महिलाएं

कोविड-19 से लड़ने की धुन में टीकाकरण ना छूट जाए

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि साल 2019 में दुनिया भर में लगभग एक करोड़ 30 लाख बच्चों को अनेक तरह की बीमारियों से बचाने वाले टीके नहीं लगवाए गए थे. इसलिए संगठन ने तमाम देशों की सरकारों से टीकाकरण सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा है कि ख़ासतौर से कोविड-19 महामारी के माहौल में टीकाकरण में किसी भी तरह की बाधा बहुत से बच्चों के लिए बेहद ख़तरनाक साबित हो सकती है.

कोविड-19 से मुक़ाबले में महिलाओं व लड़कियों की भलाई पर हो ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि लैंगिक समानता व महिलाधिकारों के क्षेत्र में पिछले दशकों के दौरान अथक मेहनत से जो प्रगति हासिल की गई है, वो कोविड-19 महामारी के कारण ख़तरे  में पड़ती नज़र आ रही है. यूएन प्रमुख की ये स्पष्ट चेतावनी एक ऐसे नीति दस्तावेज़ में पेश की गई है जिसमें ये विवरण दिया गया है कि मौजूदा महामारी के कारण किस तरह पहले से मौजूद असमानताएँ और भी ज़्यादा गहरी हो रही हैं.

विश्व स्वास्थ्य दिवस: नर्सों और दाइयों को अभिवादन

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 2020 के विश्व स्वास्थ्य दिवस पर नर्सों और दाइयों के योगदान का ख़ास उल्लेख किया है. कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने में सभी स्वास्थ्यकर्मियों की सेवाएँ बहुत अहम बन गई हैं.

महासचिव का वीडियो संदेश..

कोविड-19 के कारण महिलाओं पर हिंसा में बढ़ोत्तरी

 कोविड-19 पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत अनेक देशों में तालाबंदी विश्व आबादी का एक बड़ा हिस्सा घरों में सिमट गया है. महासचिव ने इन हालात में महिलाओं व लड़कियों के प्रति घरेलू हिंसा के मामलों में ‘भयावह बढ़ोत्तरी’ दर्ज किए जाने पर चिंता जताई है...

कोविड-19: महिलाओं पर हिंसा के अंत की मुहिम को यूएन का समर्थन

संयुक्त राष्ट्र ने महिलाओं व लड़कियों के ख़िलाफ़ हर प्रकार की हिंसा के अंत के लिए तत्काल वैश्विक कार्रवाई की पुरज़ोर अपील की है. विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण तालाबंदी होने से लोग घरों में महदूद रहने के लिए मजबूर हैं जिसके बाद घरेलू हिंसा के मामलों में तेज़ी आई है. हर क्षेत्र में स्थित देशों से अब तक मिली रिपोर्टों के अनुसार आवाजाही पर पाबंदी लगने, सामाजिक जीवन में दूरी बरते जाने, और आर्थिक व सामाजिक दबाव बढ़ने से घरेलू हिंसा के मामले बढ़े हैं.

लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा में ‘भयावह बढ़ोत्तरी’ चिंता का सबब 

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत दुनिया के कई देशों में तालाबंदी लागू होने से विश्व आबादी का एक बड़ा हिस्सा घरों तक सीमित हो गया है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इन हालात में महिलाओं व लड़कियों के प्रति घरेलू हिंसा के मामलों में ‘भयावह बढ़ोत्तरी’ दर्ज किए जाने पर चिंता जताते हुए सरकारों से ठोस कार्रवाई का आहवान किया है. 

कोविड-19: वूहान में दो महीने तक एकांतवास की आपबीती

कोविड-19 का मुक़ाबला करने के लिए अनेक देशों ने हाल ही में लॉकडाउन यानी पूर्ण तालाबंदी लागू करने की घोषणा की है. जिसके कारण आमजन को काफ़ी समय अपने घरों पर ही गुज़ारना पड़ रहा है. चीन के वूहान प्रान्त को इस वायरस का जन्म स्थान माना जा रहा है और वहाँ लोगों को ख़ुद को एकांतवास में रखने का समय लगभग दो महीना रहा है. यूएन न्यूज़ ने वूहान के एक निवासी डीज़ी (परिवर्तित नाम) से यह जानने के लिए बातचीत की एकांतवास का सामना वो कैसे कर रही हैं. अनूदित साक्षात्कार के संपादित अंश...

कोविड-19: 'भारत में परीक्षण किट उत्पादन क्षमता के बावजूद चुनौती है गंभीर'

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के लिए एक आसानी है कि उसके पास परीक्षण किटों के उत्पादन की क्षमता मौजूद है, मगर लगभग एक अरब 30 करोड़ की आबादी के लिए पर्याप्त संख्या में किटों का उत्पादन कर पाना एक बड़ी चुनौती है. संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की भारत में प्रतिनिधि अर्जेंटीना मैटावेल ने यूएन न्यूज़ के साथ एक ख़ास बातचीत में कहा कि इसका मतलब ये है कि इस महामारी से लड़ाई के लिए भारत में जब आप और हम बात कर रहे हैं, तो भारत परीक्षण किटों के उत्पादन में व्यस्त है.

लैंगिक समानता की दिशा में तेज़ी से क़दम बढ़ाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने महिलाओं की स्थिति पर आयोग (CSW) के 64वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि बीजिंग में 25 वर्ष पहले लैंगिक समानता व महिला सशक्तिकरण के जिस संकल्प को लिया गया था उसे असरदार और तेज़ गति से लागू किए जाने की ज़रूरत है. आयोग के 64वें सत्र की उदघाटन बैठक सोमवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई लेकिन शेष सत्र को कोरोनावायरस के कारण फ़िलहाल स्थगित कर दिया है.

'महिलाओं के बिना कोई टिकाऊ विकास व शांति नहीं'

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि अगर दुनिया भर में आधी आबादी (महिलाओं) को अगर पीछे छोड़ दिया जाता है तो विश्व टिकाऊ विकास लक्ष्य हासिल करने के योग्य नहीं बन पाएगा. उप महासचिव ने रविवार, 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौक़े पर पपुआ न्यू गिनी में ये बात कही.