एसडीजी

जैवविविधता शिखर बैठक – ‘भावी पीढ़ियों के फलने-फूलने’ के लिये प्रकृति को स्वस्थ रखना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मानवता प्रकृति के मुक़ाबिल एक युद्ध लड़ रही है जिस पर तत्काल विराम लगाए जाने और पर्यावरण के साथ इनसानों के सम्बन्ध को पुनर्स्थापित किये जाने की आवश्यकता है. बुधवार को जैवविविधता मुद्दे पर आयोजित एक अहम शिखर बैठक में पर्यावरण कार्यकर्ताओं और शीर्ष यूएन अधिकारियों ने टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिये जैविक संरक्षण की पुकार लगाई है. 

महासभा: जनरल डिबेट सम्पन्न, कोविड-19 के कारण 75वाँ सत्र इतिहास में दर्ज

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष (PGA) वोल्कान बोज़किर ने जनरल डिबेट का समापन करते हुए कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि वैश्विक नेता व प्रतिनिधि महासभा के वार्षिक सत्र में व्यक्तिगत मौजूदगी के साथ शिरकत नहीं कर पाए. मंगलवार को उन्होंने कहा कि फिर भी कोविड-19 से बचने के लिये किये गए ऐहतियाती उपाय बहुपक्षवाद को उच्चतम स्तर पर होने से नहीं रोक पाए.

काँच की बोतलें और उदित सिंघल

दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं. काँच के कूड़े की समस्या भी प्लास्टिक के कूड़े जैसी न बन जाए, इस विचार के साथ उदित सिंघल ने भारत की राजधानी दिल्ली में, 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Glass2Sand की स्थापना की. तब उदित सिंघल की उम्र 17 वर्ष थी.

उदित सिंघल ने तब से लेकर अब तक लगभग 8 हज़ार काँच की बोतलों को कूड़ा घर (Landfill) में जाने से रोका है, और उन बोतलों को 4 हज़ार 800 किलोग्राम उच्च ग्रेड सिलिका रेत में परिवर्तित करने में सफलता हासिल की है. उदित सिंघल, अपनी इस पहल को स्वयंसेवक नेटवर्क के माध्यम से फैलाकर, पूरे दिल्ली शहर को, बोतलों से छुटकारा दिलाने की मुहिम में जुटे हैं. 

यूएन न्यूज़ हिन्दी ने उदित सिंघल से सम्पर्क करके, टिकाऊ विकास पर उनके कार्य को लेकर विस्तार से बातचीत की.... (वीडियो)

बन्द करनी होगी भोजन बर्बादी, यूएन महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में भोजन की बर्बादी और अपशिष्ट कम करने के लिये नए तरीक़े व समाधान अपनाने की सख़्त ज़रूरत है. महासचिव ने मंगलवार, 29 सितम्बर को ये सन्देश भोजन की बर्बादी और अपशिष्ट कम करने के बारे में जागरूकता बढ़ाने वाले प्रथम अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर दिया है.

कोविड-19: मृतक संख्या दस लाख, 'दिमाग़ों को सुन्न कर देने वाला एक पड़ाव'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के कारण होने वाली मौतों की संख्या 10 लाख होने पर कहा है कि निसन्देह, ये आँकड़ा, एक तकलीफ़देह पड़ाव के रूप में हमारे दिमाग़ों को सुन्न करने वाला है, मगर विश्व को हर एक इनसान की ज़िन्दगी को नज़रों से ओझल नहीं होने देना होगा.

जैवविविधता और प्रकृति संरक्षण के लिये तात्कालिक कार्रवाई का आहवान

पर्यावरण जगत के संरक्षण के लिये प्रयासों में जुटे संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने इस सप्ताह हो रही एक महत्वपूर्ण जैवविविधता शिखर वार्ता से ठीक पहले तात्कालिक कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है. इस बैठक में विश्व नेताओं द्वारा पर्यावरण संरक्षा के लिये अपने संकल्पों को मज़बूती दिये जाने की उम्मीद है. 

75वाँ सत्र: ब्रिटेन की ओछे मतभेद भुलाकर, साझा दुश्मन के ख़िलाफ़ एकजुटता की पुकार

ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि कोविड-19 महामारी ने मानवता में अभूतपूर्व तरीक़े से एकता पैदा कर दी है. यूएन महासभा के वार्षिक 75वें सत्र के दौरान जनरल डिबेट को दिये वीडियो सन्देश में उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि अलबत्ता ये स्वास्थ्य संकट विभाजन के लिये भी एक असाधारण शक्ति साबित हुआ है.

75वाँ सत्र: यूएन ढाँचे में सुधार - वक़्त की ज़रूरत, भारतीय प्रधानमन्त्री

भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक चुनौतियों और संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे व आकार को देखते हुए इस विश्व संगठन में सुधार किया जाना, समय की ज़रूरत बताया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में शनिवार को जनरल डिबेट के लिये दिये अपने वीडियो सन्देश में प्रधानमन्त्री ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का सामना करने में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका उपयुक्त रही है, लेकिन ये भी सवाल दरपेश है कि इस साझा लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र कहाँ खड़ा है? उसकी प्रभावी प्रतिक्रिया कहाँ है?

 

समावेश व लोगों की ज़्यादा सहभागिता से शासन नीतियाँ बेहतर होंगी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ना केवल कोविड-19, बल्कि जलवायु परिवर्तन, ज़्यादा भागीदारी वाली राजनीति व मानवाधिकारो के लिये जद्दोजहद, और कम होता सार्वजनिक अविश्वास, इन सभी चुनौतियों ने समाजों को कड़ी निगरानी के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है जिन्हें सामाजिक व आर्थिक अन्यायों ने अपनी चपेट में ले रखा है.

यूएन महासभा का 360 डिग्री नज़ारा

संयुक्त राष्ट्र महासभा विश्व पंचायत का काम करती है जहाँ सभी देशों के नेताओं को अपनी बात कहने के लिये मंच मिलता है. महासभा एक स्थान है जहाँ हर देश को समान महत्व व दर्जा हासिल है और किसी भी प्रस्ताव ये मुद्दे पर सभी देशों को मतदान का बराबर अधिकार है. यहाँ देखिये महासभा का 360 डिग्री नज़ारा, कवि डब्ल्यू एच ऑडेन की एक प्रशंसा कविता के साथ...