एसडीजी

टिकाऊ विकास पर प्रगति के आकलन के लिए नया इंडेक्स जारी

भारत में नीति आयोग ने टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर आधारित 'इंडिया इंडेक्स' का दूसरा संस्करण जारी किया है जिससे यह जानने में मदद मिलेगी कि 2030 एजेंडा को हासिल करने में भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए गए प्रयास कितना सफल रहे हैं. 

महिलाओं की ख़ातिर यूएन वीमेन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भारतीय मूल की अनीता भाटिया को मई 2019 में सहायक महासचिव नियुक्त किया था. अनीता भाटिया को विश्व भर में लैंगिक समानता, लड़कियों और महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करने वाली यूएन संस्था यूएन वीमेन की डिपुटी कार्यकारी निदेशक की ज़िम्मेदारी सौंपी है. ये पद उन्होंने अगस्त में संभाला और तभी से उन्होंने अनेक देशों का दौरा करके महिलाओं की भलाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का जायज़ा लिया है. यूएन हिन्दी न्यूज़ के साथ ख़ास बातचीत...

ख़ुराकों ने दिखाया असर, हैज़ा के मामलों में 60 फ़ीसदी कमी

दुनिया भर में हैज़ा को ख़त्म करने के उपायों में अच्छी कामयाबी मिलती नज़रआ रही है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरूवार को ख़बर दी है कि हैज़ा के ख़िलाफ़ चलाई गई अंतरराष्ट्रीय मुहिम की बदौलत इस बीमारी के मामलों में 2018 के मुक़ाबले वर्ष 2019 में 60 फ़ीसदी की कमी दर्ज की गई है.

धूम्रपान: पुरुष और लड़के छोड़ रहे हैं तंबाकू सेवन

विश्व भर में पिछले दो दशकों के दौरान तंबाकू सेवन के बढ़ते चलन के बाद अब हालात अच्छी तरफ़ मुड़ते नज़र आ रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ताज़ा और चौंकाने वाले आँकड़ों का आकलन करने के बाद कहा है कि अब पहले की तुलना में कम पुरुष और लड़के धूम्रपान कर रहे हैं.

कॉप-25: वार्ताओं में प्रगति, जलवायु महत्वाकांक्षाओं पर निराशा

कॉप-25 में चल रही वार्ताएं अंततः रविवार को समाप्त हो गईं. इनमें निजी क्षेत्र के साथ-साथ राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय सरकारों के स्तर पर ख़ासी प्रगति हुई है. अलबत्ता, जलवायु कार्रवाई के लिए महत्वाकाँक्षाएँ बढ़ाने के मुद्दे पर कोई आम सहमति नहीं हो सकी जिस पर बड़े पैमाने पर निराशा का माहौल भी देखा गया.

कॉप-25: जलवायु कार्रवाई में व्यवसायों को सहारा देने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने तमाम व्यवसायों और सिविल सोसायटी का आहवान किया है कि वो सरकारों पर ऐसी बेहतर नीतियाँ बनाने के लिए दबाव डालें जिनके ज़रिए जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने में निजी क्षेत्र के प्रयासों को भी सहारा दिया जा सके.

पहाड़ों का महत्व, ख़ासकर युवाओं के लिए!

पृथ्वी के लगभग 27 प्रतिशत हिस्से पर पहाड़ विराजमान हैं और ये भी ध्यान देने की बात है कि ये पहाड़ एक टिकाऊ आर्थिक विकास की तरफ़ दुनिया की बढ़त में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं. भविष्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2019 के अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस पर युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया है. बुधवार, 11 दिसंबर को मनाए गए इस दिवस के मौक़े पर इस वर्ष की थीम रखी गई है - Mountains matter for Youth.

हर चौथा बच्चा अब भी 'अदृश्य', मगर क्यों!

पिछले एक दशक में विश्व में ऐसे बच्चों के अनुपात में 20 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है जिनके जन्म का आधिकारिक पंजीकरण किया जाता है, इसके बावजूद पांच साल से कम उम्र के 16 करोड़ से ज़्यादा बच्चों यानी हर चार में से एक बच्चे का पंजीकरण अब भी नहीं हुआ है. अपनी स्थापना के 73 वर्ष पूरे होने पर संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की नई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है.  

'सुरक्षित भविष्य के लिए रोकना होगा मिट्टी का क्षरण'

पृध्वी पर टिकाऊ जीवन और मानव कल्याण के लिए मिट्टी का स्वस्थ होना बेहद अहम है लेकिन विश्व के सभी महाद्वीपों पर मृदा क्षरण होने से खाद्य व जल सुरक्षा और जीवन की कई बुनियादी ज़रूरतों पर ख़तरा बढ़ रहा है. इस वर्ष ‘विश्व मृदा दिवस’ के अवसर पर मिट्टी के क्षरण को रोकने और भविष्य में उसे फिर से स्वस्थ बनाने के प्रति जागरूकता के प्रसार पर ज़ोर दिया जा रहा है.

विकलांगता सम्बन्धी अधिकारों पर नेतृत्व के लिए तैयार है यूएन

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि विकलांग व्यक्तियों के अधिकार सुनिश्चित करने के विषय पर यूएन उदाहरण पेश करते हुए नेतृत्व करने के लिए तैयार है. यूएन प्रमुख ने मंगलवार, 3 दिसंबर, को 'विकलांग व्यक्तियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस' पर अपने संदेश में कहा है कि विकलांग व्यक्तियों के मानवाधिकारों की रक्षा करना टिकाऊ विकास लक्ष्यों के नज़रिए से भी महत्वपूर्ण है.