'यहूदीवाद विरोध से निपटना सभी समाजों की ज़िम्मेदारी'

27 जनवरी 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चेताया है कि यहूदीवाद का विरोध दुनिया में सबसे पुराना पूर्वाग्रह है जिसने कई पीढ़ियों को तबाह किया है. गुटेरेश ने संकल्प लिया कि हर प्रकार की नफ़रत के ख़िलाफ़ लड़ाई में यूएन सबसे आगे रहेगा और सभी के लिए मानवीय गरिमा कायम करने के प्रयासों को मज़बूती देता रहेगा.  

यहूदियों के सामूहिक नरसंहार के पीड़ितों की स्मृति में अंतरराष्ट्रीय स्मरण दिवस (27 जनवरी) से  पहले न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक पार्क ईस्ट सिनेगॉग (यहूदी उपासना स्थल) में एक समारोह आयोजित किया गया. अपने संबोधन में यूएन महासचिव ने कहा, “आज हमारे सामने सबसे ज़रूरी चुनौती है कि एक ऐसे दौर से सबक लिए जाएं जब नस्लीय विचारधारा के लिए मानवीय गरिमा को ताक पर रख दिया गया था.” 

उन्होंने ध्यान दिलाया कि पिछली साल जब उन्होंने सिनेगॉग में लोगों को संबोधित किया था उससे चार दिन पहले ही हथियार लेकर एक व्यक्ति ने पिट्सबर्ग के एक उपासना स्थल में एकत्र लोगों को निशाना बनाया था. वह चिल्ला रहा था, “सब यहूदियों को मर जाना चाहिए.”

“जब गोलियां चलनी बंद हुई तब तक 11 लोग मारे जा चुके थे. जो मारे गए वो किसी के भाई, पति और पत्नी थे. एक 97 साल की महिला भी शिकार हुई. सबको प्रार्थना सभा के दौरान मार दिया गया. यह एक बर्बर हमला था - अमेरिका के इतिहास में यहूदीवाद के विरोध में हुआ सबसे ख़राब हमला. उस दुख में हम यहां सब शरीक हुए थे.” उन्होंने याद किया कि सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने नफ़रत के ख़िलाफ़ अपना समर्थन दिया था.  

गुटेरेश ने कहा कि उन्हें डर है कि पिट्सबर्ग के बाद चिंता करने की और वजहें हैं क्योंकि अमेरिका और यूरोप में यहूदीवाद के विरोध से प्रेरित हमले बढ़ रहे हैं और नात्सी प्रतीक और नारे अब भी प्रचलन में हैं.. “यहूदीवाद विरोध फिर से हो रहा है और स्थिति बदतर होती जा रही है.”  

गुटेरेश ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र का होलोकॉस्ट आउटरीच कार्यक्रम दर्जनों देशों में कार्यक्रम आयोजित करता है. साथ ही नफ़रत के ख़िलाफ भाषणों पर लगाम कसने के लिए वैश्विक कार्ययोजना पर भी काम चल रहा है. 

“हम कोशिश कर रहे हैं कि उन वजहों को गहरे तौर पर सुलझा सकें जो डर और ग़ुस्से को पैदा करते हैं और लोगों को लोकप्रियता से प्रभावित राजनीति का शिकार बनने के लिए मजबूर करते हैं. जिससे अवसरवादी और विभाजनकारी राजनीतिज्ञों को आगे आने का मौक़ा मिलता है. इसका अर्थ यह है कि हमें निष्पक्ष वैश्वीकरण और लोकतांत्रिक समाजों के निर्माण के लिए काम करना होगा.”

“और इसके लिए सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को यह दिखाना होगा कि वे लोगों की फ़िक्र करते हैं और उनकी भावनाओं और ज़रूरतों को समझते हैं. इसमें मैं संयुक्त राष्ट्र को भी शामिल करता हूं और यह हर समाज के लिए एक काम है."

गुटेरेश के विचारों से सहमति प्रकट करते हुए पार्क ईस्ट उपासना स्थल के वरिष्ठ रब्बाई आर्थर श्नाइर ने कहा कि यहूदीवाद विरोधी भावनाएं सिर्फ़ यहूदियों को निशाना नहीं बनाती. यह इस बात का संकेत देती हैं कि कोई समाज अपने अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव करता है. यहूदियों के सामूहिक नरसंहार (होलोकॉस्ट) के पीड़ितों की स्मृति में अंतरराष्ट्रीय स्मरण दिवस हर साल 27 जनवरी को मनाया जाता है. 

 

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