एसडीजी

हानिकारक खाद्य प्रणालियों की कायापलट करने के लिये नई योजना

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया की खाद्य प्रणालियों में रूपान्तरकारी बदलाव लाने के लक्ष्य से सोमवार को एक नई योजना शुरू  की है. ‘विश्व खाद्य सप्ताह’ के दौरान इस सन्दर्भ में कार्यक्रमों की शुरुआत हुई जिनकी अन्तिम कड़ी के रूप में अगले वर्ष सितम्बर में एक शिखर बैठक आयोजित की जाएगी. 

आपराधिक तत्व कोविड-19 की स्थिति से फ़ायदा उठाने की ताक में

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ऐसे में जबकि आपराधिक समूह कोविड-19 महामारी से उत्पन्न संकटपूर्ण स्थिति का दोहन अपने फ़ायदे के लिये करने की जुगत में लगे हैं, ये बहुत ज़रूरी है कि तमाम देश मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी और सीमा-पार के अपराधों का मुक़ाबला करने के लिये संयुक्त राष्ट्र की सन्धि के मुताबिक़ कार्रवाई करें.

प्लास्टिक के विकल्प की तलाश

संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये विभिन्न देशों के 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इन्हीं में से एक हैं, बांग्लादेश के ज़हीन रज़ीन. टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में अपना योगदान देने के बारे में उनके काम, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में उनके विचार, उन्हीं की ज़ुबानी... (वीडियो)

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (UHC) की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है अब

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड -19 महामारी ने दिखा दिया है कि स्वास्थ्य प्रणालियाँ काफ़ी नहीं हैं और कमज़ोर बुनियादी ढाँचे और स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिये समान रूप से उपलब्ध नहीं होना कुछ ऐसे मुख्य कारण हैं कि कोरोनावायरस दस लाख से ज़्यादा लोगों की मौत और उसकी लगभग 30 गुना ज़्यादा संख्या को संक्रमित करने का कारक बना है.

अन्तरिक्ष सैक्टर कोविड-19 के दौरान समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मददगार

संयुक्त राष्ट्र की वृहद अन्तरिक्ष मामलों के लिये एजेंसी (UNOOSA) की अध्यक्ष सिमोनेट्टा डी पिप्पो ने कहा है कि अन्तरिक्ष सैक्टर में दशकों के दौरान हुए विकास का सदुपयोग कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों में किया जा रहा है, जिससे देशों को उनके नागरिकों को सुरक्षित रखने और अर्थव्यवस्थाओं को पटरी पर रखने में मदद मिल रही है.

कोविड-19: ओड़ीशा में आदिवासी छात्रों की शिक्षा के लिये एक नवीन पहल

कोविड-19 महामारी के कारण दुनियाभर में स्कूल बन्द होने से करोड़ों छात्रों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ा – ख़ासतौर पर कमज़ोर समुदायों के बच्चों पर इसकी दोहरी मार पड़ी है और तकनीक तक पहुँच न होने के कारण वो दूरस्थ शिक्षा के लाभ से भी वंचित रहे हैं. वंचित समुदायों के बच्चों तक शिक्षा साधन पहुँचाने के इरादे से, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने भारत सरकार के साथ मिलकर, एक अभिनव शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है. शिक्षकों के उत्साह से सफल हुए नवीन शिक्षण कार्यक्रम की एक प्रेरक कहानी, विश्व शिक्षक दिवस पर.

अहिंसा दिवस और गाँधी@150

हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गाँधी के जन्म दिवस के मौक़े पर अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया जाता है. वर्ष 2020 में इस दिवस की थीम है - "गाँधी@150 - शान्ति और विकास के लिये एक अहिंसक रास्ता". संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने इस बार कोविड-19 महामारी के कारण किये गए ऐहतियाती उपायों के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअली किया. इस कार्यक्रम का वीडियो यहाँ देखिये है...

ज़्यादा समावेशी समाज बनाने के लिये बुज़ुर्गों के सुझाव और विचार सुनें, यूएन प्रमुख

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के माहौल में, दुनिया ऐसे ग़ैर-आनुपातिक और अत्यन्त गम्भीर प्रभावों का सामना कर रही है जो इस वायरस ने वृद्धजन के स्वास्थ्य, अधिकारों और रहन-सहन पर छोड़े हैं. यूएन महासचिव ने ये विचार हर वर्ष 1 अक्टूबर को मनाए जाने वाले वृद्धजन के लिये अन्तरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर व्यक्त किये हैं.

जैवविविधता शिखर बैठक – ‘भावी पीढ़ियों के फलने-फूलने’ के लिये प्रकृति को स्वस्थ रखना होगा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि मानवता प्रकृति के मुक़ाबिल एक युद्ध लड़ रही है जिस पर तत्काल विराम लगाए जाने और पर्यावरण के साथ इनसानों के सम्बन्ध को पुनर्स्थापित किये जाने की आवश्यकता है. बुधवार को जैवविविधता मुद्दे पर आयोजित एक अहम शिखर बैठक में पर्यावरण कार्यकर्ताओं और शीर्ष यूएन अधिकारियों ने टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिये जैविक संरक्षण की पुकार लगाई है. 

महासभा: जनरल डिबेट सम्पन्न, कोविड-19 के कारण 75वाँ सत्र इतिहास में दर्ज

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र के अध्यक्ष (PGA) वोल्कान बोज़किर ने जनरल डिबेट का समापन करते हुए कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि वैश्विक नेता व प्रतिनिधि महासभा के वार्षिक सत्र में व्यक्तिगत मौजूदगी के साथ शिरकत नहीं कर पाए. मंगलवार को उन्होंने कहा कि फिर भी कोविड-19 से बचने के लिये किये गए ऐहतियाती उपाय बहुपक्षवाद को उच्चतम स्तर पर होने से नहीं रोक पाए.