महिलाएं

बच्चे किसी भी देश में यौन शोषण से सुरक्षित नहीं

पूरी दुनिया में कहीं भी ऐसी कोई सुरक्षित जगह नहीं है जहाँ बच्चों का यौन शोषण, यौन दुराचार और बच्चों को वेश्यावृत्ति के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता हो. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने मंगलवार को एक ताज़ा रिपोर्ट में ये बात कही है.

लड़कियों के लिए अब भी 'हिंसा व भेदभाव' से भरी है दुनिया

दुनिया में पहले समय की तुलना में मौजूदा समय में लड़कियाँ कहीं ज़्यादा संख्या में और ज़्यादा अवधि के लिए स्कूलों में शिक्षा हासिल करने के लिए जा रही हैं लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी प्रगति के बावजूद उनके लिए समानता और हिंसा रहित माहौल सुनिश्चित करने की मंज़िल अब भी दूर है. विश्व में ‘महिलाओं की स्थिति पर आयोग’ के 64वें सत्र के ठीक पहले जारी हुई संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF), प्लान इंटरनेशनल और यूएन महिला संस्था की एक नई रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है.

एड्स को हराने के लिए महिलाओं के ख़िलाफ़ भेदभाव का ख़ात्मा ज़रूरी

एड्स पर काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएनएड्स (UNAIDS) ने ‘शून्य भेदभाव दिवस’ पर कहा है कि एड्स को हराने की लड़ाई को महिलाओं के अधिकारों और उनके साथ होने वाले भेदभाव के सभी रूपों के विरुद्ध संघर्षों से अलग नहीं किया जा सकता. यूएनएड्स की कार्यकारी निदेशक विनी ब्यानयिमा ने इस अवसर पर अपने संदेश में लिंग-आधारित हिंसा, असमानता और असुरक्षा का अंत करने की पुरज़ोर अपील की है. 

21वीं शताब्दी को महिलाओं के लिए समानता की सदी बनाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 21वीं सदी को महिलाओं के लिए समानता सुनिश्चित करने वाली सदी बनाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा है कि जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की बराबर हिस्सेदारी विश्व के सुरक्षित भविष्य, स्थिरता, हिंसक संघर्ष की रोकथाम और टिकाऊ व समावेशी विकास के लिए अहम है. उन्होंने लैंगिक असमानता और महिलाओं व लड़कियों के प्रति भेदभाव को एक ऐसा अन्याय क़रार दिया जो विश्व भर में व्याप्त है. 
 

मानवाधिकार परिषद: महिलाधिकारों का एजेंडा अभी 'अधूरा है'

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बाशेलेट ने 'बीजिंग घोषणापत्र' की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि महिला अधिकारों कि दिशा में हुई प्रगति पर संतुष्ट होकर नहीं बैठा जा सकता. विश्व भर में महिला अधिकारों के सामने चुनौतियों पैदा हो रही हैं.

विज्ञान में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने व लैंगिक खाई पाटने की पुकार

विश्व में वैज्ञानिक शोधकर्ताओं की कुल संख्या में महिलाएँ 30 फ़ीसदी से भी कम हैं जो दर्शाता है कि वैज्ञानिक जगत में महिलाओं व लड़कियों के लिए हालात में अब भी असमानता क़ायम है. विज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में शिक्षा व रोज़गार के लिए महिलाओं व लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को 'विज्ञान में महिलाओं व लड़कियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस' पर प्रोत्साहन दिया जा रहा है.

महिला ख़तना के कारण हर साल अरबों डॉलर का नुक़सान

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि महिला जननांग विकृति यानी महिला ख़तना ना केवल महिलाओं के स्वास्थ्य और अच्छे रहन-सहन के लिए गंभीर ख़तरे पैदा करता है बल्कि इसके कारण विशाल आर्थिक नुक़सान भी होता है. इस दर्द भरी प्रथा के स्याह पक्षों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसे रोकने के लिए हर वर्ष 6 फ़रवरी को अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है.

मैक्सिको में फँसे प्रवासी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने मैक्सिको सरकार को याद दिलाते हुए कहा है कि जो भी शरणार्थी बच्चे देश की सीमा में दाख़िल होते हैं उनके अधिकारों की रक्षा करना वहाँ के अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है. 

महिलाओं की ख़ातिर यूएन वीमेन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारतीय मूल की अनीता भाटिया को मई 2019 में सहायक महासचिव नियुक्त किया था. अनीता भाटिया को विश्व भर में लैंगिक समानता, लड़कियों और महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करने वाली यूएन संस्था यूएन वीमेन की डिपुटी कार्यकारी निदेशक की ज़िम्मेदारी सौंपी है. ये पद उन्होंने अगस्त में संभाला और तभी से उन्होंने अनेक देशों का दौरा करके महिलाओं की भलाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का जायज़ा लिया है. यूएन हिन्दी न्यूज़ के साथ ख़ास बातचीत...

कुपोषण से निपटने का अनोखा नुस्ख़ा

भारत के मध्य प्रदेश में महिलाओं ने कुपोषण से निपटने का एक अनोखा तरीक़ा अपनाया है. ये महिलाएँ अपने बाग़ीचों में सात अलग-अलग सब्ज़ियाँ उगाते हैं जिससे उन्हें पूरे सप्ताह खनिज और विटामिनों से भरपूर ताज़ा सब्ज़ियाँ मिलती हैं और बीमारियाँ दूर रहती हैं...