यूएन मामले

75वाँ सत्र: इसराइल ने कहा, ‘शान्ति के दायरे' में जल्द शामिल होंगे अन्य अरब देश भी

इसराइल के प्रधानमन्त्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को यूएन महासभा के सत्र की जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में कुछ अरब देशों के साथ हुए समझौतों को शान्ति का दायरा बढ़ाने वाली एक अच्छी ख़बर क़रार दिया है. प्रधानमन्त्री नेतन्याहू ने पहले से रिकॉर्ड कराए गए अपने वीडियो सन्देश में हिज़्बुल्लाह चरमपंथियों पर बेरूत के एक रिहायशी इलाक़े में हथियारों का भण्डारण करने का भी आरोप लगाया है.  

कोविड-19: दुर्सूचना पर वाजिब चिन्ताएँ सुनी जाएँ और डर दूर किये जाएँ

कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया भर में व्याप्त अनिश्चितता, भय और चिन्ता के माहौल में संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ पदाधिकारी दुनिया भर में लोगों की बात सुनने, उनकी चिन्ताओं की वैधता को समझने और ग़लत जानकारी और विज्ञान पर आधारित सटीक सूचना के बीच अन्तर समझने में उनकी मदद करने के लिये तत्पर हैं.

75वाँ सत्र: जर्मनी ने कहा, कोविड-19 के ख़िलाफ़ अन्तरराष्ट्रीय सहयोग से दिखे नतीजे

जर्मनी के विदेश मन्त्री हाइको मास ने कहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 ने यह बात उजागर कर दी है कि किस तरह हिंसा व टकरावों को सुलझाने के प्रयासों में अन्तरराष्ट्रीय सहयोग से नतीजे हासिल किये जाते हैं. उन्होंने मंगलवार को यूएन महासभा के 75वें सत्र में जनरल डिबेट के लिये पहले से रिकॉर्ड किये गए वीडियो सन्देश में माना कि अभी इस दिशा में एक लम्बा रास्ता तय करना है. 

75वाँ सत्र: द्विपक्षीय सहयोग ही है रोहिंज्या वापसी के मुद्दे का ‘एकमात्र समाधान’ – म्याँमार 

म्याँमार के स्टेट काउन्सलर कार्यालय में मन्त्री ने कहा है कि बांग्लादेश में शरणार्थी के तौर पर रह रहे रोहिंज्या लोगों की म्याँमार वापसी का मुद्दा प्रभावी ढँग से सुलझाने के लिये दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग ही एकमात्र रास्ता है. स्टेट काउन्सलर कार्यालय में मन्त्री ने मंगलवार को यूएन महासभा के 75वें सत्र की जनरल डिबेट को अपने वीडियो सन्देश में कहा कि उनकी सरकार मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों को गम्भीरता से लेती है.  

75वाँ सत्र: यूएई ने जताई उम्मीद, इसराइल के साथ समझौते से शान्ति वार्ता में मिलेगी मदद

संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मन्त्री शेख़ अब्दुल्ला बिन ज़ायद अल नाहयान ने कहा है कि इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सम्बन्धों को बहाल करने वाले ऐतिहासिक समझौते से अरब क्षेत्र में भावी पीढ़ियों के लिए शान्ति और उज्ज्वल भविष्य के प्रयासों को मज़बूती मिलनी चाहिये. यूएई के विदेश मन्त्री ने मंगलवार को यूएन महासभा के 75वें सत्र की जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में ये बात कही है.  

बन्द करनी होगी भोजन बर्बादी, यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में भोजन की बर्बादी और अपशिष्ट कम करने के लिये नए तरीक़े व समाधान अपनाने की सख़्त ज़रूरत है. महासचिव ने मंगलवार, 29 सितम्बर को ये सन्देश भोजन की बर्बादी और अपशिष्ट कम करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले प्रथम अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर दिया है.

मावनवाधिकार परिषद के "आँख और कान" के सामने वित्तीय संकट

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतन्त्र मानवाधिकर विशेषज्ञों ने आगाह करते हुए कहा है कि धन की कमी होने के कारण उनका कामकाज जोखिम में पड़ता नज़र आ रहा है. सोमवार को सदस्य देशों को जारी एक अपील में उन्होंने कहा कि उनके कामकाज के लिये समुचित धनराशि की उपलब्धता अनेक वर्षों से चिन्ता का कारण रही है, लेकिन कोविड-19 महामारी के संकट ने उनके कामकाज को और भी ज़्यादा कठिन बना दिया है.

75वाँ सत्र: कोविड-19 पर बहुपक्षीय कार्रवाई की ख़ातिर संकीर्ण हितों को छोड़ना होगा, सीरिया

सीरिया के उपप्रधानमन्त्री और विदेश मन्त्री वलीद अल-मुअलम ने शनिवार को यूएन महासभा की जनरल डिबेट में कहा कि कुछ देश अपने संकीर्ण एजेण्डा पर आगे बढ़े चले जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप दुनिया उन सिद्धान्तों से दूर होती जा रही है जो अन्तरराष्ट्रीय मानकों और संयुक्त राष्ट्र के कामकाज को मज़बूती प्रदान करते हैं.  

75वाँ सत्र: ब्रिटेन की ओछे मतभेद भुलाकर, साझा दुश्मन के ख़िलाफ़ एकजुटता की पुकार

ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने मानवता में अभूतपूर्व तरीक़े से एकता पैदा कर दी है. यूएन महासभा के वार्षिक 75वें सत्र के दौरान जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि अलबत्ता ये स्वास्थ्य संकट विभाजन के लिये भी एक असाधारण शक्ति साबित हुआ है.

75वाँ सत्र: बांग्लादेश का रोहिंज्या मुद्दे पर व्यापक अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई का आग्रह

बांग्लादेश की प्रधानमन्त्री शेख़ हसीना ने देश में रोहिंज्या शरणार्थियों की मदद के लिये मज़बूत अन्तरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता की पुकार लगाई है ताकि रोहिंज्या समुदाय के लोगों की म्याँमार वापसी सुनिश्चित हो सके.  बांग्लादेश में इस समय दस लाख रोहिंज्या रह रहे हैं जो मुख्यत: मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय से हैं और राष्ट्रविहीन हैं.