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बिजली से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन

एशिया के कई देशों में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन की बढ़ती मात्रा एक बड़ी समस्या है. इन ख़तरों से निपटने में बिजली चालित वाहन एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं और इसी उद्देश्य से भारत सहित कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली नीतियां अपनाने की दिशा में काम किया जा रहा है.

टिकाऊ विकास की राह में एशिया-प्रशांत का 'निर्णायक नेतृत्व'

एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों को टिकाऊ विकास के 2030 एजेंडा को पूरा करने और सशक्तिकरण, समावेशिता व समानता सुनिश्चित करने के लिए ठोस और साहसिक कदमों की ज़रूरत है. बैंकॉक में एक बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव अमीना मोहम्मद ने कहा कि क्षेत्रीय देश इस दिशा में निर्णायक नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहे हैं.

टिकाऊ विकास लक्ष्य-8: अच्छा और उपयुक्त कार्य एवं आर्थिक वृद्धि

2030 के लिए टिकाऊ विकास एजेंडा का मूल मंत्र है 'कोई पीछे छूटने न पाए’. एक न्यायोचित और निष्‍पक्ष दुनिया के निर्माण के लिए आर्थिक वृद्धि का समावेशी होना अनिवार्य है. टिकाऊ विकास एजेंडे के आठवें लक्ष्‍य के पीछे यही सोच है. इसका उद्देश्‍य 2030 तक सबसे कम विकसित देशों में निरन्‍तर 7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर कायम रखना और 2030 तक हर जगह सभी पुरुषों और महिलाओं के लिए पूर्ण एवं उत्‍पादक रोज़गार हासिल करना है.

हिंसा से ज़्यादा घातक है बच्चों के लिए गंदा पानी

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने अपनी नई रिपोर्ट में कहा है कि हिंसा से त्रस्त कई देशों में बच्चों को साफ़ और सुरक्षित पानी का न मिल पाना, उनके लिए वहां जारी लड़ाई से कहीं ज़्यादा ख़तरनाक है. 'विश्व जल दिवस’ के अवसर पर जारी इस रिपोर्ट के अनुसार स्वच्छ पानी के अभाव में होने वाली मौतों का आंकड़ा हिंसा का शिकार होने वाले बच्चों से कहीं ज़्यादा है.

2019 को अभिनव समाधानों का साल बनाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र उपमहासचिव अमीना जे. मोहम्मद ने कहा है कि 2019, दुनिया को रूपान्तरित कर देने वाले समाधानों और जलवायु परिवर्तन के हानिकारक प्रभावों से बचाने में मदद करने वाला साल साबित हो सकता है.  इससे पारिस्थितिकी तंत्रों, वैश्विक अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और सुरक्षा को पनप रहे ख़तरों से निपटने में मदद मिलेगी. 

पर्यावरणीय कार्रवाई के अभाव में मानव स्वास्थ्य को गंभीर ख़तरा

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि पर्यावरण को इतनी गंभीर क्षति पहुंची है कि अगर ज़रूरी कदम नहीं उठाए गए तो लोगों के स्वास्थ्य पर इसके दुष्परिणाम बढ़ते जाएंगे. पिछले पांच सालों में पर्यावरण की मौजूदा स्थिति पर तैयार की जाने वाली यह सबसे व्यापक समीक्षा है.

'ख़ामोश हत्यारा' बन गया है वायु प्रदूषण

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग ने  कहा है कि दुनिया में छह अरब लोग नियमित रूप से प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं जिससे उनके जीवन, स्वास्थ्य और कल्याण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. नवीनीकृत ऊर्जा का इस्तेमाल इस सदी के अंत तक 15 करोड़ जिंदगियों को बचाने में सहायक साबित हो सकता है.

संकट में है समुद्री जीवन

कई ख़तरों से जूझ रहे समुद्री जीवन पर ज़बरदस्त असर पड़ रहा है लेकिन उसके संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं. रविवार को 'विश्व वन्यजीव दिवस 2019' मनाया जा रहा है और यह पहली बार है जब इस दिवस के तहत समुद्री जीवन पर ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है. 

'प्रवासन और टिकाऊ विकास में निकट संबंध'

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष मारिया फ़र्नान्डा एस्पिनोसा ने कहा है कि प्रवासन और टिकाऊ विकास के मुद्दे गहराई तक आपस में जुड़े हुए हैं.. ऐसे में टिकाऊ विकास लक्ष्यों से जुड़ा संयुक्त राष्ट्र का 2030 एजेंडा तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक उसमें व्यापक रूप से प्रवासियों को सम्मिलित न किया जाए. 

टिकाऊ विकास लक्ष्यों के लिए विज्ञान में महिलाओं की भागीदारी ज़रूरी

विज्ञान और तकनीक से जुड़े विषयों और करियर विकल्पों में  महिलाओं और लड़कियों की संख्या बढ़ाना बेहद अहम है और इससे टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिल सकती है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विज्ञान में महिलाओं एवं बालिकाओं के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर कहा है कि दुनिया की आधी आबादी को इन क्षेत्रों में उनकी भागीदारी और उनके अहम योगदान से वंचित नहीं रखा जा सकता.