'हर प्रकार के चरमपंथ के विरूद्ध कार्रवाई की ज़रूरत'

22 मार्च 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने न्यूयॉर्क में एक इस्लामी सांस्कृतिक केंद्र का दौरा कर मुस्लिम समाज के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया है. पिछले सप्ताह न्यूज़ीलैंड में मस्जिदों पर गोलीबारी में 50 लोगों की मौत पर शोक जताते हुए उन्होंने चरमपंथ के हर स्वरूप का विरोध करने की अपील की. साथ ही धार्मिक केंद्रों की सुरक्षा के लिए नई कार्य योजना शुरू किए जाने की मंशा ज़ाहिर की है.

महासचिव गुटेरेश ने कहा है कि उनका समर्थन मुस्लिम परिवारों और समदाय के साथ है. "मैं यहां आपको, आपके परिवारों और आपके समुदाय को अपना समर्थन देने के लिए आया हूं. शुक्रवार को न्यूज़ीलैंड में आतंकी हमले से हम अभी उबर नहींं पाए हैं."

न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च शहर में पिछले शुक्रवार मस्जिद में नमाज़ पढ़ रहे लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी में 50 लोगों की मौत हो गई. यूएन प्रमुख ने कहा कि इस हमले से उन्हें बेहद दुख हुआ है और उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. 

इस कठिन समय में उन्होंने मुस्लिम समाज को याद दिलाया कि वो लोग अकेले नहीं है, और संयुक्त राष्ट्र, और दुनिया उनके साथ है, "मैं जानता हूं कि यह मुश्किल समय है लेकिन मैं यहां भरे दिल से कहने आया हूं कि आप अकेले नहीं हैं. दुनिया आपके साथ है. संयुक्त राष्ट्र आपके साथ है. मैं आपके साथ हूं."

न्यूयॉर्क से न्यूज़ीलैंड और उससे भी आगे तक मुस्लिम समुदाय के साथ एकजुटता की बात कहते हुए उन्होंने इस घटना में जान गंवाने वाले कई साहसी लोगों को याद किया. 

"हमने हाजी दाऊद, हुस्ना, नईम, हुसैन और अन्य नायकों और नायिकाओं के बारे में पढ़ा है जिन्होंने दूसरों की जान बचाते हुए अपनी जान क़ुर्बान कर दी. हमने तीन साल के बच्चे मुआद की तस्वीर देखी जिसे अफ़रा-तफ़री के माहौल में गोलियां लगी. हमने फ़रीद को सुना जो अपनी पत्नी की मौत के बाद टूट गया है लेकिन फिर भी क्षमादान की बात कर रहा है क्योंकि उसके शब्दों में इस्लाम ने उसे यही सिखाया है."

ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में अभूतपूर्व नेतृत्व, प्रेम और सामुदायिक भावना के प्रदर्शन के लिए उन्होंने न्यूज़ीलैंड की जनता का भी आभार व्यक्त किया है.

UN Photo/Evan Schneider
न्यूयॉर्क के इस्लामी सांस्कृतिक केंद्र में यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश.

 

बढ़ती नफ़रत पर लगाम लगे

महासचिव गुटेरेश ने कहा कि यह हमला भयावह है लेकिन हैरान कर देने वाला नहीं, क्योंकि दुनिया में नफ़रत और कट्टरता बढ़ती जा रही है. नफ़रत भरे भाषण जंगल में आग की तरह फैल रहे हैं और इसे रोकने के लिए कदम उठाए जाने आवश्यक हैं.

"नफ़रत भरे भाषण जंगल में आगकी तरह फैल रहे हैं. इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल असहिष्णुता फैलाने में हो रहा है और सार्वजनिक विमर्श बदतर हो रहे हैं."

यूएन प्रमुख ने कहा कि यह कैंसर फैलता जा रहा है और इसके जल्द इलाज की ज़रूरत है. "आज, इस पवित्र स्थान पर पसरी शांति के बीच एक अपील करना चाहता हूं कि सहिष्णुता और करूणा के साथ आने वाले श्रृद्धालुओं की सुरक्षा और उपासना स्थलों की शुचिता को फिर से रेखांकित किए जाने की ज़रूरत हैं. "

दुनिया भर में लोगों को शांतिपूर्ण ढंग से पूजा अर्चना करने का अधिकार होना चाहिए. साथ ही हर दिन मुस्लिम विरोधी भावनाओं और कट्टरता के सभी स्वरूपों  के विरूद्ध एकजुट खड़ा हुआ जाना चाहिए.

इस अवसर पर यूएन प्रमुख ने बताया कि उन्होंने 'सभ्यताओं के गठबंधन' (Alliance of Civilizations) के उच्च प्रतिनिधि मिगेल मोराटिनोस से एक नई कार्ययोजना तैयार करने को कहा है ताकि धार्मिक केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इस सिलसिले में सरकारों, श्रृद्धा आधारित संगठनों और धार्मिक नेताओं से बात कर ऐसे हमलों को रोकने और उपासना स्थलों की सुरक्षा चाकचौबंद करने के रास्ते तलाशे जाएंगे. 

 

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