शांति और सुरक्षा

श्रीलंका में मानवाधिकार उल्लंघन के लिए जवाबदेही तय करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र  के मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह ने श्रीलंका में लैफ्टिनेंट जनरल शावेंद्र सिल्वा को देश का नया सेना प्रमुख नियुक्त किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है और श्रीलंका सरकार का आहवान किया है कि सुरक्षा क्षेत्र में और अतीत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की जाँच कराई जाए जिनमें पहले ही बहुत देर हो चुकी है.

मध्य पूर्व ‘शांति प्रक्रिया ठप’, हिंसा भड़कने का ख़तरा

मध्य पूर्व में शांति प्रयासों के लिए विशेष समन्वयक निकोलय म्लादेनॉफ़ ने कहा है कि शांति प्रक्रिया में आए गतिरोध को दूर करने और वार्ता को पुर्नजीवित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. उन्होंने क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता फैलने के ख़तरे के बीच दोनों पक्षों से अनुरोध किया है कि चरमपंथियों और कट्टरपंथियों के विरुद्ध मज़बूती दिखानी होगी.

कश्मीर में भारत सरकार से प्रतिबंध हटाने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत सरकार से उसके प्रशासन वाले कश्मीर में उन प्रतिबंधों को हटाने का आहवान किया है जो अगस्त महीने के आरंभ में लगाए गए थे. इनमें विचार व्यक्त करने पर पाबंदी, सूचना पाने और शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शनों पर प्रतिबंध शामिल हैं. 

आतंकवाद के दिए ज़ख़्म बहुत गहरे होते हैं - महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि आतंकवाद के दिए हुए ज़ख़्म बहुत गहरे होते हैं, समय बीतने पर उनकी गहराई कुछ कम हो सकती है, मगर वो ज़ख़्म कभी पूरी तरह ख़त्म नहीं होते. बुधवार को आतंकवाद के पीड़ितों की याद और श्रद्धांजलि देने के लिए मनाए गए अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौक़े पर महासचिव ने ये शब्द कहे. ये दिवस हर वर्ष 21 अगस्त को मनाया जाता है.

यमन में जीवनदायी सहायता कार्यक्रम बंद होने के कगार पर

संयुक्त राष्ट्र ने बुधवार को घोषणा की है कि उसे यमन में धन की कमी की वजह से मानवीय सहायता के अनेक कार्यक्रम बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. सदस्य देशों ने यमन में सहायता कार्यक्रमों के लिए जो रक़म देने का वादा किया था, अभी तक उस रक़म का भुगतान नहीं किया गया है.

मध्य पूर्व में 'संयम और सुलह-सफ़ाई की सख़्त ज़रूरत'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की चीफ़ डी कैबिनेट मारिया लुइज़ा वॉयटी ने कहा है कि क्षेत्र में ख़तरनाक टकराव की स्थिति को टालने के लिए संयम और शांति के लिए गंभीर बातचीत बहुत ज़रूरी है, अगर इस टकराव को नहीं रोका गया तो इसके बेहद ख़तरनाक परिणाम हो सकते हैं जिनका क्षेत्र से बाहर भी गंभीर असर हो सकता है.

यमन, वहाँ की जनता और क्षेत्र का ‘भविष्य दांव पर’

यमन में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा है कि हिंसा से बदहाल यमन विघटन के ख़तरे का सामना कर रहा है और उसके पास गँवाने के लिए बहुत ज़्यादा समय नहीं बचा है. यमन में हाल के दिनों में हुई हिंसा और नई चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि देश का भविष्य दांव पर लगा है और इसलिए शांति प्रयासों की सुस्त रफ़्तार को तेज़ किए जाने की आवश्यकता है.

हिंसा और अस्थिरता से जूझते अफ़ग़ानिस्तान की आज़ादी के 100 वर्ष

अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) के प्रमुख तादामीची यामामोतो ने कहा है कि स्वाधीनता के 100 वर्ष पूरे कर रहे अफ़ग़ानिस्तान के लिए यह एक अहम क्षण है और आने वाले दिनों में चुनावों से शांति स्थापना की दिशा में प्रगति होने की आशा है. लेकिन देश पर हिंसा और अस्थिरता का संकट अब भी मंडरा रहा है और हाल के दिनों में अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी हमलों में आम लोगों को निशाना बनाया गया है जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने कड़े शब्दों में निंदा की है.

काबुल आत्मघाती हमले में अनेक हताहत, तीखी भर्त्सना

संयुक्त राष्ट्र ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए एक बम विस्फोट की कड़ी निंदा की है जिसमें अनेक लोग हताहत हुए हैं. 17 अगस्त की शाम को हुआ ये हमला एक आत्मघाती हमलावर ने किया और हताहतों में महिलाएं व बच्चे भी हैं. 

कश्मीर पर सुरक्षा परिषद की बैठक - तीन देशों का रुख़

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर स्थिति पर शुक्रवार 16 अगस्त 2019 को गोपनीय बैठक की जिसे बंद कमरे में हुई चर्चा भी कहा गया है. इस चर्चा के बारे में परिषद की तरफ़ से कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं जारी किया गया, अलबत्ता तीन देशों - चीन, पाकिस्तान और भारत के राजदूतों ने पत्रकारों के सामने अपने-अपने देशों का रुख़ रखा.