यूएन मामले

'यौन हिंसा क़तई बर्दाश्त नहीं'

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा है कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न माहौल में महिलाओं और लड़कियों के ख़िलाफ़ हिंसा और उनके साथ बलात्कार के मामले बहुत तेज़ी से बढ़े हैं. पुरुषों और लड़कों को इस मुद्दे पर अपनी ज़िम्मेदारी समझनी होगी. आमिना जे मोहम्मद का वीडियो सन्देश...

योगाभ्यास की एक झलक

इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय दिवस रविवार, 21 जून को मनाया गया. कोविड-19 महामारी के कारण ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र योग से सम्बन्धित ज़्यादातर गतिविधियाँ और आयोजन ऑनलाइन मंचों पर आयोजित किए गए. भारत के स्थाई उपप्रतिनिधि नागराज नायडू की योग गतिविधियाँ...

शान्तिरक्षा में महिलाओं का बढ़ता योगदान

संयुक्त राष्ट्र की शान्तिरक्षा सुरक्षा कार्यों की आधारशिला है और महिला शान्तिरक्षक इसकी सफलता की कुन्जी हैं. आज के दौर में संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा में नेतृत्व के पदों पर पहले से कहीं ज़्यादा महिलाएँ आसीन हैं. इसमें महिलाएँ सेना, पुलिस और नागरिक समाज का अंग बनकर संयुक्त राष्ट्र में कार्यरत हैं. संयुक्त राष्ट्र शान्ति व्यवस्था, “महिला, शान्ति और सुरक्षा” पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है. इसके तहत महिला अधिकारों को पूर्ण रूप से पाने के लिए महिलाओं को निर्णायक भूमिका में रहना होगा और अपने देशों में शान्तिरक्षकों की भूमिका भी निभानी होगी. निर्णय लेने में महिलाओं का सार्थक समावेश प्रभावशीलता को बढ़ाता है व नए दृष्टिकोण और समाधान उत्पन्न करता है, अधिक संसाधन पैदा करता है और हमारे प्रयासों को मज़बूत करता है.

 

देखें ये वीडियो फ़ीचर...

हम किसी से कम नहीं - मेजर सुमन

दक्षिण सूडान में यूएन मिशन में एक सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में ज़िम्मेदारी सम्भालने वालीं और भारतीय सेना में मेजर सुमन गवानी का कहना है कि महिला शान्तिरक्षक किसी से पीछे नहीं हैं और यूएन शान्तिरक्षा अभियानों में महिलाओं की मज़बूत भागीदारी ही उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति की परिचायक है. मेजर गवानी को लैंगिक समानता पर उत्कृष्ट कार्य के लिए ब्राज़ील की नौसेना अधिकारी कमान्डर कार्ला मोन्तिएरो डी कास्त्रो अराउजो के साथ वर्ष 2019 के लिए संयुक्त रूप से 'यूएन मिलिट्री जैन्डर एडवोकेट ऑफ़ द ईयर' अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. 

 

मेजर सुमन गवानी ने यूएन न्यूज़ हिन्दी की अंशु शर्मा के साथ एक ख़ास बातचीत में बताया कि शान्तिरक्षकों को अपने दैनिक कार्यों में लैंगिक ज़रूरतों और परिप्रेक्ष्यों को समाहित करना चाहिए और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के प्रयास करने चाहिए...

दुष्प्रचार व नफ़रत से टक्कर

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने गुरुवार को ‘Verified’ यानि ‘प्रमाणिक’ मुहिम की शुरुआत की है जिससे डिजिटल माध्यमों पर भरोसेमन्द और सटीक जानकारी की मात्रा और पहुँच बढ़ाने के लिए ‘डिजिटल फ़र्स्ट रिस्पॉन्डर्स’ की एक टीम तैयार की जाएगी.  “हम अपने वर्चुअल माध्यमों में अपनी जगह उन लोगों के लिए नहीं छोड़ सकते जो झूठ, डर और नफ़रत फैलाते हैं.”

यूएन न्यूज़-आपकी उंगलियों पर

 यूएन न्यूज़ ऐप (UN Newsreader) संयुक्त राष्ट्र के बारे में दैनिक समाचारों और गतिविधियों की ताज़ा जानकारी के लिए सटीक मंज़िल है. यहाँ न्यूज़ स्टोरीज़ व मल्टीमीडिया के ज़रिए पूरी यूएन कवरेज मौजूद रहती है. इस बहुभाषी ऐप के ज़रिए आप अरबी, चीनी, अंग्रेज़ी, फ्रेंच, हिन्दी, किस्वाहिली, पुर्तगाली, रूसी और स्पैनिश भाषा में यूएन समाचार देख सकते हैं.

कोविड-19 के बारे में कुछ सवाल-जवाब

वैश्विक महामारी कोविड-19 का प्रकोप दुनिया भर में फैल गया है जिसके कारण बहुत सी भ्रान्तियाँ और उत्सुकताएँ भी जागी हैं. लेकिन इसकी रोकथाम और इलाज के बारे में अब भी बहुत से प्रश्न अनुत्तरित हैं. कुछ सवालों के जवाब न्यूयॉर्क सिटी स्थित एक डॉक्टर की ज़ुबानी... 

MedMon बनाने वाली स्वाति

फ़ोर्ब्स प्रकाशन रचनात्मक व साहसिक मस्तिष्कों के धनी ऐसे युवाओं को सम्मानित करता है जो ख़ुद की महारत वाले क्षेत्रों में नई इबारत लिखते हैं. WHO में एक तकनीकी अधिकारी स्वाति आयंगर ने भी MedMon उपकरण बनाकर एक ऐसा करिश्मा कर दिखाया है. ख़ास बातचीत यूएन न्यूज़ हिन्दी ने उनसे जानना चाहा कि ये उपकरण बनाने का विचार कैसे आया...

कोविड-19: बच्चों को जोखिमों से बचाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोरोनावायरस महामारी के कारण करोड़ों बच्चे कई तरह के ख़तरों में फँस गए हैं. उनकी औपचारिक शिक्षा बाधित हुई है तो घरों तक सीमित रहने के कारण घरेलू हिंसा के शिकार और असहाय दर्शक बनने को मजबूर हैं. साथ ही इंटरनेट ने भी उनकी सुरक्षा को अलग तरह से ख़तरे में डाल दिया है. वीडियो संदेश...

'Misinfo-demic': ख़तरे की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ऐसे समय जब दुनिया घातक विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 से जूझ रही है, और लोगों की ज़िंदगियाँ बचाने के लिए स्पष्ट तथ्यों की तलाश जारी है, उस समय मिस-इन्फ़ोडेमिक (Misinfo-demic) भी फैल रही है. भरोसे की वैक्सीन है इसका सटीक इलाज. वीडियो संदेश...