यूएन और अफ़्रीकी संघ की साझेदारी शांति प्रयासों की 'आधारशिला'

27 फ़रवरी 2019

संयुक्त राष्ट्र और अफ़्रीकी संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी अफ़्रीका में शांति और सुरक्षा के लिए हो रही प्रयासों की आधारशिला बन गई है.  राजनीतिक मामलों के लिए यूएन की सहायक महासचिव रोज़मैरी डिकार्लो ने सुरक्षा परिषद में चर्चा के दौरान कहा कि अफ़्रीकी महाद्वीप पर बंदूकों को शांत करने की दिशा में प्रयास परिणाम दिखाने लगे हैं.   

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के हाल में दिए भाषण का उल्लेख करते हुए डिकार्लो ने कहा कि अफ़्रीका में आशा की बयार बह रही है.  सुरक्षा परिषद में अफ़्रीका में 'बंदूकों को शांत करने' (Silencing the Guns) से जुड़ी एक पहल पर बुधवार को चर्चा हुई जिसका उद्देश्य संघर्षों की रोकथाम करना और उनका हल निकालना है.

अफ़्रीकी संघ (African Union) ने 2013 में संकल्प लिया था फ़िलहाल जारी संघर्षों का भार अगली पीढ़ी पर नहीं पड़ने देना चाहिए और इसी दृष्टि से सभी युद्धों को 2020 तक समाप्त कर देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. 

डिकार्लो ने कहा, "यूएन और अफ़्रीकी संघ का साझा मिशन संघर्षों की रोकथाम करना है. इस नज़रिए से बंदूकों को शांत करने के लिए होने वाली पहल का यह भी अर्थ है कि उन्हें चलने से ही रोक दिया जाए. पिछले दो सालों में हमने साझा क्षमता विकसित की है जिसके ज़रिए हम परिस्थितियों को बिगड़ने से पहले ही तनाव कम कर रहे हैं और संकटों को सुलझाने के लिए सहयोग का सहारा ले रहे हैं."

अफ़्रीकी संघ (एयू) की शांति और सुरक्षा परिषद ने अगुवाई करते हुए 2017 में एक मास्टर रोडमैप तैयार किया जिसमें 2020 तक बंदूकों को शांत करने के लिए व्यावहारिक कदमों का उल्लेख किया गया था. जनवरी 2018 में अफ़्रीकी संघ असेम्बली ने इसका समर्थन किया. 

साझेदारी से सफलता मिली

सहायक महासचिव ने कहा कि एयू और यूएन के बीच साझेदारी से अफ़्रीकी महाद्वीप के कई देशों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं.  "अफ़्रीकी संघ और संयुक्त राष्ट्र के बीच रणनीतिक साझेदारी अफ़्रीका में यूएन की ओर से शांति और सुरक्षा के लिए हो रही पहलों की आधारशिला बन गई है." 

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में हाल के दिनों में शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए, वहीं दक्षिण सूडान में नए सिरे शांति समझौते पर सहमति हुई जिससे आशा की किरण जगी है. हालांकि हिंसा को पूरी तरह रोकने और यौन हिंसा पर लगाम कसने के लिए अभी दक्षिण सूडान में और प्रयासों की आवश्यकता है.

UNMISS / Eric Kanalstein
दक्षिण सूडान में एक राहत शिविर में शांतिरक्षकों के साथ खड़ा एक बच्चा.

सोमालिया में यूएन और एयू मिलकर राज्यसत्ता-निर्माण, हिंसक चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई और देश में शांति और स्थिरता की पुनर्बहाली के प्रयासों को समर्थन दे रहे हैं. साथ ही महाद्वीप के विभिन्न देशों में चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्वक बनाए रखने को सुनिश्चित किया जा रहा है. 

"निजी उद्यमों की संख्या और शिक्षा तक पहुंच बढ़ रही है. शिशु मृत्यु दर में कमी आई है. एक साल पहले ही मुक्त व्यापार क्षेत्र की शुरुआत की गई है. ये दर्शाता है कि वैश्विक समुदाय के साथ साझेदारी में लोग अफ़्रीकी महाद्वीप पर टिकाऊ शांति और समृद्धता के रास्ते की ओर बढ़ रहे हैं."

डिकार्लो ने कहा कि सशस्त्र संघर्षों के मूल कारणों को सुलझाने के प्रयास हो रहे हैं और इसके लिए राष्ट्रीय संस्थानों और लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत किया जा रहा है, मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए समावेशी सामाजिक आर्थिक विकास की ओर कदम बढ़ाए जा रहे हैं.

चुनौतियां बरक़रार

सहायक महासचिव ने सचेत किया कि कई चुनौतियां अफ़्रीकी राष्ट्रों के सामने अब भी बनी हुई हैं. प्राकृतिक संसाधनों का कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार कायम है और राजनीतिक प्रक्रिया में कुछ समुदायों को वंचित रखा जा रहा है. 

आंतकवाद और हिंसक चरमपंथ के ख़तरे को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने अपने प्रयासों को तेज़ किया है. जून 2018 में संयुक्त राष्ट्र ने अफ़्रीकी संघ के साथ एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. इसका लक्ष्य आतंकवाद निरोधक कदमों के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना और क्षेत्रीय संगठनों और सदस्य देशों में ज़रूरी क्षमता के विकास के लिए समर्थन प्रदान करना था.

उन्होंने कहा कि हमेशा के लिए बंदूकों को शांत करने के लिए यह ज़रूरी है कि इन प्रयासों में सभी की भागीदारी हो. राजनीतिक नेतृत्व और प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रयास हो रहे हैं लेकिन प्रगति की रफ़्तार धीमी पड़ी है. ऐसे में यह आवश्यक है कि दोगुने प्रयास किए जाएं. 

 

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