यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने पुलवामा हमले की कठोर निंदा की

19 फ़रवरी 2019

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट ने जम्मू कश्मीर राज्य के पुलवामा ज़िले में भारतीय सुरक्षा बलों पर हुए आत्मघाती बम हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों को सज़ा दिलाने का आग्रह किया है. उन्होंने आशा जताई है कि भारत और पाकिस्तान क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ाने वाले कदमों से दूर रहेंगे. 

मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशलेट के प्रवक्ता रूपर्ट कोलविल ने कहा, "इस हमले के बाद भी 18 फ़रवरी को पुलवामा में गोलीबारी में 9 जानें और गई हैं जिसका हमें दुख है." 

कोलविल ने उन रिपोर्टों पर भी चिंता व्यक्त की है जिनके अनुसार भारत में कुछ तत्व पुलवामा हमले का इस्तेमाल भारत के अलग अलग हिस्सों में रह रहे कश्मीरी और मुस्लिम समुदाय के लोगों को धमकी देने और उनके ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने की कोशिश में कर रहे हैं. 

"हमें पता है कि भारतीय प्रशासन ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए कार्रवाई कर रहा है और हमें आशा है कि सरकार आगे भी लोगों को ऐसे ख़तरों से सुरक्षित रखने के लिए प्रयास करती रहेगी जो उनकी पहचान या जातीयता की वजह से हो सकते हैं."

बढ़ते तनाव के बीच मानवाधिकार उच्चायुक्त ने उम्मीद जताई है कि परमाणु हथियार संपन्न दोनों पड़ोसी देश क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ाने वाले रास्ते पर नहीं चलेंगे. 

पिछले गुरुवार पुलवामा ज़िले में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ़) के काफ़िले पर एक आत्मघाती कार बम से हमला हुआ था जिसमें 40 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आग्रह किया था. 

 

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