वेनेज़्वेला: गहराते राजनीतिक संकट को जल्द सुलझाने की अपील

24 जनवरी 2019

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने वेनेज़्वेला में राजनीतिक उठापठक और हिंसक प्रदर्शनों में लोगों के हताहत होने की रिपोर्टों के बीच घटनाओं की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच कराए जाने और सभी पक्षों से देश में व्याप्त तनाव को कम करने का आग्रह किया है. वेनेज़्वेला लंबे समय से राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है.

राजधानी कराकस में सुरक्षा बलों और हज़ारों प्रदर्शनकारियों में घातक झड़पें होने की ख़बरे हैं. प्रदर्शनकारी वेनेज़्वेला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो से पद से हटने की मांग कर रहे हैं. 

यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़न जुजेरिक की ओर से जारी एक वक्तव्य के अनुसार "संयुक्त राष्ट्र महासचिव हिंसक प्रदर्शनों में लोगों के हताहत होने की रिपोर्टों से चिंतित हैं और ऐसी घटनाओं की स्वतंत्र और पारदर्शी ढंग से जांच चाहते हैं."ऐसे नाज़ुक समय में महासचिव "सभी पक्षों से अनुरोध करते हैं कि तनाव में कमी लाने, हिंसा की रोकथाम करने और स्थिति को बदतर होने से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं."

मई 2018 में वर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने विवादों में घिरे चुनावों में जीत का दावा किया था जिसका अधिकतर विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया था. दो हफ़्ते पहले ही उन्होंने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली है. 

लेकिन बुधवार को विपक्षी नेता जुआन ग्वाइदो ने वेनेज़्वेला में फिर चुनाव होने तक ख़ुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया.

यूएन महासचिव का यह वक्तव्य स्विट्ज़रलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के सालाना कार्यक्रम के दौरान जारी किया गया है.  इस बयान में मानवाधिकारों और क़ानून के राज को ध्यान में रखते हुए  समावेशी और विश्वसनीय राजनीतिक संवाद के ज़रिए देश में लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को सुलझाने की बात कही गई है. 

दावोस में एक फ़ेसबुक लाइव कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए महासचिव गुटेरेश ने उन सरकारों पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया जिन्होंने राष्ट्रपति के रूप में मदुरो को मान्यता दे दी है. उन्होंने कहा कि संप्रभु सरकारों के पास ख़ुद निर्णय लेने का ज़िम्मा है. 

उन्होंने वेनेज़्वेला के लोगों की पीड़ा और वहां बिगड़ती स्थिति के प्रति चिंता जताई. "आर्थिक रूप से लगातार मुश्किलें झेल रहे इतने सारे लोग देश छोड़ कर जा चुके हैं. राजनीतिक ध्रुवीकरण भी है. हम आशा करते हैं कि संवाद कायम हो जाएगा और वेनेज़्वेला को एक ऐसे संकट में धकेलने से बचा जा सकता है जिससे नुक़सान हो."

विश्व खाद्य कार्यक्रम के मुताबिक़ हाल के कुछ सालों में तीस लाख वेनेज़्वेला निवासी देश छोड़ कर जा चुके हैं. वे आसमान छूती महंगाई, खाने पीने की चीज़ों की कमी, दवाईयों और रोज़गार का साधन न होने से परेशान थे. 

मानवीय संकट के अलावा देश में मानवाधिकार हनन के मामले भी सामने आ रहे हैं. लोगों की हत्या किए जाने, प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ अत्यधिक बल प्रयोग होने, मनमाने ढंग से लोगों को हिरासत में लिए जाने और उनको प्रताड़ित किए जाने की रिपोर्टें मिली हैं.

 

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