यूएन मामले

जनरल डिबेट का सीधा प्रसारण

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र की उच्चस्तरीय बैठक मंगलवार, 22 सितम्बर को शुरू हो गई है जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष व सरकार अध्यक्ष शिरकत कर रहे हैं. कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2020 के इस उच्च स्तरीय सप्ताह के दौरान जनरल डिबेट यानि आम चर्चा वर्चुअली आयोजित की जा रही है जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि न्यूयॉर्क स्थित महासभा में निजी शिरकत करने के बजाय, पहले से रिकॉर्ड किये गए वीडियो सन्देशों के ज़रिये हिस्सा ले रहे हैं. ये चर्चा आमतौर पर रोज़ाना प्रातः 9 बजे (न्यूयॉर्क समय) शुरू होगी. यहाँ आप सीधा प्रसारण देख सकते हैं...

75वाँ सत्र: कोविड-19 पर बहुपक्षीय कार्रवाई की ख़ातिर संकीर्ण हितों को छोड़ना होगा, सीरिया

सीरिया के उपप्रधानमन्त्री और विदेश मन्त्री वलीद अल-मुअलम ने शनिवार को यूएन महासभा की जनरल डिबेट में कहा कि कुछ देश अपने संकीर्ण एजेण्डा पर आगे बढ़े चले जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप दुनिया उन सिद्धान्तों से दूर होती जा रही है जो अन्तरराष्ट्रीय मानकों और संयुक्त राष्ट्र के कामकाज को मज़बूती प्रदान करते हैं.  

75वाँ सत्र: ब्रिटेन की ओछे मतभेद भुलाकर, साझा दुश्मन के ख़िलाफ़ एकजुटता की पुकार

ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने मानवता में अभूतपूर्व तरीक़े से एकता पैदा कर दी है. यूएन महासभा के वार्षिक 75वें सत्र के दौरान जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि अलबत्ता ये स्वास्थ्य संकट विभाजन के लिये भी एक असाधारण शक्ति साबित हुआ है.

75वाँ सत्र: बांग्लादेश का रोहिंज्या मुद्दे पर व्यापक अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई का आग्रह

बांग्लादेश की प्रधानमन्त्री शेख़ हसीना ने देश में रोहिंज्या शरणार्थियों की मदद के लिये मज़बूत अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता की पुकार लगाई है ताकि रोहिंज्या समुदाय के लोगों की म्याँमार वापसी सुनिश्चित हो सके.  बांग्लादेश में इस समय दस लाख रोहिंज्या रह रहे हैं जो मुख्यत: मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और राष्ट्रविहीन हैं.  

75वाँ सत्र: जापान कोविड-19 पर जवाबी कार्रवाई की अगुवाई के लिये है तैयार 

जापान के प्रधानमन्त्री योशीहीदे सूगा ने महासभा के 75वें सत्र को सम्बोधित करते हुए पुनर्बहाली, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास के बीच नज़दीकी सम्बन्ध को रेखांकित किया है. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 और उससे उपजे व्यवधानों के ख़िलाफ़ वैश्विक जवाबी कार्रवाई में जापान अग्रणी भूमिका निभाने के लिये तैयार है. 

75वाँ सत्र: यूएन ढाँचे में सुधार - वक़्त की ज़रूरत, भारतीय प्रधानमन्त्री

भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक चुनौतियों और संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे व आकार को देखते हुए इस विश्व संगठन में सुधार किया जाना, समय की ज़रूरत बताया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में शनिवार को जनरल डिबेट के लिये दिये अपने वीडियो सन्देश में प्रधानमन्त्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का सामना करने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका उपयुक्त रही है, लेकिन ये भी सवाल दरपेश है कि इस साझा लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र कहाँ खड़ा है? उसकी प्रभावी प्रतिक्रिया कहाँ है?

 

75वाँ सत्र: नेपाल ने कहा, असाधारण दौर से गुज़रती दुनिया में बहुपक्षवाद है कुंजी

नेपाल के प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा है कि मानवता को शान्ति व समृद्धि की दिशा में आगे ले जाने के लिये सहयोग व एकजुटता की भावना बेहद अहम है. उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और संयुक्त राष्ट्र को मज़बूत बनाने का दायित्व सदस्य देशों पर है.

75वाँ सत्र: पााकिस्तान के प्रधानमन्त्री ने 'इस्लामोफ़ोबिया' के उभार पर चिन्ता जताई

पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान ख़ान ने कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों में स्फूर्ति के लिये अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत टकराव के बजाय आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया चाहिये. इमरान ख़ान ने शुक्रवार को यूएन महासभा में जनरल डिबेट को दिये सन्देश में बढ़ते 'इस्लामोफ़ोबिया' या मुस्लिम समुदाय से तथाकथित भय की भावना पर चिन्ता जताई है.

75वाँ सत्र: महमूद अब्बास का सवाल, न्यायसंगत समाधान के लिये ‘हमें कब तक इन्तज़ार करना होगा’

फ़लस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने संयुक्त राष्ट्र जनरल असेम्बली के 75वें सत्र को सम्बोधित करते हुए फ़लस्तीनियों द्वारा हर दिन झेले जा रहे कष्टों और कठिनाइयों पर दुनिया का ध्यान आकृष्ट किया है. उन्होंने कहा कि रोज़मर्रा के जीवन में फ़लस्तीनी जनता विपत्तियों का सामना करती है और दुनिया बस मूकदर्शक बन कर देखती है.  

यूएन महासभा का 360 डिग्री नज़ारा

संयुक्त राष्ट्र महासभा विश्व पंचायत का काम करती है जहाँ सभी देशों के नेताओं को अपनी बात कहने के लिये मंच मिलता है. महासभा एक स्थान है जहाँ हर देश को समान महत्व व दर्जा हासिल है और किसी भी प्रस्ताव ये मुद्दे पर सभी देशों को मतदान का बराबर अधिकार है. यहाँ देखिये महासभा का 360 डिग्री नज़ारा, कवि डब्ल्यू एच ऑडेन की एक प्रशंसा कविता के साथ...