महिलाएं

मोज़ाम्बीक़ में ढाई लाख विस्थापित बच्चों को घातक बीमारियों का ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि मोज़ाम्बीक़ में, पीने के स्वच्छ पानी, स्वच्छता व साफ़-सफ़ाई की कमी के कारण, लगभग ढाई लाख बच्चों के लिये जानलेवा बीमारियों का जोखिम पैदा हो गया है. ये सभी बच्चे उत्तरी प्रान्त में संकटों के कारण विस्थापित हैं.

भारत में लैंगिक हब बनाने के लिये पहल

संयुक्त राष्ट्र की महिला संस्था, UN Women, और भारत के केरल प्रदेश की सरकार ने, देश के पहले लैंगिक डेटा हब की स्थापना के मक़सद से, सोमवार को एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं.

मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़े "गम्भीर परिणामों" की रोकथाम की अपील

दुनिया भर में प्रजनन और मातृत्व स्वास्थ्य में सुधार के लिये समर्पित एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष UNFPA ने,  गर्भावस्था और मातृत्व स्वास्थ्य से जुड़े गम्भीर परिणामों की रोकथाम करने के लिये, वर्ष 2030 तक ढाई अरब डॉलर की रक़म जुटाने की अपील की है. 

कोविड-19 के दौरान घरेलू हिंसा बढ़ोत्तरी से निपटने के लिये यूएन एजेंसियों के सक्रिय प्रयास

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामलों में बढोत्तरी दर्ज की गई और सख़्त पाबन्दियों के कारण सहायता सेवाओं की उपलब्धता भी सीमित रही है. भारत में संयुक्त राष्ट्र घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को सहारा देने वाले संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है और उन्हें हरसम्भव सहायता उपलब्ध कराने के लिये प्रयासरत है. एक रिपोर्ट... 

संशोधित अफ़ग़ान क़ानून भी, यौन हिंसा की पीड़ित महिलाओं को इन्साफ़ दिलाने में नाकाम

यूएन मानवाधिकार एजेंसी और अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने कहा है कि देश में न्याय व्यवस्था अब भी हिंसा और यौन अपराधों की शिकार महिला पीड़ितों को पर्याप्त सहायता मुहैया कराने में नाकाम है, जब वर्ष 2009 में एक ऐसा क़ानून बनाया गया था जिसे महिलाओं को संरक्षा व सुरक्षा मुहैया कराने के क़ानूनी प्रयास आगे बढ़ाने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण क़दम क़रार दिया गया था.

लड़की: समानता का जन्म-सिद्ध अधिकार

संयुक्त राष्ट्र के अन्तरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) की भारत में 'तेजस्विनी' परियोजना के तहत आयोजित कन्या नामकरण समारोह, कन्या भ्रूण हत्या को कम करने और भारत में महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने में मदद कर रहा है. संयुक्त राष्ट्र द्वारा लिंग आधारित हिंसा के ख़िलाफ़ 16 दिनों की सक्रियता मुहिम के मौक़े पर भारत के महाराष्ट्र प्रदेश में, IFAD द्वारा वित्त पोषित ये परियोजना, एक बच्ची को जन्म देने और उसके इर्द-गिर्द नकारात्मक धारणाओं को उलटने की कोशिश कर रही है... देखें ये वीडियो...

'लिंग आधारित हिंसा को ख़त्म कर दें, हमेशा-हमेशा के लिये'

संयुक्त राष्ट्र ने तमाम देशों की सरकारों ने लिंग आधारित हिंसा को हमेशा के लिये ख़त्म करने के लिये प्रयास दो गुने करने का आहवान किया है. बुधवार को महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा का उन्मूलन करने के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर ये आहवान किया गया है.

कोविड-19: एक लड़की की नज़र में असमानता

कोविड-19 महामारी के बढ़ते फैलाव के बीच, लड़कियाँ महिला ख़तना (FGM) से मुक्ति पाने का अधिकार पाने और सुरक्षा व कल्याण के लिये समान अवसरों का उपयोग करने के लिये आवाज़ उठा रही हैं.

निजेर में 15 साल की एस्टा पूछती हैं, "अगर कोई इलाज मिल भी गया, तब भी क्या क्या हमारे जैसे देशों को वो हासिल हो पाएगा?" 

यह वीडियो, लड़कियों ने ख़ुद बनाकर, अपने विचार, अपने शब्दों में व्यक्त किये हैं. (देखिये वीडियो)...

कोविड-19: एक लड़की की नज़र में भविष्य

दुनिया भर की लड़कियाँ एक ऐसे भविष्य की कल्पना करती हैं जो समावेशी और निष्पक्ष हो. माली में 15 साल की मकदीदिया कहती हैं, "मैं सभी बच्चों के अभिभावकों से कहना चाहता हूँ कि वो यह समझें कि हम कुछ कहना चाहते हैं, और हमारे विचार मायने रखते हैं, क्योंकि हम दुनिया का भविष्य हैं." 

यह वीडियो, लड़कियों ने ख़ुद बनाकर, अपने विचार, अपने शब्दों में, कैमरे में समेटे हैं... (वीडियो सौजन्य: यूनीसेफ़)
 

सर्वाइकल कैन्सर से छुटकारा पाने की रणनीति, बचाई जा सकेंगी लाखों जानें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सर्वाइकल कैन्सर से छुटकारा पाने के लिये मंगलवार को एक रणनीति पेश की है जिसके ज़रिये वर्ष 2050 तक इस कैंसर से अनुमानतः 50 लाख महिलाओं व लड़कियों को मौत के मुँह से बचाया जा सकेगा.