महिलाएं

सुपरमॉडल नतालिया वोदियानोवा - महिला स्वास्थ्य व सशक्तिकरण के लिये नई पैरोकार

यौन एवँ प्रजनन स्वास्थ्य मामलों पर संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UNFPA) ने सुपरमॉडल और सामाजिक सरोकारों से जुड़ीं, नतालिया वोदियानोवा को अपनी नई सदभावना दूत नियुक्त किया है. यूएन जनसंख्या कोष ने कहा है कि नतालिया की मदद से महिलाओं व लड़कियों को सशक्त बनाने और माहवारी से जुड़ी वर्जनाओं का मुक़ाबला करने का प्रयास किया जाएगा.  

सामाजिक न्याय दिवस: एक नज़र महिलाओं के साथ भेदभाव पर...

20 फ़रवरी को विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष, इस दिवस के साथ ही, दुनिया एक नए दशक में क़दम रख रही है, और इसका अर्थ है कि हमारे पास, टिकाऊ विकास लक्ष्यों का लैंगिक समानता पर वैश्विक लक्ष्य #5, हासिल करने के लिये केवल 10 वर्ष का समय बचा है. दुख के साथ कहना पड़ता है कि हमें अभी लम्बा रास्ता तय करना है. यहाँ तक कि भोजन जैसी बुनियादी आवश्यकता पूरी करने के लिये भी, विश्व के लगभग दो तिहाई देशों में, ऐसी अधिक सम्भावना है कि पुरुषों की तुलना में ज़्यादा महिलाएँ, भूख और खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगी.

यूएन, यौन शोषण व उत्पीड़न से कैसे निपटता है?

यौन शोषण और उत्पीड़न अस्वीकार्य हैं. अन्तरराष्ट्रीय सिविल सेवक के रूप में हम, संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों और आदर्शों को समर्पित हैं, तो हम सभी को कहना है, ‘हम ये सहन नहीं करेंगे.’ (वीडियो)

भारत: ग्रामीण महिलाओं का डिजिटल सशक्तिकरण

भारत में विश्व बैंक के वित्त पोषण से स्व-नियोजित महिला संघ (SEWA), ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल तकनीक में प्रशिक्षित करने की कोशिशों में सक्रिय है. कोविड-19 महामारी के दौरान इसी परियोजना ने महिला कारीगरों के जीवन में व्यवधान नहीं उत्पन्न होने दिया है.

महिलाओं और लड़कियों का विज्ञान से है नाता – यूएन प्रमुख 

बहुत सी महिला वैज्ञानिकों को, वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान प्रयोगशालाएँ बन्द होने और सम्बन्धियों की देखभाल करने की बढ़ी ज़िम्मेदारियाँ सम्भालने सहित, अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार, 11 फ़रवरी, को ‘विज्ञान में महिलाओं व लड़कियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस’ पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी में, लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने की पुकार लगाई है. 

अफ़ग़ानिस्तान: एक बिटिया को जन्म देने वाली माँ की उम्मीदें और डर...

अफ़ग़ानिस्तान में, एक माँ, कुछ ही दिनों में, इस दुनिया में आने वाली अपनी बेटी के लिये, एक ऐसे देश में, अपनी उम्मीदों और डर के बारे में बात कर रही हैं जहाँ एक लड़की को जन्म देना, आशीर्वाद समझने के बजाय, एक अभिशाप भी समझा जा सकता है. देश के, पुरुष प्रधान समाज में, अक्सर महिलाएँ और लड़कियाँ, पुरुषों के हाथों, बुरे बर्ताव और प्रताड़ना का सामना करती हैं, लड़कियों की तुलना में, लड़के ज़्यादा पसन्द किये जाते हैं और उन्हें ज़्यादा अहमियत दी जाती है.

FGM: महिला ख़तना को बन्द करने और लाखों लड़कियों की सुरक्षा के लिये, एकजुटता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र ने हर वर्ष लाखों लड़कियों व महिलाओं को महिला जननाँग विकृति (FGM) के जोखिम से बाहर निकालने के लिये, समाज के तमाम क्षेत्रों और स्तरों पर, सहयोग व एकजुटता से काम लेने का आहवान किया है. महिला जननाँग विकृति को महिला ख़तना भी कहा जाता है.

नेपाल: रेडियो के ज़रिये लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने की मुहिम

कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में शिक्षा प्रभावित हुई है,  विशेष रूप से कमज़ोर वर्ग की लड़कियों के स्कूल छोड़ने और उनकी शिक्षा में व्यवधान आने का बड़ा ख़तरा पैदा हो गया है. नेपाल में संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, हाशियेकरण के शिकार समुदायों में, लड़कियों की शिक्षा के बारे में जागरूकता व चेतना जगाने के लिये, साथ मिलकर एक रेडियो कार्यक्रम के ज़रिये प्रयासों में जुटी हैं.

फ़िरदौसी क़ादरी: असाधारण जज़्बा

2020 के लिये विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों के अन्तरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर, हाल ही में, लौरिएल फाउण्डेशन और यूनेस्को के 22वें वुमन इन साइंस पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा की गई. इनमें एक विजेता बांग्लादेश की डॉक्टर फ़िरदौसी क़ादरी भी हैं... (वीडियो).

वर्ष 2021 को, बच्चों के लिये बनाना होगा अधिक सुरक्षित व स्वस्थ, यूनीसेफ़

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने गुरूवार को कहा कि वर्ष 2021 के पहले दिन, दुनिया भर में 3 लाख 71 हज़ार 500 से ज़्यादा बच्चे, इस दुनिया में अपनी ज़िन्दगी की पहली साँस लेंगे.