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यूएन मुख्यालय में युवा कार्यकर्ताओं द्वारा साहसिक जलवायु कार्रवाई की माँग

शनिवार को छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अगले सप्ताह महासभा की चर्चा में शिरकत करने के लिए आने वाले विश्व नेताओं के सामने ये ज़ोरदार माँग रखी कि वो समय बर्बाद करना बंद करें और कार्बन उत्सर्जन की रोकथाम के लिए ठोस क़दम उठाएं, नहीं तो उन्हें मतदान के ज़रिए हरा दिया जाएगा. 

भूमि की उर्वरता बहाल करने की योजना पर सहमति

मरुस्थलीकरण रोकने और भूमि को फिर से उपजाऊ बनाने के प्रयासों को मज़बूती देने के इरादे से कांफ्रेंस ऑफ़ पार्टीज़ यानी कॉप-14 सम्मेलन में ठोस कार्रवाई की पहल की गई है. सम्मेलन के अंतिम दिन शुक्रवार को ‘दिल्ली घोषणापत्र’ जारी किया गया जिसके तहत वर्ष 2030 तक ‘लैंड डिग्रेडेशन न्यूट्रैलिटी’ हासिल करना यानी भूमि क्षय के स्तर को स्थिर रखना अब देशों की राष्ट्रीय कार्ययोजनाओं में शामिल होगा.

टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर प्रगति के लिए दिशा में बदलाव पर ज़ोर

संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञों ने अपनी एक रिपोर्ट में रेखांकित किया है कि वैश्विक विकास का मौजूदा मॉडल अगर आगे भी जारी रहा तो इससे दशकों में हासिल की गई प्रगति ख़तरे में पड़ सकती है. रिपोर्ट के अनुसार लोगों और प्रकृति के बीच रिश्ते में बुनियादी और त्वरित बदलाव  लाकर मानव कल्याण को हासिल किया जा सकता है और ग़रीबी का उन्मूलन भी संभव है. संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग (UNDESA) द्वारा जारी यह रिपोर्ट टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर इस महीने होने वाली बैठक में चर्चा के केंद्र में रहेगी.

महासभा का 74वां सत्र

संयुक्त राष्ट्र महासभा हर साल वार्षिक सत्र के लिए एकत्र होती है जिसमें देशों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी बात बाक़ी प्रतिनिधियों के सामने रखते हैं. हर देश के प्रतिनिधि को बिना किसी बाधा के अपनी बात रखने का मौक़ा मिलता है. यही वो जगह है जहाँ इतिहास बनता है.

हर 40 सेकंड में एक आत्महत्या, अब भी!

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि देशों में राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सुधारों में प्रगति होने के बावजूद हर 40 सेकंड में आत्महत्या से एक व्यक्ति की मौत हो जाती है. संगठन के निदेशक ने दुनिया भर में आत्महत्याओं के अनुमानों के बारे में सोमवार को एक नई रिपोर्ट जारी करते हुए ये बात कही.

साक्षरता दिवस: असरदार शिक्षा के लिए मन-मस्तिष्क को जोड़ना ज़रूरी

संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक व सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की अध्यक्ष ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरत दिवस पर अपने संदेश में कहा है कि असरदार शिक्षा विस्तार के लिए ज़रूरी है कि लोगों के मस्तिष्क और मन दोनों के साथ तालमेल बिठाया जाए. ये दिवस हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है.

महात्मा गांधी का पथप्रदर्शक संदेश आज भी प्रकाशमान है - उपमहासचिव

"एक शांतिपूर्ण और टिकाऊ विश्व के लिए महात्मा गाँधी का चिरमय व पथप्रदर्शक संदेश आज भी प्रकाशमान है. उनका जीवन अहिंसक और सामाजिक सौहार्द्र के समय में नैतिक साहस की प्रेरणा देता है और हमें याद दिलाता है कि प्रभावशाली लोगों की गतिविधियाँ और आंदोलन किस तरह सामाजिक बदलावों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकते हैं."

भूमि प्रबंधन पर संयुक्‍त राष्ट्र सम्‍मेलन - कॉप-14 भारत में शुरू

भूमि को जलवायु परिवर्तन के ख़तरों से बंजर होने से बचाने के लिए कान्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ यानी कॉप का 14वां सम्मेलन भारत में सोमवार को आरंभ हुआ. 2 से 13 सितंबर तक राजधानी दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा में होने वाले इस सम्मेलन में लगभग 196 देश शिरकत कर रहे हैं जो बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के तरीक़ों पर मंथन करेंगे.

'दशकों में हासिल हुई प्रगति कुछ ही घंटों में ख़त्म हो सकती है'

प्राकृतिक आपदाएँ जिस तरह विकास को नकारती हैं, शायद ही कोई और वजह ऐसा करती हो, ये कहना है संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश का जिन्होंने सातवें टोकियो अंतरराष्ट्रीय अफ्रीका विकास सम्मेलन के दूसरे दिन प्रतिभागियों को संबोधित किया. इस सम्मेलन का ये सातवां वर्ष है.

'अवसरों और संभावनाओं से भरपूर महाद्वीप है अफ्रीका'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि अफ्रीकी देशों ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान विकास प्रयासों में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अफ्रीका में हमें अवसरों का एक ऐसा महाद्वीप नज़र आता है जहाँ उम्मीदों की बयार चल रही है जो बहुत सघन है.