माली में हमले की संयुक्त राष्ट्र ने कड़ी निंदा की

24 मार्च 2019

माली में शनिवार को एक हमले में 134 लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की संयुक्त राष्ट्र ने कड़े शब्दों में निंदा की है. यह हमला माली के केंद्रीय हिस्से में स्थित एक गांव में हुआ जो कुछ समय से अशांत चल रहा है.  हाल के महीनों में देश के केंद्रीय इलाक़ों में हिंसक गतिविधियों में तेज़ी देखने को मिली है.
 

शनिवार को माली की राजधानी बामाको में सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के तौर पर बोलते हुए, यूएन में फ़्रांस के राजदूत फ्रांस्वा देलात्रे ने कहा, “शब्दों में बयान न किए जा सकने वाले इस हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.”

अफ्रीका के साहेल क्षेत्र का दौरा कर रहा सुरक्षा परिषद का प्रतिनिधिमंडल माली की यात्रा पर था जिसके बाद उनकी योजना बुरकिना फ़ासो का दौरा करने की है. 

माली के केंद्रीय मोप्ती क्षेत्र में स्थित गांव ओगुसु-पेउल्ह पर हमला शनिवार सुबह किया गया. हथियारबंद हमलावरों ने शिकारियों के पारंपरिक परिधान पहने हुए थे. 

यूएन में आइवरी कोस्ट के राजदूत काकू हाउजा लिओन एडोम ने इस हमले को "अवर्णनीय क्रूरता" करार देते हुए पीड़ितों के परिजनों, माली की जनता और सरकार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है. 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता ने कहा कि इस हमले से यूएन प्रमुख "स्तब्ध और क्षुब्ध" हैं. रिपोर्टों के मुताबिक़ हमले में 134 आम नागरिकों की मौत हुई है जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. 55 लोगों के घायल होने का समाचार है. 

“महासचिव इस कृत्य की निंदा करते हैं और माली प्रशासन से हमले की तत्काल जांच कराए जाने और दोषियों को सज़ा दिलाने की अपील करते हैं.” महासचिव गुटेरेश ने मृतकों और घायलों के प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है. 

यूएन प्रमुख ने कहा है कि माली के केंद्रीय हिस्से में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार को अपने प्रयास दोगुने कर देने चाहिए. 

अपने एक अलग बयान में, माली में संयुक्त राष्ट्र के मिशन (MINUSMA) के प्रमुख महामत सालेह अनादिफ़ ने माली में हिंसा के चक्र का अंत करने का आग्रह किया है और जानकारी दी है कि घटनास्थल के पास त्वरित कार्रवाई बल को तैनात कर दिया गया है. यूएन मिशन घायलों को पास के सुरक्षित इलाक़ों में भेजे जाने का भी इंतज़ाम कर रहा है. 

इस साल के शुरू से ही मोप्ती में घातक हिंसा की ख़बरें आती रही हैं. पिछले रविवार को माली के सुरक्षा बलों पर दिउरा गांव में हमला हुआ था जिसमें कई सैनिक मारे गए थे. 26 फ़रवरी को दोगोन समुदाय के 10 लोग की एक अन्य हमले में मौत हो गई. 1 जनवरी को अज्ञात हमलावरों द्वारा हुए हमले में 37 लोग की जान गई.

 

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