यूएन मामले

जटिल दुनिया में बहुपक्षवाद – सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष ने सदस्य देशों से आग्रह किया है कि कोविड-19 वैक्सीन को, हर एक स्थान पर, हर किसी के लिये उपलब्ध कराने के लिये पहले  से कहीं ज़्यादा प्रयास किये जाने होंगे. यूएन महासभा प्रमुख वोल्कान बोज़किर ने सचेत किया है कि भलाई की नीयत होने और बाँह में असल में वैक्सीन लगी होने की तुलना नहीं की जा सकती.  

चीन की वैक्सीन को आपदा प्रयोग के लिये WHO की स्वीकृति

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को घोषणा की है कि चीन में विकसित की गई एक कोविड-19 वैक्सीन को, आपदा प्रयोग की अनुमति दे दी गई है. साइनोफ़ार्म नामक इस वैक्सीन के आपदा प्रयोग को हरी झण्डी मिलने के बाद, इस वैक्सीन का प्रयोग, सम्भवतः उन देशों में किया जा सकेगा जहाँ अभी तक या तो वैक्सीन बिल्कुल भी नहीं पहुँची है या फिर कम मात्रा में पहुँची है.

प्राण निछावर करने वाले यूएन कर्मचारियों की स्मृतियों को सहेजने का संकल्प

संयुक्त राष्ट्र ने उन 336 कर्मचारियों को एक स्मरण समारोह में श्रृद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने वर्ष 2020 में अपने दायित्व का निर्वहन करते समय, अपना सर्वोच्च बलिदान किया. किसी एक वर्ष में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राण निछावर करने वालों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है. यूएन महासचिव ने गुरूवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, इन सभी कर्मचारियों को सदैव याद रखने का संकल्प लिया है.

'मीडिया-लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को तमाम देशों की सरकारों से आग्रह किया है कि वो स्वतंत्र, निष्पक्ष और विविधतापूर्ण मीडिया को समर्थन व सहयोग देने के लिये, वो सब सुनिश्चित करें, जो उनकी शक्ति के अन्तर्गत किया जा सकता है. यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त ने भी मीडिया को, “लोकतांत्रिक समाजों की आधारशिला” बताया है.

साइप्रस गतिरोध सुलझाने के लिये नई पहल, यूएन प्रमुख को यथार्थवादी अपेक्षाएँ

साइप्रस के भीतर दशकों पुराने तनाव का हल निकालने के इरादे से, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में एक ताज़ा कोशिश, मंगलवार को जिनीवा में शुरू हुई है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता ने कहा है कि यूएन प्रमुख इस प्रयास में ठोस प्रगति के लिये वास्तविकता पर आधारित अपेक्षाएँ रखे हुए हैं.

आपबीती: 'भारत में कोविड-19 ने जैसे सूनामी का रूप ले लिया है'

जब मार्च 2020 में कोविड-19 का फैलाव शुरू हुआ तो किसी ने सोचा भी न था कि आगे क्या मंज़र देखने को मिलेगा. आज, जबकि कोरोनावायरस महामारी को शुरू हुए पूरा साल बीत चुका है, हालात बहुत भयावह हैं. सभी स्तब्ध हैं - हममें से हर एक के जीवन को यह छूकर या फिर छिन्न-भिन्न करके निकल चुका है और हम नि:शब्द हैं.  भारत में कोरोनावायरस के संक्रमण की दूसरी और अत्यन्त भयावह लहर पर, यूएन न्यूज़ - हिन्दी की अंशु शर्मा का ब्लॉग, जो ख़ुद भी कोविड-19 के प्रभावों की भुक्तभोगी हैं...

लीबिया: राजनैतिक समाधान की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदारों ने, लीबिया में चल रहे संकट का एक समावेशी और व्यापक राजनैतिक समाधान तलाश करने की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया है.

पेरिस जलवायु समझौते पर एक वीडियो नज़र...

पेरिस जलवायु समझौता, देशों को नैट शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिये अपने स्वयं के रास्ते बनाने देता है. यह राष्ट्रों, व्यवसायों और लोगों के ऊपर है कि वे यह करने के नए तरीक़े खोजें. ऊर्जा उत्पादन से लेकर परिवहन, विनिर्माण और खेती तक. एक वीडियो परिचय...

म्याँमार संकट ख़त्म करने में आसियान की अहम भूमिका रेखांकित

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने एशिया के नेतृत्वकर्ताओं से, म्याँमार में रक्तरंजित संकट का शान्तिवूर्ण समाधान तलाश करने के लिये प्रयास बढ़ाने का आहवान किया है. ध्यान रहे कि ये संकट फ़रवरी में, सेना द्वारा लोकतान्त्रिक सरकार का तख़्तापलट किये जाने के बाद पैदा हुआ है. 

वैक्सीन समता समय की चुनौती, एकजुटता व साझेदारी की ज़रूरत

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के संक्रमण के मामले, पिछले दो महीनों के दौरान लगभग दो गुना बढ़ गए हैं, और दुनिया भर में महामारी का संक्रमण अभी तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है, ऐसे में वैक्सीन का विषम वितरण, ना केवल नैतिक भयावहता है, बल्कि आर्थिक व महामारी विज्ञान के नज़रिये से भी आत्म-पराजयी है.