अभिनव प्रयासों से खुल सकता है समानता का रास्ता

7 मार्च 2019

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की विषय वस्तु “समान सोचें, स्मार्ट बनाएं, बदलाव के लिए अन्वेषण (इनोवेशन) करें” है. दुपहिया साइकिल से लेकर इंटरनेट तक, ऐसे कई साधनों ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है.  

लैंगिक समानता हासिल करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के केंद्र में नई खोज, तकनीक और अभिनव पहल हैं जो दुनिया में महिलाओं और पुरुषों के बीच की खाई को पाट सकते हैं.

और इन चुनौतियों से निपटने में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं. जैविक खेती और सेहतमंद आहार को बढ़ावा देने से लेकर सिर्फ़ महिलाओं द्वारा संचालित पार्सल वितरण सेवा तक, ये कुछ ऐसे उपक्रम हैं जो छोटे स्तरों पर शुरू हुए लेकिन बड़ा बदलाव लाने में सक्षम हैं.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हमने नई ज़मीन तलाशने वालीं और महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही महिलाओं से बात की.

नेहा उपाध्याय
संस्थापक, 'गुण ऑरगैनिक्स'

एक ग़ैर सरकारी संगठन के तौर पर 'गुण ऑरगैनिक्स' की टीम ने लद्दाख में महिला किसानों के साथ काम करना शुरू किया और जैविक खेती से होने वाले फ़ायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए. जैविक खेती के द्वारा उगाए गए पोषक उत्पादों को दिल्ली सहित अन्य शहरों में बिक्री के लिए पहुंचाया जाता है. 

नेहा उपाध्याय ने बताया कि वह हमेशा से महिला किसानों के साथ एक सामाजिक उपक्रम शुरू करना चाहती थीं. उनकी असली ताक़त उनके किसान हैं जो आगे बढ़ने में मदद करते हैं.

नेहा उपाध्याय के साथ बातचीत सुनने के लिए यहां क्लिक करें. 

 

रेवती रॉय
सीईओ, 'हे दीदी'

‘हे दीदी’ एक पार्सल वितरण सेवा कंपनी है जिसमें हर ज़िम्मेदारी महिलाएं ही संभालती हैं. दुपहिया वाहनों पर प्रशिक्षण प्राप्त एजेंट के तौर पर काम करने वाली महिलाएं, किराने का सामान, महत्वपूर्ण दस्तावेज़, कुरियर और अन्य कई सामग्री लोगों के घरों तक पहुंचा रही है.

अधिकांश महिलाएं निम्न आय वाले या ग़रीब परिवारों से आती हैं और रेवती रॉय का कहना है कि इस सेवा के ज़रिए वह महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद कर रही हैं.

रेवती रॉय के साथ बातचीत सुनने के लिए यहां क्लिक करें.

 

रूचि जैन,
संस्थापक, 'तरू नैचुरल्स'

मुंबई स्थित ‘तरू नैचुरल्स’ कंपनी जैविक आहार को बढ़ावा देने और छोटे किसानों, विशेषकर महिला किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है. कंपनी की संस्थापक रूचि जैन छोटे किसानों को खेती के परंपरागत तरीक़ों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं और उनके उत्पादों जैसे काले चावल, हल्दी, गुड़ को बाज़ार से जोड़ते हुए ग्राहकों तक पहुंचाती है.

रूचि जैन के साथ बातचीत सुनने के लिए यहां क्लिक करें.

 

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