माली में हुए घातक हमले की जांच करेंगे मानवाधिकार विशेषज्ञ

3 जनवरी 2019

माली में संयुक्त राष्ट्र स्थिरता मिशन ने कहा है कि एक गांव में हाल ही में हुए हमले की जांच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों से कराई जाएगी. इस हमले में 37 नागरिकों की मौत हो गई थी जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.  

संयुक्त राष्ट्र स्थिरता मिशन (MINUSMA) ने हमले की निंदा करते हुए मृतकों के लिए न्याय की पुकार लगाई है. घटनास्थल पर स्थानीय सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है और पुलिस जांच की भी तैयारी हो  रही है. आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ भी हमले की जांच और सबूत जुटाने में सहयोग करेंगे.  

मिशन की विशेष उपप्रतिनिधि जोआन एडमसन ने कहा, "मैं आम नागरिकों के ख़िलाफ़ कुलोगोन पेअल गांव में हुए हमले की कड़ी निंदा करती हूं और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाए जाने की अपील करती हूं."

"मोपती और सेगु क्षेत्र में हिंसक घटनाओं की रोकथाम दिनोंदिन ज़रूरी होता जा रहा है और न्यायिक और राजैतिक समाधानों के लिए हमें अपने प्रयास और तेज़ करने होंगे."

यूएन मिशन के मुताबिक़ अज्ञात हमलावरों ने नए साल के पहले दिन सुबह पांच बजे धावा बोला और लोगों को निशाना बनाने के साथ साथ उनके घरों और अनाज के भंडारों को भी नष्ट कर दिया. 

ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब भूमि और मवेशियों के मुद्दें पर दशकों से स्थानीय समुदायों में चला आ रहा तनाव फिर बढ़ रहा है.

माली में चरमपंधियों और हथियारबंद गुटों ने 2012 में देश के उत्तरी इलाक़े में अपना नियंत्रण कायम कर लिया था . फ़्रांसीसी सेना की दखल के बाद चरमपंथी पीछे हटे लेकिन उत्तर और केंद्रीय इलाक़ों में कुछ समुदायों में उन्हें समर्थन मिलता रहा है. इसके चलते पिछले एक साल में मानवीय हालात बदतर हो रहे हैं. 

माली के 50 ज़िलों में रहने वाले क़रीब 72 लाख लोग असुरक्षा, सूखे और बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. इनमें लगभग 32 लाख लोगों को मानवीय सहायता की ज़रूरत है. संयुक्त राष्ट्र की मानवीय मामलों की संस्था (OCHA) ने कहा है कि स्थिति में बेहतरी के लिए देश के उत्तर में शांति समझौते को प्रभावी रूप से अमल में लाया जाना अहम है. 

 

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