यूएन मामले

यूएन महासभा का 75वाँ ऐतिहासिक सत्र

संयुक्त राष्ट्र की स्थापना को 75 वर्ष पूरे हो चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा का वार्षिक सितम्बर होता है और वर्ष 2020 का ये सत्र कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में पहली बार वर्चुअल होगा. इस ऐतिहासिक सत्र में वैश्विक महामारी, जलवायु संकट और बढ़ती असमानता के परिपेक्ष्य में, दुनिया भर के नेता, वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए वर्चुअल चर्चा में भाग लेंगे.

यूएन महासभा: 'अभूतपूर्व हालात' में लोगों की सेवा के लिये निरन्तर प्रयासरत

कोविड-19 महामारी के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अभूतपूर्व परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन और ज़रूरी सेवाएँ सुनिश्चित करने के लिये अपने प्रयास निरन्तर जारी रखे हैं. यूएन महासभा अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद-बाँडे ने 74वें सत्र के समापन पर मंगलवार को मौजूदा सत्र के अहम कार्यक्रमों का उल्लेख किया और आगामी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी है. 

वीरान गलियारे, मगर व्यस्त कार्यक्रम, महासभा का 75वाँ सत्र वर्चुअल 

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की इमारत के गलियारों में इस वर्ष किसी राष्ट्राध्यक्ष से अनजाने में टकरा जाने का मौक़ा नहीं मिलेगा, या फिर दुनिया भर की मशहूर और प्रमुख हस्तियों का जमावड़ा देखने की ख़्वाहिश अधूरी ही रह जाएगी, ना ही मुख्यालय के समानान्तर गुज़रने वाली सड़क प्रथम एवेन्यू पर अमरीकी राष्ट्रपति का बेहद लम्बा काफ़िला इस वर्ष नज़र आएगा...

यूएन की भूमिका की कुछ झलकियाँ

संयुक्त राष्ट्र हर साल एक छोटे आकार का कार्ड प्रकाशित करता है, जिसमें दस सरल उदाहरणों के ज़रिये ये बताया जाता है कि इस वैश्विक संगठन ने दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाने में कैसे मदद की. संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर इस वर्ष, इसमें एक ग्यारहवीं वजह भी जोड़ी गई यानि कोविड-19 महामारी से मुक़ाबला.

 

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यूएन में भारत के कुछ ऐतिहासिक पल...

26 जून 1945 को संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर हस्ताक्षर करने वाले 50 देशों में से एक भारत भी था. दूसरे विश्व युद्ध के बाद, सभी राष्ट्र पहली बार एकजुट हुए. सभी राष्ट्र, आने वाली पीढ़ियों को युद्ध की विभीषिका से बचाने, मानवाधिकारों और पुरुषों व महिलाओं के समान अधिकारों के प्रति दोबारा विश्वास क़ायम करने व बड़े और छोटे राष्ट्रों के लिए समान रूप से, न्यायसंगत शर्तें स्थापित कर तथा स्वतन्त्र रूप से सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्ध थे.


ऐतिहासिक सैन फ्रांसिस्को सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व, रामास्वाराई मुदालियर ने किया, जिन्होंने चार्टर पर हस्ताक्षर भी किए. फिर 15 अगस्त, 1947 को, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आज़ाद भारत का झंडा फहराया गया और 54 देशों के बीच भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपना यथोचित स्थान हासिल किया. 
 

यूएन चार्टर: चुनौतीपूर्ण दौर में संयुक्त राष्ट्र के मज़बूत स्तम्भ की 75वीं वर्षगाँठ

दशकों पहले युद्ध की विभीषिका और बर्बादी झेल रही दुनिया में संयुक्त राष्ट्र चार्टर ने नियम आधारित व्यवस्था, शन्ति और आशा का संचार करने में अहम भूमिका निभाई थी. यूएन चार्टर पर हस्ताक्षर के 75 वर्ष पूरे होने पर महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक महामारी, विषमता व हिंसा की चुनौतियों के बीच चार्टर के मूल्यों और शान्तिपूर्ण सहअस्तित्व की अवधारणा की प्रासंगिकता बनी हुई है. 

यूएन चार्टर: रहनुमा

 विश्व में मौजूद चुनौतियों के सामने डटकर खड़ा होना तो ज़रूरी है, मगर समस्याओं का हल निकलाना भी उतना ही ज़रूरी है. और ये रहनुमाई मुहैया कराता है संयुक्त राष्ट्र चार्टर जिस पर 75 वर्ष पहले दस्तख़त किये गए थे. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने 26 जून को यूएन चार्टर दिवस के मौक़े पर वीडियो सन्देश में कहा है कि चार्टर के सिद्धान्त आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं...

शरणार्थियों को समर्पित इमोजी

आइवरी कोस्ट के एक युवा कलाकार और डिज़ाइनर गैब्रे ओ'प्लेरुओ ने विविधता व एकजुटता का संगम दिखाने के लिए अदभुत इमोजी बनाई हैं. उन्होंने शरणार्थियों की तकलीफ़ों को बयान करने वाली 365 इमोजी भी बनाई हैं, यानि साल में हर दिन के लिए एक इमोजी. गैब्रे का कहना है कि उनके परिवार के जानने वाले बहुत से लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा इसलिए वो शरणार्थियों के हालात के बारे में जागरूकता फैलाने में इच्छुक हैं...

योग से शान्ति व सन्तुलन

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़), न्यूयॉर्क में कार्यरत, सिल्के वॉन ब्रोकहौसन के अनुसार कोविड-19 से उत्पन्न संकट के इस समय में योग से उन्हें शान्त, सन्तुलित और संगठित रहने में मदद करता है. योग करने के लिए किसी ख़ासियत की दरकार नहीं है. योगाभ्यास की कुछ झलकियाँ...

योगाभ्यास: विश्व को भारत का अनुपम उपहार

योग मन, तन और आत्मा के बीच अदभुत तारतम्य बिठाता है जिससे अन्ततः अच्छा शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य हासिल किया जा सकता है. दुनिया को योग की अनुपम भेंट देने वाले भारत में संयुक्त राष्ट्र की रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन का छठे अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस पर सन्देश. कुछ योगाभ्यास झलकियों के साथ...