्होंने स्पष्ट किया कि 2017 में वैंकुवर मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद से संयुक्त राष्ट्र ने महिला अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की संख्या को लगभग दोगुना कर दिया है. हालांकि इस साल अब तक महिला सैन्य शांतिरक्षकों की संख्या महज़ 4 फ़ीसदी है. अगले महीने सुरक्षा परिषद के समक्ष यूएन प्रमुख एक नई रणनीति प्रस्तुत करेंगे ताकि वर्दीधारी महिला शांतिरक्षकों की संख्या को बढ़ाया जा सके.

“हमारी सतत और मज़बूत साझेदारी ही हमें उन लोगों के लिए स्थायी शांति और सुरक्षा को बढ़ाने में मदद कर सकती है जिनकी हम सेवा करते हैं.”

यूएन शांतिरक्षा अभियानों के प्रमुख ज्यां पियरे लाक्रोआ ने बताया कि 110 से ज़्यादा सदस्य देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में आए हैं जो दर्शाता है कि दुनिया भर की सरकारें व्यापक रूप से शांतिरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं.

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में अफ़्रीकी संघ के साथ साझेदारी सहित अन्य उदाहरणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि वास्तविक प्रगति हो रही है.

“अपने साझेदारों के बग़ैर हम स्थायी शांति को नहीं पा सकते.” इस दृष्टि से उन्होंने राजनीतिक समाधानों और शांति समझौतों को लागू करने के लिए अपील की है.

शांति अभियान प्रमुख ने बताया कि यूएन मिशनों को और गतिशील बनाने के लिए ज़रूरी बदलाव किए जा रहे हैं लेकिन कुछ कमियों को पूरा करने की ज़रूरत भी है. सैन्य दलों को हैलीकॉप्टर मुहैया कराए जाने और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही गई है.

 

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