बाल सुरक्षा के लिए यूनिसेफ़ की 3.9 अरब डॉलर की अपील

29 जनवरी 2019

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि दर्जनों देशों में हिंसक संघर्षों, आपदाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में रह रहे लाखों बच्चों को तत्काल सुरक्षा दिए जाने की आवश्यकता है. यूनिसेफ़ ने दुनिया भर में मानवीय राहत कार्य में मदद के लिए 3.9 अरब डॉलर की अपील भी जारी की है. 

यूनिसेफ़ के आपात कार्यों के निदेशक मैन्युएल फ़ोन्टेन ने सचेत किया कि पिछले 30 सालों में दुनिया भर में हो रहे संघर्ष सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. तीन दशकों में कभी इस पैमाने पर संघर्ष नहीं हुए है इसलिए वे स्पष्ट रूप से ख़तरा हैं. 

आम नागरिकों और उनकी शरणगाहों पर घातक हमले करने पर अंतरराष्ट्रीय क़ानून में मनाही है. बच्चों को हर हाल में सुरक्षा दी जानी चाहिए लेकिन फ़ोन्टेन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लंबे समय से चली आ रही इस धारणा को भी कमज़ोर किया जा रहा है. 

"स्कूलों, अस्पतालों पर हमले और बच्चों को हिरासत में रखना अब आम बात होती जा रही है. जब हथियारबंद गुट बच्चों को अपने गुट में शामिल करते हैं तो बच्चों को पीड़ित के तौर पर नहीं देखा जाता बल्कि उन्हें दोषी मान लिया जाता है. हथियारबंद गुट से अलग होने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है."

बच्चों के लिए मानवीय कार्रवाई में मदद के लिए यूनिसेफ़ द्वारा जारी इस अपील से 59 देशों को मदद मिल सकती है. एजेंसी का लक्ष्य 4 करोड़ से ज़्यादा बच्चों को स्वच्छ पानी, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण प्रदान करना है.

सीरिया अब भी बड़ी चिंता

बाल संरक्षण के लिए कुल 38 करोड़ डॉलर में से 12 करोड़ डॉलर सिर्फ़ सीरिया में प्रभावित बच्चों की सहायता के लिए हैं जबकि अनुमानों के मुताबिक़ 90 करोड़ डॉलर चाहिएं. यह मदद सीरियाई शरणार्थिओं और उन्हें शरण देने वाले देशों के लिए होगी.

"सीरिया में संकट शुरू होने के 8 साल बाद 25 लाख सीरियाई बच्चे मिस्र, इराक, जॉर्डन, लेबनान और तुर्की में शरणार्थी के तौर पर रह रहे हैं जहां उनकी आधारभूत ज़रूरतों जैसे स्वास्थ्य और शिक्षा को स्थानीय संस्थान पूरा करने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं." 

जब उनसे पूछा गया कि क्या सीरियाई परिवार अब अपने देश लौट सकते हैं, तो फ़ोन्टेन ने जवाब दिया कि अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी. 

"कुछ मामले हो सकते हैं जिनमें बच्चे या परिवार सीरिया वापस जाने की इच्छा प्रकट करें और हम उनकी मदद करें लेकिन अभी कुछ कहना जल्दी होगा."

यमन: 20 लाख बच्चों को भोजन की ज़रूरत

सीरिया के बाद दूसरी सबसे ज़रूरत यमन में हैं जहां 54 करोड़ डॉलर की मदद का अनुमान है. हूती लड़ाकों और सरकारी सुरक्षा बलों में हुदायदाह में संघर्षविराम अभी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है जिससे चिंता बनी हुई है.

हिंसा तेज़ होने के चार साल बाद यमन में दो करोड़ से अधिक लोगों को मानवीय राहत की आवश्यकता है जिनमें 20 लाख से ज़्यादा बच्चे शामिल हैं. "2019 में अनुमान है कि चार लाख बच्चे ख़तरनाक कुपोषण का शिकार हो सकते हैं और उनकी जान को ख़तरा हो सकता है." 

आपात हालात वाले अन्य देशों में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य शामिल है जहां हिंसा बढ़ी है और हथियारबंद संघर्ष और मानवाधिकारों का हनन हो रहा है. घातक ईबोला वायरस फैलने के ख़तरे से स्थिति और विकट हो गई है. 

"हथियारबंद गुट बच्चों को ज़बरदस्ती अपने गुटों में शामिल कर रहे हैं और उनका शारीरिक शोषण भी किया जा रहा है. असुरक्षा फैलने से ईबोला वायरस से निपटने के काम में भी बाधा आ रही है और कुपोषण के मामले बढ़ रहे हैं." यूनिसेफ़ की अपील के अनुसार, 14 लाख बच्चों की जान बचाने और कुपोषण दूर करने के लिए मदद की आवश्यकता होगी.

वेनेज़्वेला में भी राजनीतिक हालात बिगड़ने पर फ़ोन्टेन ने कहा कि वहां बच्चों को सुरक्षा मुहैया कराने की ज़रूरत है. "हिंसा के ख़तरे से हम बेहद चिंतित हैं. हम सभी से अनुरोध कर रहे हैं कि ऐसे माहौल में बच्चों को सुरक्षा देनी चाहिए."

राजनीतिक संकट के चलते पिछले कुछ सालों में वेनेज़्वेला से तीस लाख लोगों ने अन्य पड़ोंसी देशों में शरण ली है और उन्हें शरण देने वाले देश के सामने यह एक बड़ी चुनौती है.

 

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