महिलाएं

महिलाओं की रंग लाती मेहनत

महाराष्ट्र में सरकार और कृषि के लिए अंतरराष्ट्रीय विकास कोष की मदद से महिलाओं ने घर की संकरी चार-दीवारी से बाहर निकलकर आत्मनिर्भर होने में ठोस कामयाबी हासिल की है. ये महिलाएँ सपने देख रही हैं और उन्हें पूरा करने के फ़ैसले भी ले रही हैं. एक रिपोर्ट...

वैश्विक जलवायु कार्रवाई में ग्रामीण महिलाएँ एक शक्तिबल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में ग्रामीण महिलाएँ व लड़कियाँ जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के वैश्विक प्रयासों में एक ताक़तवर माध्यम हैं.  

युद्धों में मारे गए बच्चों की याद में यूनीसेफ़ की संवेदनशील पहल

ऐसे में जबकि दुनिया भर के कई हिस्सों में बच्चों ने वार्षिक छुट्टियों के बाद फिर से स्कूल जाना शुरू कर दिया है तो संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने संघर्षरत इलाक़ों में रहने वाले बच्चों की दयनीय स्थिति को दर्शाने और बेहतर सुरक्षा की पुकार लगाते हुए एक अनोखा अभियान शुरू किया.

ख़सरा और रुबेला के 2023 तक ख़ात्मे का संकल्प

विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिण पूर्वी एशिया के क्षेत्र के सदस्य देशों ने अपने यहाँ ख़सरा और रुबेला बीमारियों को साल 2023 तक पूरी तरह से ख़त्म करने का संकल्प व्यक्त किया है. दक्षिण पूर्वी एशियाई क्षेत्र के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय समिति के नई दिल्ली में 5 सितंबर को हुए 72वें सत्र में ये संकल्प लिया गया.

सऊदी महिलाओं के लिए संरक्षण प्रणाली का ख़ात्मा 'उत्साहजनक'

सऊदी अरब में महिलाओं को पासपोर्ट के लिए आवेदन और पुरुष संरक्षकों की मर्ज़ी के बग़ैर विदेश यात्रा की अनुमति दिए जाने को उत्साहजनक क़दम बताया गया है. संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय से पुरुष संरक्षक प्रणाली के पूर्ण उन्मूलन में मदद मिलेगी लेकिन अभी सभी पाबंदियां हटाने के लिए और प्रयास किए जाने होंगे.

माँ के दूध के अनगिनत फ़ायदे, फिर भी बेपरवाही

इसमें ज़रा भी शक़ नहीं है कि माँ का दूध बच्चों के लिए बहुत से फ़ायदों वाला यानी अमृत समान होता है मगर दुनिया भर में माँ बनने वाली महिलाओं को नर्सिंग की समुचित सुविधाएँ मुहैया कराने वाली नीतियाँ मौजूद नहीं हैं, विशेष रूप में कामकाज के स्थानों पर. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) की अध्यक्ष हेनरिएटा फ़ोर ने बुधवार को कही.

मानव तस्करी की ज़्यादातर शिकार महिलाएँ व लड़कियाँ

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा है कि मानव तस्करी एक ऐसा जघन्य अपराध है जिससे दुनिया का हर इलाक़ा प्रभावित होता है, विशेषरूप में महिलाएँ और बच्चे. मंगलवार, 30 जुलाई को मानव तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर महासचिव ने ये संदेश दिया है. मानव तस्करी को रोकने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष ये दिवस 30 जुलाई को मनाया जाता है.

अफ़ग़ान शांति में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने रविवार को एक  ज़ोरदारअपील जारी करते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में सभी पक्षों को अतीत की तकलीफ़ों और मतभेदों को भुलाकर सुलह करनी चाहिए और देश में शांति स्थापना के प्रयासों में महिलाओं को भी अहम भूमिका देनी चाहिए. आमिना मोहम्मद ने संक्षिप्त अफ़ग़ान यात्रा के दौरान रविवार को ये भी कहा कि एक ऐसी राजनैतिक प्रक्रिया क़ायम की जाए जिसमें सभी की भागीदारी हो, ख़ासतौर से महिलाओं की आवाज़ को वास्तविक रूप में प्रमुख जगह मिले.

महिलाओं की स्थिति: परिवारों में ही है बदलाव की बुनियाद

महिलाओं की अधिकारों की स्थिति में हाल के दशकों के दौरान अलबत्ता काफ़ी सुधार देखा गया है लेकिन पुरुषों और महिलाओं के बीच असमानता (लिंग भेद) और परिवारो में ही महिलाओं के अन्य बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन के गंभीर मामले अब भी सामने आते हैं.

विधवाओं को क़तई बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस के अवसर पर कहा है कि विधवाओं के नाज़ुक हालात के बारे में सभी को संवेदनशील तरीक़े से सोचना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि उनकी आर्थिक व भावनात्मक मुश्किलें कहीं उनके लिए और ज़्यादा मुश्किलें ना पैदा कर दें. अंतरराषट्रीय विधवा दिवस हर वर्ष 23 जून को मनाया जाता है. इस मौक़े पर महासचिव ने सभी का आहवान करते हुए कहा कि ये सभी इंसानों की ज़िम्मेदारी है कि विधवाएं कहीं अकेली और बेसहारा ना रह जाएँ और उन्हें पीछे ना छोड़ दिया जाए.