एसडीजी

दिल्ली में एसडीजी जागरूकता प्रदर्शनी

संयुक्त राष्ट्र के टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दिल्ली के एक स्कूल में एक रोचक प्रदर्शनी आयोजित की गई. संरक्षण नामक इस प्रदर्शनी में छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के साथ-साथ अन्य तरीक़ों का भी सहारा लिया. प्रदर्शनी की एक झाँकी...

साँसों के लिए साफ़ हवा की ख़ातिर

पर्यावरण प्रदूषण और वायु की गुणवत्ता के बारे में जाकरूकता बढ़ाने के इरादे से दिल्ली में 23 जुलाई 2019 को क्लीन एयर इनिशिएटिव यानी स्वच्छ वायु पहल लाँच की गई. इस पहल को जलवायु कार्रवाई सम्मेलन 2019 के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष दूत एम्बेसेडर लुइस अल्फ़ोंसो डी अल्बा ने लाँच किया. अंशु शर्मा की रिपोर्ट...

भारत में विकलांग बच्चों की शिक्षा स्थिति

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने भारत में विकलांग बच्चों की शिक्षा की स्थिति के बारे में व्यापक आँकड़े जुटाए हैं. सर्वे में कहा गया है कि विकलांग बच्चों को उचित शिक्षा मुहैया कराने में काफ़ी प्रगति हुई है लेकिन अभी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है. ख़ासतौर से ऐसे मौक़े पर जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार विमर्श हो रहा है. इसी विषय पर अंशु शर्मा की एक रिपोर्ट... (मल्टीमीडिया सामग्री साभार: यूनेस्को)

एसडीजी के लिए भारत की सक्रियता

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने में सक्रिय योगदान की प्रतिबद्धता दर्ज कराई है. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के उच्च स्तरीय राजनैतिक मंच में भाग लेने के लिए मुख्यालय में आए नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजीव कुमार से यूएन समाचार ने ख़ास बातचीत की और यही जानना चाहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों में भारत किस तरह और कितना योगदान कर रहा है. रिपोर्टर महबूब ख़ान.

काहिरा कार्यक्रम लागू करने में युवाओं की असरदार भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जनसंख्या और विकास के मुद्दे पर 'काहिरा कार्यक्रम' को प्रभावी रूप से लागू करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है. 1994 में हुए काहिरा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

समावेशन है टिकाऊ विकास लक्ष्यों की कुंजी

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में उच्च-स्तरीय राजनैतिक मंच की मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विकास प्रक्रिया में समावेशिता की ज़रूरत पर बल दिया है. उन्होंने कहा कि आधी आबादी के पास जितनी संपत्ति है, उतनी ही संपत्ति सिर्फ़ कुछ ही लोगों के पास होने पर सवाल उठना लाज़िमी है और कि तमाम प्रयासों के बावजूद टिकाऊ विकास लक्ष्यों को हासिल करने से अभी दुनिया पीछे है.

विश्व भर में 82 करोड़ लोग भुखमरी से पीड़ित

दुनिया भर में पिछले तीन वर्षों में भुखमरी का शिकार लोगों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है – वर्तमान में हर नौ में से एक व्यक्ति भुखमरी से पीड़ित है. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (UNFAO) ने सोमवार को एक नई रिपोर्ट ‘स्टेट ऑफ़ फ़ूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन इन द वर्ल्ड 2019’ जारी की है जिसमें यह जानकारी सामने आई है.

सोमालीलैंड में यूनीसेफ़ का सघन स्कूली शिक्षा कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनीसेफ़) ने कहा है कि सोमालीलैंड में लगातार जारी संकट की वजह से शिक्षा की उपलब्धता बहुत सीमित हो गई है और 50 प्रतिशत से भी ज़्यादा बच्चे स्कूलों से बाहर हैं. यूनीसेफ़ ने बच्चों के लिए शिक्षा आसान बनाने के वास्ते सरकार और वैश्विक कोष – Education Cannot Wait के साथ मिलकर व्यापक कार्यक्रम शुरू किया है.

ग़रीबी और पर्यावरण चुनौतियों के लिए वैश्विक प्रयास ‘काफ़ी नहीं’ रहे हैं - यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ग़रीबी और पर्यावरण संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए साल 2015 में विश्व नेताओं ने जो लक्ष्य निर्धारित किए थे उन्हें हासिल करने के लिए प्रयासों में समुचित महत्वाकांक्षा नज़र नहीं आई है. महासचिव ने  17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने के प्रयासों में हुई प्रगति पर ताज़ा रिपोर्ट में ये विचार व्यक्त किए हैं. 

"बात करने और सीखने का असाधारण मौक़ा"

“हमारे पास एक दूसरे से बात करने का और एक दूसरे से सीखने का असाधारण अवसर है” ये कहना है संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (इकोसॉक) की अध्यक्ष इन्गा रहोंडा किंग का. उन्होंने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर उच्च स्तरीय राजनैतिक फ़ोरम (एचएलपीएफ़) का उदघाटन करते हुए ये विचार व्यक्त किए.