मध्य अफ़्रीका गणराज्य: शांति समझौते पर हस्ताक्षर का स्वागत

6 फ़रवरी 2019

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य की सरकार और वहां सक्रिय रहे 14 हथियारबंद गुटों के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सभी पक्षों को बधाई देते हुए कहा है कि उन्हें अब अपने वायदों को पूरा करने के लिए जुट जाना चाहिए.  

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य 2012 से ही संघर्ष से जुझता रहा है. ईसाई बहुल बलाका-विरोधी मिलिशिया और मुस्लिम बहुल सेलेका विद्रोही गुटों के बीच जारी हिंसा में हज़ारों लोगों की मौत हुई और लगभग 60 फ़ीसदी जनता मानवीय राहत पर निर्भर हो गई. 

2013 में हथियारबंद गुटों ने राजधानी पर कब्ज़ा कर लिया था जिसके बाद राष्ट्रपति फ्रांसिसस बोज़िजे़ को  देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा. 2015 में थोड़े समय के लिए हिंसा में कमी आई और 2016 में चुनाव हुए लेकिन उसके बाद हिंसा फिर तेज़ हो गई. 

शांति वार्ता इस साल  24 जनवरी को सूडान की राजधानी खार्तूम में शुरू हुई थी. शांति और मेलमिलाप के लिए अफ्रीकी संघ की पहल के तहत हुई इस वार्ता को संयुक्त राष्ट्र का भी समर्थन प्राप्त है. समझौते पर सहमति खार्तूम में बन गई थी लेकिन उस पर हस्ताक्षर मध्य अफ़्रीकी गणराज्य की राजधानी बांगुई में बुधवार को हुए. 

गुटेरेश ने बातचीत से समाधान निकालने में सफलता के लिए सभी पक्षकारों की सराहना की और शांति समझौते के अमलीकरण में किए गए वायदों के अनुरूप प्रयास करने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया. 

एक नाज़ुक और परिवर्तन भरे दौर में में अफ़्रीकी गणराज्य को हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए यूएन के संकल्प को रेखांकित करते हुए महासचिव ने पड़ोसी देशों, क्षेत्रीय संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी मदद का हाथ बढ़ाने की अपील की है.

देश में स्थिरता और जवाबदेही कायम करने के प्रयासों के तहत बलाका विरोधी मिलिशिया के राजनीतिक समन्वयक पैट्रीस एडुअर्ड न्गाइसोना को दो हफ्ते पहले अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय भेजा गया जहां उन्हें मानवता के ख़िलाफ़ अपराध और युद्धापराध के आरोपों का सामना करना पड़ेगा. इनमें से अधिकतर मामले 2013 और 2014 के हैं. न्गाइसोना को पिछले साल फ़्रांस में गिरफ़्तार किया गया था.